S.P. MITTAL Blog

चार वर्ष में अजमेर में सर्वाधिक लोकप्रिय दगड़ू सेठ वाले गणेशजी। ======== अजमेर के रामनगर स्थित पंचोली चौराहे के निकट वाटर पंडाल में दगड़ू सेठ वाले गणेश जी विराजमान है। 14 सितंबर को इस पांडाल में गणेश स्थापना की गई थी। दगड़ू सेठ महाराज समिति के प्रतिनिधियों अनुसार 25 सितंबर को समापन समारोह होगा। अजमेर में इसी स्थान पर तीन वर्ष पहले दगड़ू सेठ के तौर पर गणेशजी की प्रतिमा स्थापित की गई थी, तभी से प्रति वर्ष यहां गणेश उत्सव मनाया जा रहा है। इन चार वर्षों में दगड़ू सेठ वाले गणेशजी अजमेर में सर्वाधिक लोकप्रिय हो गए हैं। प्रतिदिन शाम को आरती के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। शहर भर के श्रद्धालुओं की उपस्थिति बताती है कि दगड़ू सेठ की लोकप्रियता अजमेर में तेजी से बढ़ी है। यहां समारोह समिति की ओर प्रतिदिन प्रसाद का वितरण भी किया जाता है। बरसात के मौसम में ध्यान में रखते हुए वाटरप्रूफ पंडाल बनाया गया है, इस पांडाल को आकर्षक तौर पर सजाया भी गया है। 20 सितंबर को आरती में श्री अजमेर व्यापारिक महासंघ के अध्यक्ष महेंद्र बसंल, महासचिव रमेश लालवानी, वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण कुमार, चितलेश बंसल, संजय अरोड़ा, बीके कौल नगर स्थिति प्राचीन वीर हनुमान मंदिर के उपासक भूपेश सांखला आदि उपस्थित रहे। सभी ने गणेश प्रतिमा की आरती की। व्यापारिक महासंघ के अध्यक्ष बंसल ने कहा, यहां श्रद्धालुओं के लिए माकूल व्यवस्था की गई है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि दगड़ू सेठ वाले गणेशजी के दर्शन आवश्यक किए जाए। यहां यह उल्लेखनीय है कि दगडू सेठ वाले गणेश जी की प्रसिद्धि महाराष्ट्र के पुणे शहर की। पूर्व में पुणे में गणेश महोत्सव के दौरान व्यापारी दगडू सेठ ने गणेश प्रतिमा स्थापित की थी, तभी से पुणे में दगड़ू सेठ वाले गणेश जी प्रसिद्ध हो गए। पुणे की तर्ज पर ही अजमेर में भी दगडू सेठ के स्वरूप में गणेश जी को विराजमान किया गया है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 21-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

केकड़ी पालिका के अध्यक्ष पद के कांग्रेसी उम्मीदवार अनिल मित्तल की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई। केकड़ी के भाजपा विधायक शत्रुघ्न गौतम पर पूर्व मंत्री रघु शर्मा 50 करोड़ रुपए का मानहानि का दावा करेंगे। सिंधी समुदाय को पाकिस्तानी कहने पर पहले ही हो चुका है मुकदमा। ============== अजमेर के केकड़ी नगर पालिका के चुनाव में अध्यक्ष पद के कांग्रेस के उम्मीदवार अनिल मित्तल की गिरफ्तारी पर 20 सितंबर की रात को हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट की ओर से कहा गया है, मित्तल और कांग्रेस के अन्य पार्षदों को बिना किसी बाधा के 21 सितंबर को मतदान करने दिया जाए। मित्तल के विरुद्ध भाजपा विधायक शत्रुघ्न गौतम ने 20 सितंबर को जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया था। इस ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि अनिल मित्तल भाजपा के पार्षदों को प्रलोभन दे रहे हैं। इसी आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। बताया जा रहा है कि मित्तल को गिरफ्तार करने के लिए रात को तलाशी अभियान भी चलाया गया। लेकिन इसी बीच एडवोकेट आरपी सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई। मुख्य न्यायाधीश की विशेष अनुमति के बाद जस्टिस अनूप दंड ने मामले की सुनवाई की और रात को ही मित्तल की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट की इस कार्यवाही के दौरान केकड़ी के पूर्व विधायक रघु शर्मा ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। मानहानि का मुकदमा: अजमेर के केकड़ी के पूर्व विधायक और कैबिनेट मंत्री रहे रघु शर्मा, भाजपा के मौजूदा विधायक शत्रुघ्न गौतम पर 50 करोड़ रुपए के मानहानि का मुकदमा करेंगे। रघु शर्मा ने कहा कि केकड़ी नगर पालिका चुनाव के दौरान विधायक गौतम ने सार्वजनिक तौर पर कह रहे है कि केकड़ी में पार्षदों के टिकट कांग्रेस के नेताओं ने 3 करोड़ रुपए में बेच दिए हैं। रघु शर्मा ने कहा कि विधायक गौतम का यह कथन झूठा और निराधार है। केकड़ी में गहन जांच पड़ताल और जिताऊ स्थिति को देखते ही टिकट दिए गए। यही वजह रही कि 40 में से 20 उम्मीदवार कांग्रेस के विजयी हुए। अब केकड़ी में पालिकाध्यक्ष भी कांग्रेस का बन रहा है,इसलिए विधायक गौतम बौखलाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि विधायक गौतम ने अपने झूठ कथन के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगी तो वह जल्द ही 50 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा अदालत में दायर करेंगे। पहले भी हो चुका है मुकदमा: नगर पालिका के चुनाव में सिंधी समुदाय के लोगों को पाकिस्तानी कहने पर विधायक गौतम के विरुद्ध हाल ही में अदालत में एक वाद दायर किया है। एडवोकेट मनोज आहूजा की ओर से दायर इस वाद में कहा गया है कि विधायक गौतम की यह टिप्पणी संपूर्ण सिंधी समाज की छवि खराब करने वाली है। आहूजा ने अदालत में विधायक गौतम का वीडियो भी प्रस्तुत किया है। वाद में विधायक गौतम के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। इस मामले में अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी। इस वाद के बारे में और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 9414434927 पर मनोज आहूजा से ली जा सकती है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 21-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

राहुल गांधी ने हास्य कलाकार के साथ मिल कर पीएम मोदी का मजाक उड़ाया। इसलिए राजनीति में राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लिया जाता। राहुल गांधी का ऐसा कृत्य प्रतिपक्ष के नेता के पद पर भी सवाल उठता है। ============== कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे और मौजूदा समय में लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 19 सितंबर को इंदौर में छात्रों की गूंज के कार्यक्रम में मंच पर हास्य कलाकार पुलकित मणि को बुलाया और फिर दोनों ने मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ाया। दोनों ने पीएम मोदी की दिवंगत माता जी को भी घसीट लिया। राहुल गांधी राजनीतिक मुद्दों पर पीएम मोदी पर हमला करे, इस पर किसी को भी ऐतराज नहीं है, लेकिन जब राहुल गांधी किसी हास्य कलाकार के साथ देश के प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाएंगे, तो इसे लोकतंत्र में सभ्य तरीका नहीं माना जाएगा। यह माना कि नरेंद्र मोदी के कारण कांग्रेस पिछले 12 वर्षों से सत्ता से बाहर है। राज्यों में भी कांग्रेस की लगातार हार हो रही है। 28 राज्यों में से मात्र चार राज्यों में कांग्रेस की सरकार है। लगातार हार की वजह से राहुल गांधी और कांग्रेस के नेता निराश और हताश है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि सार्वजनिक मंचों पर पीएम मोदी और उनकी दिवंगत माताजी का मजाक उड़ाया जाए। जो राहुल गांधी 150 वर्ष पुरानी कांग्रेस के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे, उन्हें जब पीएम ेादी पर हमला करने के लिए हास्य कलाकार की जरूरत हो रही है? राहुल गांधी सिर्फ कांग्रेस के नेता ही नहीं बल्कि लोकसभा में विपक्ष के नेता भी है। प्रतिपक्ष