तो फिर कौन करवा रहा है खारी, डाई और बनास नदी में बजरी खनन। संसदीय सचिव गौतम के गनमैन ने केकड़ी पुलिस को मुसीबत में डाला।

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अजमेर जिले के केकड़ी उपखंड के गुजरने वाली बनास, खारी तथा डाई नदी से बजरी खनन के आरोप लगते रहे हैं। अजमेर के कांग्रेसी सांसद रघु शर्मा ने भी गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया से बजरी खनन रोकने की मांग की है। शर्मा का तो आरोप है कि भाजपा के प्रभावशाली नेताओं के संरक्षण में नदियों से बजरी खनन हो रहा है। वहीं केकड़ी के भाजपा विधायक और संसदीय सचिव शत्रुघ्न गौतम का कहना है कि बजरी खनन की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वहीं केकड़ी पुलिस उपाधीक्षक राकेश पाल सिंह का दावा है कि केकड़ी उपखंड से गुजरने वाली नदियों से बजरी खनन नहीं हो रहा है। जब भी खनन की शिकायत मिलती है तो तत्काल छापामार कार्यवाही की जाती है। यही वजह है कि अब तक एक करोड़ रुपए की कीमत के ट्रेक्टर, डंपर आदि वाहन जब्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जो नदियां केकड़ी से गुजरती है उनका मार्ग टोंक और भीलवाड़ा जिले में भी आता है। हो सकता है कि अन्य मार्गों पर एकत्रित बजरी को केकड़ी क्षेत्र का दिखाया जा रहा हो।
गनमैन की शिकायत बनी मुसीबतः
केकड़ी के विधायक और संसदीय सचिव शत्रुघ्न गौतम के गनमैन हरिराम खटीक की शिकायत अब केकड़ी पुलिस के लिए मुसीबत बन गई है। असल में गनमैन ने ही एक वीडियो केकड़ी के डीएसपी राकेश पाल सिंह को सौंपा है। इसमें सैकड़ों ट्रेक्टरों के जरिए बजरी लाई जाती है और फिर केकड़ी उपखंड में आने वाले कृष्णगोपाल कालेड़ा गांव और उसके आसपास के क्षेत्रों में संग्रहण किया जाता है। वहीं से डम्पर और ट्रेलरों में भर कर बजरी को अजमेर, कोटा, जयपुर, भीलवाड़ा आदि जिलों में ऊंची कीमत पर बेची जाती है। डीएसपी और केकड़ी के सीआई नेमीचंद च ौधरी ने माना कि संसदीय सचिव के गनमैन की शिकायत मिली थी। वीडियो के आधार पर जांच भी की गई, लेकिन मौके पर बजरी खनन और संग्रहण दोनों ही नहीं पाया गया। केकड़ी पुलिस का यह भी कहना रहा कि गनमैन और उसके चाचा का कोई विवाद भी सामने आया है।
ऑडियो की चर्चाः
केकड़ी पुलिस बजरी खनन नहीं होने के चाहे कितने भी दावे करे, लेकिन पुलिस के ही एक सिपाही के ऑडियो ने पुलिस को और मुसीबत में डाल दिया है। केकड़ी पुलिस स्टेशन से जुड़ी बघेरा पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही इस ऑडियो में प्रति ट्रेक्टर 50 रुपए की मांग कर रहा है। सिपाही का कहना है कि यह राशि बहुत कम है। हम काम के आदमी है। जरुरत पड़ने पर बड़े बड़े काम करवा देते हैं। इस ऑडियो टेप के बारे में डीएसपी और सीआई दोनों अनभिज्ञता व्यक्त की। लेकिन कहा कि यदि किसी पुलिस कर्मी ने भ्रष्टाचार किया है। तो उसे नियमों के अनुरूप सजा मिलेगी। वहीं बघेरा पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही दिनेश विश्नोई का कहना है कि टेप में उसकी आवाज नहीं है। असल में टेप में बघेरा चौकी पर ट्रेक्टर चालक को बुलाने वाला व्यक्ति स्वयं का नाम दिनेश विश्नोई बता रहा है।
सुरक्षा गार्ड के लिए किया था फोन-गौतमः
इस मामले में संसदय सचिव शत्रुघ्न गौतम का कहना है कि हरिराम खटीक उनका सुरक्षा गार्ड है। उसके साथ मारपीट होने पर मैंने ही पुलिस थाने भेजा था और सीआई को फोन भी किया था। लेकिन बजरी खनन के वीडियो और ऑडियो टेप की मुझे कोई जानकारी नहीं है। मैंने तो बजरी खनन के खिलाफ सख्त कार्यवाही करवाई है। केकड़ी सीमा से ही टोंक की सीमा लगती है।
ऐसे हो रहा है बजरी खननः
जानकारों की माने तो खारी, डाई और बनास नदी से रोजाना 700 ट्रेक्टर ट्रॉली बजरी खनन का कार्य कर रहे हैं। चूंकि नदी के किनारे डम्पर और ट्रेलर जैसे बड़े वाहन नहीं जा सकते इसलिए ट्रेक्टर ट्रॉली के जरिए ही अवैध खनन होता है। इन ट्रेक्टर ट्रॉलियों को भरने के लिए नदी के किनारे अनेक जेसीबी खड़ी हैं। ट्रेक्टर ट्रॉलियों से आसपास के क्षेत्र में ही बजरी का संग्रहण किया जाता है। संग्रहण केन्द्र से रोजाना 150 डम्पर कोई 20 ट्रेलर बजरी को निर्धारित स्थानों पर ले जाते हैं। जानकारों के अनुसार एक डम्पर में सात और ट्रेलर में 60 टन बजरी भरी जाती है। डम्पर को 15 हजार तथा ट्रेलर को एक लाख रुपए तक में बेचा जाता है। चूंकि इस अवैध खनन का कारोबार ऊपर तक है इसलिए कोई कार्यवाही नहीं होती। बताया जाता है कि माफिया के लोग प्रति डम्पर 3 हजार 500 और ट्रेलर के 10 हजार रुपए का भुगतान सरकारी महकमों में करते हैं। 700 ट्रेक्टर ट्रॉलियों के जरिए रोजना होने वाले बजरी खनन का अंदाजा लगाया जा सकता है इसके साथ ही विभिन्न विभागों में बंटने वाली रिश्वत की राशि का भी अंदाजा लगाया जा सकता है।

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