क्या शिवशंकर शर्मा शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी का पीए है? पहले पुलिस इस बात की जांच करेगी। सहायक कर्मचारी दिनेश शर्मा की आत्महत्या का मामला। ——————————————

#1374
क्या शिवशंकर शर्मा शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी का पीए है?
पहले पुलिस इस बात की जांच करेगी।
सहायक कर्मचारी दिनेश शर्मा की आत्महत्या का मामला।
——————————————
जयपुर जिले के कोटपुतली स्थित प्रागपुरा में संचालित सरकारी स्कूल के सहायक कर्मचारी दिनेश शर्मा के आत्महत्या के प्रकरण में पुलिस पहले इस बात की जांच करेगी कि आरोपी शिवशंकर शर्मा प्रदेश के शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी का निजी सहायक है या नहीं।
प्रदेश की राजनीति में चर्चित हो रहे इस आत्महत्या के मामले की जांच कर रहे कोटपुतली के थानाधिकारी शिवनारायण यादव ने 23 मई को बताया कि पुलिस मृतक दिनेश शर्मा की पृष्ठभूमि की भी जांच कर रही है। अभी तक इस मामले में उपनिदेशक कार्यालय के कर्मचारियों से पूछताछ की गई है। यादव ने बताया कि आत्महत्या से पहले जो सुसाइड नोट दिनेश शर्मा ने लिखा था, उसमें कार्यालय के कर्मचारियों के साथ-साथ शिक्षा राज्यमंत्री के निजी सहायक शिवशंकर शर्मा के नाम का भी उल्लेख किया गया है। इस सुसाइड नोट में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने स्थानांतरण के नाम पर 16 लाख रुपए हड़प लिए। यादव ने बताया कि मृतक के परिजनों से भी सच्चाई का पता लगाया जा रहा है। यादव ने दावा किया कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
चर्चा मे है सुसाइड नोट:
सहायक कर्मचारी दिनेश शर्मा ने आत्महत्या से पहले जो सुसाइड नोट लिखा, वह इन दिनों चर्चा मे है। यह जांच काविषय है कि आखिर दिनेश शर्मा ने कितने तबादलों के लिए 16 लाख रुपए एकत्रित किए। क्या दिनेश शर्मा की एप्रोच उपनिदेशक कार्यालय तक थी? दिनेश शर्मा शिवशंकर शर्मा को कैसे जानता था? पुलिस को अब तक जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक शिवशंकर शर्मा नाम का कोई भी व्यक्ति सरकारी स्तर पर शिक्षा राजयमंत्री का निजी सहायक नहीं है। इसलिए पुलिस के लिए यह चुनौती है कि मृतक दिनेश शर्मा और आरोपी शिवशंकर शर्मा के संबंधों का पता कैसे लगाया जाए। चूंकि यह मामला राजनीति से जुड़ा हुआ है, इसलिए पुलिस भी फूंक-फूंक कर कदम उठा रही है।
(एस.पी. मित्तल) (23-05-2016)
(www.spmittal.in) M-09829071511

राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने अफसरों की खाल खींचने की धमकी दी। क्या हो गया है मेघवाल को।

