अकबर की मौत के मामले में जो सवाल भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने उठाया उसे ही राहुल गांधी ने तूल दिया।

अकबर की मौत के मामले में जो सवाल भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने उठाया उसे ही राहुल गांधी ने तूल दिया। अलवर पुलिस ने वसुंधरा सरकार को मुसीबत में डाला। सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई।


राजस्थान के अलवर के रामगढ़ में 21 जुलाई की रात को गौ तस्कर अकबर की मौत को लेकर भाजपा के विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने जो सवाल उठाया था, उसे ही 23 जुलाई को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने तूल दिया। अलवर पुलिस द्वारा घायल अकबर को अस्पताल देरी से ले जाने पर राहुल गांधी ने सीधा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोला है। राहुल ने ट्वीट कर कहा कि मोदी राज में मानवता की जगह नफरत ने ले ली है। राहुल ने अकबर को विलम्ब से अस्पताल ले जाने पर भी अफसोस जताया। असल में भाजपा विधायक आहूजा ने 22 जुलाई को ही कहा था कि पहले इस बात की जांच होनी चाहिए कि घायल अकबर को विलम्ब से अस्पताल क्यों ले जाया गया। जब रामगढ़ पुलिस को अकबर घायल हालत में रात 12 बजे ही मिल गया था, तो फिर सबसे पहले उसे अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं करवाया गया? रामगढ़ थाने पर अकबर को तीन चार घंटे तक क्यों रखा गया। पुलिस की एफआईआर बताती है कि अकबर को 22 जुलाई की प्रातः 4 बजे अस्पताल लगाया गया। अस्पताल पहुंचने पर अकबर की मौत हो गई। हालांकि पुलिस ने अकबर को पीटने के आरोप में अब तक तीन आरोपी नरेश कुमार, परमजीत और धर्मेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन अब यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अकबर की मौत के लिए गौरक्षकों को जिम्मेदार माना जा रहा है। यही वजह है कि पूरे देश में अकबर की मौत की चर्चा हो रही है।
मुसीबत में वसुंधरा सरकारः
इस मुद्दे पर राजस्थान की वसुंधरा सरकार मुसीबत में है। असल में इस पूरे मामले में अलवर पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। रामगढ़ थाने पर तैनात पुलिस कर्मियों ने अकबर के घायल होने के मामले को गंभीरता के साथ नहीं लिया। कहा जा रहा है कि पुलिस अकबर को इधर से उधर लेकर घुमती रही और फिर थाने पर भी बैठाए रखा। इसकी वजह से अकबर का प्राथमिक इलाज भी नहीं हो पाया। यदि अलवर पुलिस समझदारी दिखाती तो घायल अकबर को सबसे पहले अस्पताल में भर्ती करवाया जाता। इसे संयोग ही कहा जाएगा कि नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह च ौधरी ने 21 जुलाई को ही अलवर के एसपी को पद संभाला और रात को ही अकबर की मौत वाला हादसा हो गया।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाईः
अकबर की मौत का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच गया है। 23 जलुाई को इस मुद्दे को लेकर एक याचिका दायर की गई। सुप्रीम कोर्ट अब इस याचिका में 20 अगस्त को सुनवाई करेगा। उल्लेखनीय है कि विगत दिनों ही सुप्रमी कोर्ट ने इस तरह की हत्याओं पर केन्द्र सरकार को कानून बनाने के निर्देश दिए थे। इस मामले की गूंज 23 जुलाई को संसद में भी हुई।

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