आतंकी की मौत पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जनाजे की नमाज पढ़ना कितना उचित?

आतंकी की मौत पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जनाजे की नमाज पढ़ना कितना उचित? कश्मीर की सियासत क्यों फैलाई जा रही है यूपी में?
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पूरा देश जानता है कि इन दिनों कश्मीर घाटी में क्या हो रहा है? पाकिस्तान के कट्टरपंथियों के इशारे पर कश्मीर को भारत से अलग करने की साजिश हो रही है। जो आतंकी हमारे सुरक्षा बलों पर हमला कर रहे हैं, उन्हें स्काॅलर तक बताया जा रहा है। विगत दिनों सुरक्षा बलों ने हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर मन्नान बानी को मुठभेड़ में मार गिराया तो उत्तर प्रदेश स्थित अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हंगामा हो गया। यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे कुछ विद्यार्थियों ने आतंकी के जनाजे की नमाज पढ़ने की कोशिश की। खुलेआम कश्मीर की आजादी के नारे लगे। सवाल उठता है कि जो सियासत कश्मीर में हो रही है। उसे यूपी तक क्यों लाया जा रहा है? यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जनाजे की नमाज पढ़ने के मामले में 9 विद्यार्थियों को कारण बताओं नोटिस जारी किया है। ये सभी छात्र कश्मीर के बताए जाते हैं। यदि पढ़ाई के नाम पर कश्मीर के छात्र सियासत करेंगे तो फिर देश के दूसरे हिस्सों में सूकुन के साथ रह रहे कश्मीरियों का क्या होगा? हमारे सुरक्षा बल पहले ही कश्मीर में अपनी जान जोखिम में डाल कर ड्यूटी दे रहे हैं। आतंकी तो कश्मीर पुलिस के मुस्लिम अधिकारियों एवं जवानों को भी आए दिन मौत के घाट उतार रहे हैं। प्रगतिशील विचारधारा के जो लोग कश्मीर के आतंकियों के पैरोकार है वे बताएं कि अलीगढ़ यूनिवर्सिटी में कौन सी सियासत हो रही है?सब जानते हैं कि वोट की राजनीति की खातिर कश्मीर घाटी को हिन्दू विहीन कर दिया गया। धरती का स्वर्ग कही जाने वाले कश्मीर घाटी आज कब्रिस्तान में तब्दील हो रही है। कभी कोई आतंकी मारा जाता है तो कभी सुरक्षा बलों के जवान। जो कश्मीरी आजादी चाहते हैं उन्हें एक बार पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के हालात देख लेने चाहिए। यहां के कश्मीरी भूखे मरने की स्थिति में हैं। पाकिस्तान के सैनिक जुल्म करने से भी बाज नहीं आते। जबकि हमारे कश्मीर में अनुच्छेद 370 की वजह से कश्मीर को अनेक रियायते मिली हुई है। कश्मीर में ही नहीं पूरे मुल्क में मुसलमान सुकून के साथ रह रहा है। यह आम मुसलमान भी अच्छी तरह समझता है। सकारात्मक विचारधारा वाले मुसलमान को यह भी पता है कि पैगम्बर मोहम्मद साहब के नवासों को किसने मारा था। भारत में सूफी संस्कृति को माना जाता है। अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में मुसलमान ही नहीं बड़ी संख्या में हिन्दू भी जियारत के लिए आते हैं।
एस.पी.मित्तल) (13-10-18)
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