#1372
image
—————————————
राजस्थान की विधानसभा के अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने कहा कि अफसरों ने उनका कहना नहीं माना तो विधानसभा में ऐसे अफसरों की खाल खींचली जाएगी। मेघवाल ने यह धमकी किसी बंद कमरे में नहीं दी और न ही मीडिया ने मेघवाल का स्टिंग किया है। मेघवाल 20 मई को अजमेर जिले के ब्यावर शहर में एक सामाजिक समारोह में भाग लेनेे आए थे। मेघवंशी समाज के समारोह में मेघवाल ने अपने भाषण में कहा कि ब्यावर के लोग लम्बे अर्से से ब्यावर को जिला बनाने की मांग कर रहे हंै। सरकार ने कुछ शहरों को जिला बनाने के लिए एक कमेटी बनाई है। समारोह में उपस्थित ब्यावर के विधायक शंकर सिंह रावत की ओर इशारे करते हुए मेघवाल ने कहा कि आपने इस कमेटी के सामने अपनी मांग रख दी होगी। मेघवाल ने अपने बात को आगे बढ़ते हुए कहा कि कमेटी में शामिल अधिकारियों को पहले ही कान में कह दूंगा कि ब्यावर जिला बनाने की सिफारिश कर दी जाए। यदि अफसरों ने मेरा कहना नहीं माना तो विधानसभा में ऐसे अफसरों की खाल खींच लूंगा। मेघवाल की इस धमकी से ब्यावर के लोग तो खुश हैं, लेकिन सवाल उठता है कि क्या विधानसभा के अध्यक्ष को ऐसा बयान देना चाहिए? इससे यह प्रतीत होता है कि मेघवाल अन्य मामलों में भी अफसरों को धमकाते हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मेघवाल विधानसभा का काम काज किस प्रकार से कर रहे होंगे। असल में मेघवाल इस तरह के बयान देने के आदी रहे हैं। ये वो ही मेघवाल है जिन्होंने वसुंधरा राजे के मुख्यमंत्री के पहले कार्यकाल में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। तब मेघवाल ने वसुंधरा सरकार के खिलाफ भाजपा के हाईकमान को एक ज्ञापन दिया था,लेेकिन इस बार वसुंधरा राजे और मेघवाल के बीच ऐसी पटरी बैठी है कि मेघवाल को विधानसभा के अध्यक्ष का महत्त्वपूर्ण पद दे दिया। मेघवाल ने पिछले दिनों एससी एसटी के लोगों को लेकर भी एक बेतुका बयान दिया था। देखना है कि मेघवाल का ताजा बयान सरकार के लिए कितनी मुसीबत खड़ी करता है।

नोट- फोटोज मेरे www.spmittal.in तथा फेसबुक अकाउंट पर देखें।

(एस.पी. मित्तल) (22-05-2016)
(www.spmittal.in) M-09829071511

अजमेर की आईजी मालिनी अग्रवाल ने लगाए सटीक निशाने।

#1371
image image
————————————–
22 मई को अजमेर रेंज की आईजी श्रीमती मालिनी अग्रवाल ने राइफल और तीर से सटीक निशाने लगाकर सब को चौंका दिया। सम्राट पृथ्वीराज चौहान समारोह समिति की ओर से 22 मई को अजमेर के पंचशील स्थित करणी राइफल शूटिंग एकेडमी में श्रीमती अग्रवाल को बुलाया गया था। पृथ्वीराज चौहान जयंती पर आयोजित शूटिंग और तीरंदाजी प्रतियोगिता का उद्घाटन आईजी को ही करना था। आईजी ने अपने कमान से तीन तीर छोड़े। यह तीनों तीर निशाने पर जाकर लगे। इसी प्रकार राइफल से भी आईजी ने सही निशाने लगाए। आईजी ने यह बता दिया कि वह सिर्फ नाम की आईजी नहीं है, बल्कि उन्हें आईजी का काम भी आता है। यदि कभी किसी मौके पर गोली चलनी पड़ जाए तो उनका निशाना चूकेगा नहीं। आईजी ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान ने तो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तीरंदाजी व राइफल के खिलाड़ी दिए हैं। पृथ्वीराज की जयंती पर निशाने बाजी की प्रतियोगिता आयोजित करने के लिए आयोजकों को आईजी ने शाबाशी दी। उन्होंने कहा कि पृथ्वीराज चौहान स्वयं अचूक निशानेबाज थेे। इस मौके पर आईजी ने विजेताओं को ईनाम भी दिए।

नोट- फोटोज मेरे www.spmittal.in तथा फेसबुक अकाउंट पर देखें।

(एस.पी. मित्तल) (22-05-2016)
(www.spmittal.in) M-09829071511

लड़कियों ने आलीमा और लड़कों ने हाफिज की डिग्री ली। कुरान की शिक्षा को बढ़ाने का लिया संकल्प।