का नेता होने के कारण राहुल गांधी संवैधानिक पद पर है। राहुल को कम से कम अपने संवैधानिक पद की मर्यादाओं का तो ख्याल रखना ही चाहिए। जब राहुल गांधी सार्वजनिक मंच पर किसी हास्य कलाकार के साथ मिमिक्री करते हैं तो स्वयं का भी मजाक उड़ाते हैं। क्या विपक्ष का नेता मिमिक्री करते हुए अच्छा लगाता है? राहुल गांधी माने या नहीं, लेकिन ऐसे कृत्यों के कारण ही देश की राजनीति में उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाता। राहुल गांधी को तथ्यों के आधार पर पीएम मोदी की आलोचना करनी चाहिए। इसके लिए राहुल गांधी के पास संसद में विशेषाधिकार है। राहुल गांधी चाहे जितने समय तक संसद में पीएम मोदी की आलोचना कर सकते हैं, लेकिन सब जानते है कि राहुल गांधी संसद सत्र को चलने ही नहीं देते। पिछले एक वर्ष से संसद के तीनों सत्र हंगामे की भेंट चढ़ चुके हैं। अच्छा होता कि राहुल गांधी तथ्यों के आधार पर संसद में आलोचना करते। चूंकि संसद की कार्यवाही का सीधा प्रसारण भी होता है, इसलिए राहुल गांधी की राजनीतिक कुशलता देखने और सुनने का अवसर देशवासियों को मिलता, लेकिन राहुल गांधी संसद के बाहर पीएम मोदी की मिमिक्री करते है। राहुल गांधी के इस मर्यादाहीन कृत्य को पूरा देश देख रहा है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 21-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

विद्या भारती के 13 हजार और निजी स्कूलों में एक करोड़ से ज्यादा छात्र और अभिभावक 25 सितंबर को प्रात: 11 बजे पूरा वन्देमातरम का गायन करेंगे। यह विश्व रिकॉर्ड बनेगा। ============== वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर वंदे मातरम गीत एक लय और एक साथ गायन के लिए अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान विद्या भारती ने एक अनूठी पहल की है। देशभर में विद्या भारती के 13 हजार से ज्यादा विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में 30 लाख से ज्यादा विद्यार्थी अध्ययन करते हैं। विद्या भारत की पहल पर देश भर के सभी 13 हजार विद्यालयों के साथ साथ निजी क्षेत्र के अनेक विद्यालयों में भी 25 सितंबर को प्रात: 11 बजे वंदे मातरम गीत का गायन होगा। इसमें छात्रों के अभिभावक और क्षेत्र के सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोग भी भाग लेंगे। यानी कोई भी नागरिक विद्या भारती और संबंधित निजी स्कूलों में पहुंचकर वंदे मातरम गीत का गायन कर सकता है। विद्या भारती के अजमेर स्थित आदर्श विद्या निकेतन विद्यालय के प्राचार्य भूपेंद्र उबाना ने बताया कि देश की आजादी के आंदोलन में वंदे मातरम गीत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्वतंत्रता सेनानियों ने इस गीत को गाकर ही अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन चलाया। आज भी यह गीत देश के हर नागरिक को देशभक्ति की प्रेरणा देता है। किन्हीं कारणों से आजादी के बाद वंदे मातरम गीत के सिर्फ दो छंद का ही गायन हुआ। जबकि पूरे गीत में 6 छंद है। हाल ही में वंदे मातरम गीत के लिए एक कानून भी बनाया गया है। अब सरकारी समारोह में वंदे मातरम गीत का गायन अनिवार्य हो गया है। 25 सितंबर को प्रात: 11 बजे विद्या भारती के सभी विद्यालयों में पूरा गीत गाया जाएगा। इसके लिए देश भर के विद्यालयों में विशेष प्रबंध किए गए है। विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी आमंत्रित किया गया है। राजस्थान में विद्या भारती के एक हजार विद्यालय हैं, इनमें 6 लाख से ज्यादा विद्यार्थी अध्ययन करते हैं, इस कार्यक्रम के बारे में और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 9166213003 पर भूपेंद्र उबाना से ली जा सकती है। सभी 6 छंद वाला वंदे मातरम: छंद 1 वन्दे मातरम्। सुजलां सुफलाम् मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। वन्दे मातरम्॥ छंद 2 शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीम्, फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीम्। सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम्, सुखदां वरदां मातरम्॥ वन्दे मातरम्॥ छंद 3 कोटि-कोटि-कण्ठ-कल-कल-निनाद-कराले, द्विसप्तकोटि-भुजैर्धृत-खरकरवाले, के बोले मा तुमि अबले। बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीं, रिपुदलवारिणीं मातरम्॥ वन्दे मातरम्॥ छंद 4 तुमि विद्या तुमि धर्म, तुमि हृदि तुमि मर्म, त्वं हि प्राणाः शरीरे। बाहुते तुमि मा शक्ति, हृदये तुमि मा भक्ति, तोमारै प्रतिमा गडि मन्दिरे-मन्दिरे॥ वन्दे मातरम्॥ छंद 5 त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी, कमला कमलदलविहारिणी, वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्। नमामि कमलाम अमलाम अतुलाम, सुजलां सुफलां मातरम्॥ वन्दे मातरम्॥ छंद 6 श्यामलाम् सरलाम् सुस्मिताम् भूषिताम्, धरणीम् भरणीम् मातरम्॥ वन्दे मातरम्॥ S.P.MITTAL BLOGGER ( 21-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

क्या पार्षदों को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के साथ नाश्ता करवा देने से अजमेर में कांग्रेस का मेयर बन जाएगा? धर्मेन्द्र राठौड़ और डॉ. जयपाल की प्रतिष्ठा दांव पर। ब्रह्माजी आ जाए तब भी भाजपा का मेयर नहीं बन सकता-रामचंद्र चौधरी। ============== अजमेर के सभी 37 कांग्रेस के पार्षद इन दिनों कांग्रेस शासित कर्नाटक के बेंगलुरु में है। अजमेर में कांग्रेस के पार्षद इधर उधर न हो जाए, इसलिए पार्षदों को बेंगलुरु में सुरक्षित रखा गया है। कांग्रेस के नेताओं की योजना के मुताबिक पार्षदों को 20 सितंबर को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के.शिवकुमार के साथ नाश्ता करने का अवसर भी मिलेगा। बड़े नेताओं का मानना है कि मुख्यमंत्री के साथ नाश्ता करने से पार्षदों की हौसला अफजाई होगी। वे कांग्रेस के प्रति वफादार बने रहेंगे, लेकिन सवाल उठता है कि क्या पार्षदों के मुख्यमंत्री के साथ नाश्ता कर लेने से अजमेर में कांग्रेस का मेयर बन जाएगा? मेयर बनने के लिए 41 पार्षदों के बहुमत की जरूरत है। कांग्रेस का दावा है कि 11 निर्दलीय पार्षदों में से चार का समर्थन मिल गया है। मेयर पद के लिए 21 सितंबर को मतदान होना है। इसलिए कांग्रेस के सभी पार्षद 20 सितंबर की रात तक अजमेर आ जाएंगे। 21 सितंबर को 11 बजे मतदान शुरू होने के साथ ही कांग्रेस के पार्षद वोट डाल देंगे। नगर निगम के चुनाव में इस बार शहरी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल और आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़ की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई हैै। यदि कांग्रेस की उम्मीदवार किरण गढ़वाल मेयर बनती है तो इसका पूरा श्रेय डॉ. जयपाल और राठौड़ को मिलेगा। पार्षदों को कर्नाटक ले जाने का फैसला भी इन दोनों ही नेताओं ने लिया। वही भाजपा के नेताओं खासकर विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का मानना है कि कांग्रेस के पार्षदों में क्रॉस वोटिंग होगी। भाजपा ने श्रीमती अनामिका शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। वहीं डेयरी के अध्यक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामचंद्र चौधरी ने कहा, अब ब्रह्माजी भी आ जाए तब भी भाजपा का मेयर नहीं बन सकता है। अजमेर में कांग्रेस का मेयर बनना तय है। मालूम हो कि भाजपा के पार्षदों की संख्या 32 है। भाजपा को अनेक निर्दलीय पार्षदों का समर्थन भी बताया जा रहा है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 20-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