#1370image

लड़कियों ने आलीमा और लड़कों ने हाफिज की डिग्री ली।
कुरान की शिक्षा को बढ़ाने का लिया संकल्प।
—————————————
22 मई को अजेमर जिले के पुष्कर विधानसभा क्षेत्र में आने वाले ऊंटड़ा गांव के मदरसे में एक बड़ा जलसा हुआ। इस जलसे के मुख्य आयोजक मौलाना मोहम्मद अय्यूब कासमी ने मुझे भी खासतौर से आमंत्रित किया। मैं प्रात:11 बजे जब मदरसे के समारोह में पहुंचा तो लड़के-लड़कियां धार प्रवाह कुरान से जुड़ी जानकारी दे रहे थे। समारोह में यह एक तरह से बच्चों का टेस्ट हो रहा था। दूसरी तरफ मंच पर देशभर से आए मुस्लिम विद्वान विराजमान थे। मुझे भी मुस्लिम विद्वानों के बीच सम्मान दिया गया और साथ ही यह भी आग्रह किया कि समारोह का कोई फोटो न खींचा जाए। कहा गया जो धर्म गुरु बैठे हैं, वे अपना फोटो नहीं खींचवाते हैं। हमें धर्मगुरुओं की भावनाओं का सम्मान करना पड़ता है। मैंने मौलाना कासमी से कहा भी जब आप इतना बड़ा जलसा कर रहे हैं तो फिर इसका प्रचार-प्रसार होना ही चाहिए। यदि मुस्लिम विद्वानों के साथ धार्मिक शिक्षा की डिग्री लेने वाले बच्चों के फोटो प्रसारित होते हैं तो बच्चों की भी हौंसला अफजाई होगी, लेकिन मुझे यह सुनकर ताज्जुब हुआ कि डिग्री लेने वाले बच्चों की फोटो भी नहीं ली जा सकती है। मैंने मौलाना कासमी के सभी आग्रहों को माना और समारोह को समझने का प्रयास किया। मैंने यह समझा कि मुस्लिम समाज भी यह चाहता है कि धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ विज्ञान, गणित और अंग्रेजी भाषा की शिक्षा भी बच्चों को दिलाई जाए। कुछ देर बाद मौलाना कासमी ने आग्रह किया कि इस जलसे में मैं भी विचार रखंू। समारोह का जो माहौल था उसे देखते हुए मुझे यह उम्मीद नहीं थी कि बोलने का अवसर मिलेगा। मेरे लिए यह सकून और सम्मान की बात थी कि देशभर से आए मुस्लिम विद्वानों के बीच बोलने का अवसर मिला। मैंने कहा कि शिक्षा का महत्त्व तभी है जब समाज के विकास में भागीदारी हो। अभी हाल ही में यूपीएससी में सिविल सेवा का जो परिणाम घोषित हुआ है, उसमें अनेक मुस्लिम अभ्यर्थियों का भी चयन हुआ है, कुछ तो टॉप 10 में आए हैं। यानि मुस्लिम विद्यार्थियों में भी योग्यता की कोई कमी नहीं है।
हम आज मदरसों में जो शिक्षा दे रहे हैं उसे और उपयोगी बनाया जाए ताकि मुस्लिम लड़के-लड़कियां भी सरकार के ऊंचे ओहदें पर बैठे। चूंकि समारोह का पूरा माहौल धार्मिक था इसलिए मुझे भी माहौल के अनुरूप अपनी बात रखनी पड़ी। शिक्षा चाहे धर्म की हो अथवा आधुनिक दौर की शिक्षा हमेशा इंसान को एक सुयोग्य नागरिक बनाती है। कुरान में तो यहां तक कहा गया है कि यदि आप का पड़ौसी भूखा है तो आपको भर पेट खाने का हक नहीं है। यदि इस भावना से शिक्षा का विस्तार हो रहा है तो यह अच्छी बात है। मेरे संबोधन के बाद मौलाना कासमी ने बताया कि मदरसों में अब अन्य शिक्षा भी दी जा रही है और ऊंटड़ा में मुस्लिम छात्राओं के लिए अलग मदरसा से शुरू किया गया है। मदरसा बोर्ड ने ऊंटड़ा मदरसे को राजस्थान भर में मॉडल मदरसा घोषित किया है।
जलसे में जयपुर स्थित जामा मस्जिद के मुफ्ती अजमद अली ने कहा कि हर मुसलमान के लिए कुरान की शिक्षा ग्रहण करना जरूरी है। इसलिए जगह-जगह मदरसे खोल कर लड़के-लड़कियों को शिक्षा दी जाती है। उन्होंने कहा कि आम मुसलमान को कुरान की शिक्षा के अनुरूप अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए। जलसे में ख्वाजा साहब की दरगाह के दीवान के उत्तराधिकारी सैय्यद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि पूरे हिन्दुस्तान में ख्वाजा साहब ने पैगम्बर मोहम्मद साहब की शिक्षा को आगे बढ़ाया है। उन्होंने डिग्री लेने वाले लड़के-लड़कियों के प्रति शुभकामना प्रकट की। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि बच्चे अपने धर्म के अनुरूप ही शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। समारोह में दिल्ली स्थित हजरत निजामुद्दीन की दरगाह, गुजरात के सूरत स्थित जामिअतुल किरात कफलेता, इशाअतुल उलुम अकलकुंवा दारुल उलूम पोकरण, मदरसा खादिमुल इस्लाम भाखारी पीपाड़ के साथ-साथ राजस्थान,गुजरात महाराष्ट्र आदि राज्यों के मदरसों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। मौलाना कासमी ने बताया कि जलसे में लड़कियों को आलीमा और लड़कों को हाफीज की डिग्री दी गई। कुरान के सभी 30 पारे(वोल्यूम) मुंह जुबानी बोलने पर हाफीज की डिग्री दी जाती है। आलीमा की डिग्री लेने के बाद लड़कियां भी किसी भी मौलाना की तरह कुरान की जानकारी देने का हक रखती हंै। इस जलसे में अजमेर सहित मकरना, दूदू, फुलेरा, सांभर, नरेना आदि क्षेत्रों में चलने वाले मदरसों के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। मौलाना कासमी की संस्था इदारा-ए-दावतुल हक इस क्षेत्र में पचास से भी ज्यादा छोटे-बड़े मदरसों का संचालन करती है।
लड़कियों का फोटो:
मेरे विशेष आग्रह पर मौलाना कासमी ने आलीमा की डिग्री लेने वाली लड़कियों का एक फोटो खींचवाया। इतने बड़े जलसे का सिर्फ यह फोटो ही मिल पाया है। यह फोटो भी आयोजको की सहमति से पोस्ट किया जा रहा है।
नोट- फोटोज मेरे ब्लॉग www.spmittal.in तथा फेसबुक अकाउंट पर देखें।

(एस.पी. मित्तल) (22-05-2016)
(www.spmittal.in) M-09829071511

योग से मानसिक शांति भी मिलती है कुंदन नगर में योग शिविर शुरू

#1369
image image image
————————————
एमडीएस यूनिवर्सिटी के योग सांइस विभाग के अध्यक्ष असीम जयंती देवी ने कहा कि नियमित योग से सिर्फ रोग ही दूर नहीं होते बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है।
21 मई को कुंदन नगर स्थित अंकुर पब्लिक स्कूल के परिसर में शुरू हुए एक माह के योग शिविर में जयंती ने कहा कि अब योग का महत्व घर-घर समझा जाने लगा है। योग की वजह से जिस तरह से लोगों के रोग दूर हुए उससे आकर्षण बढ़ा है। योग सिर्फ निरोगी काया के लिए नही करना चाहिए बल्कि योग से मानसिक शांति का लाभ लेना चाहिए। कई बार घर का काम करते-करते महिलाएं चिड़चिड़ी हो जाती है। योग से यह चिड़चिड़ापन भी दूर किया जा सकता है।
जयंती ने कहा कि अब योग युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध करवा रहा है। समाज में और विभिन्न सरकारी संस्थानों में योग शिक्षक की मांग बढ़ी है। इसलिए महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में योग के विभिन्न पाठ्यक्रम करवाएं जा रहे है।
समारोह में योग शिक्षिका डॉ. संगीता शर्मा ने बताया कि केन्द्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद नई दिल्ली एवं जयपुर स्थित योग साधना आश्रम के सहयोग से लगे इस शिविर में योग विशेषज्ञ अपनी नि:शुल्क सेवाएं देंगे। इनमें श्रीमती योगबाला वैष्णव, श्रीमती अनुपमा, डॉ. रूचि सोनी,कुमारी भारती राजोरिया एवं भारती शर्मा प्रमुख है।
आगामी 21 जून तक चलने वाले इस शिविर में कोई भी व्यक्ति नि:शुल्क भाग ले सकता है। योग विशेषज्ञ विभिन्न रोगों के इलाज के बारे में जानकारी देंगे। शिविर में कृष्णा विहार समग्र विकास संस्थान के सचिव विनीत लोहिया ने कुंदन नगर में शिविर आयोजित करने के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस अवसर पर आयोजन समिति की ओर से अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर कृष्णा विहार समग्र विकास संस्थान के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ एडवोकेट बसंत विजयवर्गीय ने कहा कि इस तरह के योग शिविर के आयोजन से स्वास्थ्य के प्रति आम लोगों का रूझान बढ़ेगा। योग न सिर्फ स्वास्थ्य की दृष्टि से उत्तम है अपितु वैज्ञानिक आधारों पर भी प्रमाणित हो रहा है। योग हमारी भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है जिसे युवा पीढ़ी को जुडऩा चाहिए। आज विश्व भर में योग के बारे में चर्चाएं हो रही है और हर देश योग को अपनाने लगा है।
नोट- फोटोज मेरे ब्लॉग spmittal.blogspot.in तथा फेसबुक अकाउंट पर देखें।

(एस.पी. मित्तल) (21-05-2016)
(spmittal.blogspot.in) M-09829071511

ब्लॉग अब SP MITTAL.IN के वेब पेज पर भी पढ़ें

#1368
ब्लॉग अब SP MITTAL.IN के वेब पेज पर भी पढ़ें
————————————-
अजमेर, राजस्थान और देश भर के पाठकों ने मेरा जो हौंसला बढ़ाया है, उसी से उत्साहित होकर अब मैंने SP MITTAL.IN का वेब पेज भी बना लिया है। मेरा आग्रह है कि मेरे ब्लॉग को अब वेब पेज पर भी पढ़ा जाए। इस वेब पेज पर पुराने ब्लॉगों को भी पोस्ट किया जा रहा है। मैं कोई 800 वाट्सएप ग्रुप से जुड़ा हुआ हूं। जो लोग वाट्सएप ग्रुप से जुड़े हैं कि उन्हें पता है कि आठ सौ ग्रुप में तीन-चार ब्लॉग पोस्ट करने में कितना समय और श्रम लगता होगा। ऐसे कई पाठक होंगे जिन्हें मेरा ब्लॉग एक से अधिक गु्रप में पढऩे को मिलता है। इससे उन्हें भी परेशानी होती है और मुझे भी। यदि कुछ ग्रुप के एडमिन मुझे हटा दें तो उनकी बड़ी मेहरबानी होगी, लेकिन इस बात का ख्याल रखा जाए कि मेरे ब्लॉग सभी को मिलें।
जो लोग मेरे साथ फेसबुक पर हैं उनमें से कई मेरी टाइम लाइन पर अपनी फोटो और खबर डालते हैं। यह उचित नहीं है। इससे मुझे और मेरे से जुड़े लोगों को परेशानी होती है। यदि ऐसे लोगों ने मेरी टाइम लाइन पर पोस्ट बंद नहीं की तो मुझे मजबूरी में उन्हें ब्लॉक करना पड़ेगा। मुझे उम्मीद है कि लोग मेरी भावनाओं को समझेंगे।
ब्लॉग के साथ फोटो भी जरूरी होती हैं। वाटसएप और ब्रॉडकास्ट में फोटो भेजना मुश्किल होता है। जो लोग ब्लॉग के साथ फोटोज देखना चाहते हैं उन्हें अब वेब पेज पर आसानी से फोटो भी देखने को मिलेंगी।
(एस.पी. मित्तल) (21-05-2016)
(spmittal.blogspot.in) M-09829071511

आखिर क्यों जरूरत पड़ी वसुंधरा सरकार को इनर इंजीनियरिंग की।

#1367
image
————————————
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने 20 और 21 मई को जयपुर में एक वातानुकुलित हॉल में इनर इंजीनियरिंग का शिविर आयोजित करवाया। इस शिविर में सरकार के मंत्री और विधायकों के साथ-साथ सांसद, आईएएस, आईपीएस आदि अधिकारियों को भी उपस्थित रखा। राजे का कहना है कि जिन विपरित परिस्थितियों में जनप्रतिनिधि और अफसर काम करते हैं, उसके अंतर्गत ऐसे शिविर जरूरी हैं। सीएम राजे की अपनी सोच हो सकती है, लेकिन यह दो दिवसीय शिविर तब हुआ है, जब एसीबी की टीम नेशनल हेल्थ मिशन (एनएमएम) में हुए घोटाले में आईएएस अफसरों से पूछताछ कर रही है। वहीं दूसरी ओर भीषण गर्मी में प्रदेशभर की जनता पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है। क्या जो आईएएस भ्रष्टाचार में लिप्त हैं उनके लिए इनर इंजीनियरिंग हो रही है। जिस एनएचएम की जांच हो रही है उसका सालाना बजट दो हजार करोड़ रुपए का है। दलाल अजीत सोनी के टेलीफोन के संवाद को सही माना जाए तो वसुंधरा राजे सरकार के अधिकांश आईएएस और आईपीएस भ्रष्ट हैं। इन अफसरों को करोड़ों रुपए की रिश्वत के साथ-साथ मुफ्त का ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर भी चाहिए। विदेशी शराब तो जरूरी है ही। समझ में नहीं आता कि जब राजस्थान की अफसरशाही का इतना बुरा हाल है, तब सीएम किस बात की इंजीनियरिंग करवा रही है? क्या यह अफसरशाही इनर इंजीनियरिंग शिविर के लायक है? सीएम माने या नहीं इस बेइमान और निरकुंश अफसरशाही की वजह से ही अनेक लोगों की मानसिक स्थिति खराब हो गई है। अच्छा होता कि सीएम उन लोगों को खोजती और उनके लिए इनर इंजीनियरिंग का शिविर आयोजित करवाती, लेकिन हो इसका उल्टा रहा है। उन अफसरों के लिए शिविर आयोजित किया है, जिनकी वजह से लोगों की मानसिक स्थिति खराब हो रही है। जहां तक विधायक, सांसद, मंत्रियों का सवाल है तो इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में ये लोग तो पहले ही राजा-महाराजाओं की जिंदगी जी रहे हैं। मंत्रियों के पास वातानुकुलित कार से लेकर बंगले और सुख-सुविधाएं भरी पड़ी हैं। विधायकों के लिए स्वार्थी लोग एसी वाहन लेकर तैयार खड़े रहते है। आखिर राजे यह बताएं तो सही कि इन जनप्रतिनिधियों को इनर इंजीनियरिंग की जरूरत क्यों पड़ी है? अच्छा होता कि विधायकों, सांसदों, मंत्रियों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में भेजकर पीने के पानी के इंतजाम करवाए जाते। राजे भले ही अच्छा महसूस करें, लेकिन प्रदेश की जो जनता भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रही है, वह सरकार को कोस रही है। जहां तक शिविर में आए सद्गुरु जग्गी वासुदेव महाराज का सवाल है तो उन्हें भी चाहिए कि वे जीवन जीने की कला न सिखाएं। आज जीवन में छोडऩे की कला सीखनी चाहिए। जब-जब मनुष्य जीने की कला सीखता है तब-तब उसे अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है और जब छोडऩे की कला सीखता है तो उसका जीवन सरल से और सरल हो जाता है।
फोटो- इनर इंजीनियरिंग के शिविर में सीएम, मंत्री, अफसर आदि।
नोट- फोटोज मेरे ब्लॉग spmittal.blogspot.in तथा फेसबुक अकाउंट पर देखें।

(एस.पी. मित्तल) (21-05-2016)
(spmittal.blogspot.in) M-09829071511

इस श्रद्धा को क्या कहा जाए। आशाराम की पेशी पर फिर उमड़े श्रद्धालु। दो साल आठ माह से जोधपुर की सेन्ट्रल जेल में बंद हैं बापू।

#1366
इस श्रद्धा को क्या कहा जाए।
आशाराम की पेशी पर फिर उमड़े श्रद्धालु।
दो साल आठ माह से जोधपुर की सेन्ट्रल जेल में बंद हैं बापू।
————————————
21 मई को बुध पूर्णिमा होने की वजह से जोधपुर में श्रद्धालुओं की कुछ ज्यादा ही भीड़ थी। एक नाबालिग के साथ कथिimage image imageत तौर पर बलात्कार के मामले में कथावाचक आशाराम बापू दो वर्ष आठ माह से जोधपुर की सेन्ट्रल जेल में बंद हैं। बापू के मुकदमे की सुनवाई अदालत में लगातार हो रही है। ऐसे में आशाराम बापू के प्रति श्रद्धा रखने वाले हजारों श्रद्धालु जोधपुर में ही डेरा जमाए रहते हैं। 21 मई को बुद्ध पूर्णिमा होने की वजह से बापू के प्रति श्रद्धा रखने वाले लोगों की कुछ ज्यादा ही भीड़ थी। अदालत में भले ही बापू पर बलात्कार का मुकदमा चल रहा हो, लेकिन श्रद्धालु आज भी बापू के चरण स्पर्श करने को आतुर रहते है। बापू जिस जमीन पर पैर रखते हैं उस जमीन की मिट्टी को उठाकर श्रद्धालु अपने माथे पर लगाते हैं। बापू की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु पुलिस के डंडे खाने को भी तैयार रहते है। 21 मई को तो एक श्रद्धालु पुलिस के वाहन पर ही चढ़ गया। हालांकि श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए पुलिस बापू को कड़े सुरक्षा पहरे में जेल से अदालत लाती है, लेकिन फिर भी बापू के श्रद्धालु पुलिस के इंतजामों को फेल कर देते हैं। श्रद्धालुओं में महिलाओं की संख्या यह बताती है कि आरोप के मुकाबले में श्रद्धा भारी है। हालांकि बापू ने भी अदालत में रो-रो कर कहा कि उन्होंने बच्ची के साथ बलात्कार नहीं किया, लेकिन देश के कानून के मुताबिक पीडि़ता के आरोपों के मद्देनजर अदालत में बापू अभी तक भी स्वयं को निर्दोष साबित नहीं कर सकें। बापू ने जमानत पर बाहर आने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया है, लेकिन कोई राहत नहीं मिली है। बापू के प्रति श्रद्धा और आस्था रखने वालों की इन दिनों कुछ ज्यादा ही चिंता बढ़ गई है। जोधपुर को सूर्य नगरी कहा जाता है। यानि गर्मी के दिनों में भीषण गर्मी होती है। इस बार जोधपुर का तापमान 50 डिग्री को छू रहा है। ऐसे में आशाराम बापू सेन्ट्रल जेल में कैसे रह रहे होंगे? 21 मई को भी जिन हालातों में बापू पुलिस के वाहन से उतर कर अदालत के अंदर तक गए तो श्रद्धालुओं की आंखों में आंसू थे।
नोट- फोटोज मेरे ब्लॉग spmittal.blogspot.in तथा फेसबुक अकाउंट पर देखें।

(एस.पी. मित्तल) (21-05-2016)
(spmittal.blogspot.in) M-09829071511

आखिर किस बात का श्रेय ले रही हैं मंत्री अनिता भदेल।

#1361
आखिर किस बात का श्रेय ले रही हैं मंत्री अनिता भदेल।
नसीराबाद से गत 15 वर्षों से भीलवाड़ा के लिए जा रही है वाटर ट्रेन।
——————————————-
19 मई को अजमेर जिले के नसीराबाद रेलवे स्टेशन से भीलवाड़ा के लिए एक वाटर ट्रेन को रवाना किया गया। इस ट्रेन को जलदाय मंत्री श्रीमती किरण माहेश्वरी और महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती अनिता भदेल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्रीमती भदेल भीलवाड़ा की प्रभारी मंत्री हैं और इसीलिए भीलवाड़ा के नागरिकों को यह संदेश देना चाहती हंै कि उनके प्रयासों से ही वाटर ट्रेन भीलवाड़ा तक आई है। सब जानते हैं कि गर्मी के दिनों में प्रतिवर्ष नसीराबाद से वाटर ट्रेन भीलवाड़ा जाती है। यह एक सामान्य सी बात है। गत 15 वर्षों से ऐसी यह ट्रेन भीलवाड़ा जा रही है। श्रीमती भदेल अजमेर से भाजपा की विधायक हैं और अजमेर के लोग लगातार यह मांग कर रहे हैं कि गर्मी के दिनों में बीसलपुर बांध से पेयजल की सप्लाई बढ़वाई जाए। अजमेर में आज भी दो और तीन दिन में मात्र एक घंटे के लिए पेयजल की सप्लाई हो रही है। अच्छा होता कि श्रीमती भदेल अजमेर में अपने विधायक का दायित्व निभाते हुए पेयजल की सप्लाई में सुधार करवाती, लेकिन इसके बजाए श्रीमती भदेल भीलवाड़ा में श्रेय ले रही हैं। नसीराबाद से भीलवाड़ा के लिए जो पानी सप्लाई हो रहा है वह भी अजमेर के हिस्से का ही है। बीसलपुर बांध से नसीराबाद होते हुए ही अजमेर तक पानी आता है। यानी अब भीलवाड़ा के पानी चले जाने से अजमेर में और किल्लत बढ़ेगी। देखना होगा कि आने वाले दिनों में अजमेर के लोगों को और कितनी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
नोट- फोटोज मेरे ब्लॉग spmittal.blogspot.in तथा फेसबुक अकाउंट पर देखें।

(एस.पी. मित्तल) (19-05-2016)
(spmittal.blogspot.in) M-09829071511

ऊंटड़ा के जलसे में मुस्लिम लड़के हाफिज और लड़कियां लेंगी अलीमा की डिग्री।

#1363
ऊंटड़ा के जलसे में मुस्लिम लड़के हाफिज और लड़कियां लेंगी अलीमा की डिग्री।
अजमेर क्षेत्र के जमा होंगे मुसलमान।
————————————
अजमेर के निकटवर्ती ऊंटड़ा गांव में 22 मई को प्रात: 8 बजे इदारा-ए-दावतुल हक संस्था की ओर से एक बड़ा जलसा किया जाएगा। यह संस्था अजमेर क्षेत्र के रसूलपुरा, बडग़ांव, ब्यावर, मकराना, दूदू, फुलेरा, सांभर, नरेना, किशनगढ़ आदि में पचास से भी ज्यादा मदरसों का संचालन करती है। संस्था के मौलाना मोहम्मद अय्यूब कासमी ने बताया कि इन मदरसों में पढऩे वाले बच्चों को मुस्लिम शिक्षा के अनुरूप डिग्रियां दी जाती है। ऐसा जलसा प्रतिवर्ष किया जाता है, उन्होंने कहा कि मदरसों की शिक्षा को लेकर कई बार भ्रम की स्थिति होगी है, लेकिन हमारे मदरसों में मुस्लिम धर्म के अनुरूप ही शिक्षा दी जाती है। 22 मई को होने वाले जलसे में मुस्लिम विद्वान भी अपने विचार रखेंगे।
जलसे से जुड़े मोहम्मद दाउद और मौलाना नवाब ने बताया कि मदरसों में जो विद्यार्थी कुरान के सभी 30 पारे (वोल्यूम) को मौखिक याद कर लेता है, उन विद्यार्थियों को हाफिज की डिग्री दी जाती है। यह माना जाता है कि इन विद्यार्थियों ने हिज्फ कर लिया है, इसी प्रकार लड़कियों को भी कुरान की शिक्षा के अनुरूप ही आलिमा की डिग्री दी जाती है। मुस्लिम धर्म में जैसे मौलवी को धर्म का जानकार माना जाता है। ठीक उसी प्रकार आलिमा की डिग्री लेने वाली मुस्लिम लड़कियों को भी धर्म की जानकारी हो जाती है।
मौलाना हाशमी ने बताया कि जलसे के अंत में देश में अमन शांति के लिए भी दुआ की जाएगी। इस जलसे में किसी भी धर्म का व्यक्ति भाग ले सकता है। मौलाना ने हिन्दू धर्म के जानकारों से आग्रह किया है कि शिक्षा से जुड़े इस जलसे में शामिल हों, ताकि उन्हें मुस्लिम धर्म के बारे में जानकारी हो सके। उन्होंने माना कि कुछ लोगों की गलती की वजह से आम मुसलमान को शक की निगाह से देखा जाता है। उन्होंने बताया कि अजमेर क्षेत्र में संस्था जितने भी मदरसों का संचालन करती है, उसमें सरकार का कोई योगदान नहीं है। सभी मदरसों का खर्चा जनसहयोग से ही पूरा किया जाता है।
(एस.पी. मित्तल) (20-05-2016)
(spmittal.blogspot.in) M-09829071511