साम्यवाद से नहीं हिंदू कट्टरता से भारत को खतरा है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि हामिद अंसारी ने 10 वर्ष तक किस मानसिकता से उपराष्ट्रपति के पद पर काम किया। पीएम मोदी तो 9 वर्ष पहले ही अंसारी की छटपटाहट समझ गए थे। ============== 19 सितंबर को पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने ए.जी.नूरानी मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से आयोजित एक समारोह में भाग लिया। अंसारी ने देश के हालातों पर चिंता जताते हुए कहा कि आज जितना खतरा साम्यवाद से नहीं है, उससे कहीं ज्यादा हिंदू कट्टरता से है। अंसारी ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भी हिंदू कट्टरता को खतरा बताया था। हिंदू कट्टरता की परिभाषा क्या है, यह तो हामिद अंसारी ही जानते हैं, लेकिन हामिद अंसारी के इस बयान से पता चलता है कि उनके मन में बहुसंख्यक हिन्दू समुदाय के प्रति कितनी नफरत है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अंसारी ने 10 वर्षों तक किस मानसिकता के साथ उपराष्ट्रपति के पद पर काम किया। अंसारी हिंदू कट्टरता को तो खतरा मानते हैं, लेकिन साम्यवाद को नहीं। शायद हामिद अंसारी को साम्यवादी देशों में रहने का अवसर नहीं मिला है। दुनिया में साम्यवादी देश के रूप में चीन की पहचान है। भारत में तो उपराष्ट्रपति के पद से कार्यमुक्त होने के बाद भी हामिद अंसारी ऐसे बयान दे सकते हैं। यदि यही हामिद अंसारी चीन में रहकर ऐसा बयान देते तो उनके गायब होने की सूचना भी नहीं मिलती। जिस साम्यवाद को बेहतर बताया जा रहा है, उस साम्यवाद वाले देश चीन में हामिद अंसारी को कुछ माह रहना चाहिए। अंसारी को पता चल जाएगा कि कट्टरता क्या होती है। हिन्दू कट्टरता की आड़ लेकर अंसारी ने मौजूदा नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर हमला बोला है। इसमें कोई दो राय नहीं कि पीएम मोदी सनातन संस्कृति और धर्म के प्रबल समर्थक और संरक्षण है। अपने इन विचारों को नरेंद्र मोदी छिपाते भी नहीं है। यदि मोदी में कट्टरता होती तो आज 25 करोड़ मुसलमान पूर्ण सुरक्षा के साथ भारत में नहीं रह सकते थे। हामिद अंसारी को भले ही देश में हिंदू कट्टरता नजर आए, लेकिन आज दुनिया में मुसलमान सबसे ज्यादा भारत में सुरक्षित है। पड़ोसी और इस्लामिक देश पाकिस्तान में 18 सितंबर को ही मस्जिद के पास जो बम विस्फोट हुआ उस में 40 से ज्यादा मुसलमान मारे गए। हामिद अंसारी को कट्टरता देखनी ही है तो एक बार पाकिस्तान का दौरा करे। हामिद अंसारी को यह भी समझना चाहिए कि सनातन धर्म ही एकमात्र ऐसा धर्म है जो सभी धर्मों का सम्मान करता है। जिस इस्लाम धर्म को हामिद अंसारी मानते हैं, उसमें अन्य धर्मों के बारे में क्या लिखा है, यह हामिद अंसारी को पढऩा और समझना चाहिए। यह पहला अवसर नहीं है जब हामिद अंसारी ने हिंदुओं को लेकर ऐसा बयान दिया है, इससे पहले भी कई अवसरों पर अंसारी ने अपनी हिन्दू विरोधी भावनाओं को प्रकट किया है। हिंदुओं को लेकर हामिद अंसारी के मन में जो छटपटाहट है, उसे 9 वर्ष पहले ही पीएम मोदी ने समझ लिया था। हामिद अंसारी वर्ष 2007 से लेकर 2017 तक उपराष्ट्रपति के पद पर रहे। यानी करीब साढ़े तीन साल अंसारी को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए के साथ काम करना पड़ा। चूंकि उपराष्ट्रपति ही राज्यसभा के सभापति होते हैं, इसलिए कई बार हामिद अंसारी की मानसिकता राज्यसभा में भी देखने मिली। वर्ष 2017 में जब अंसारी का विदाई समारोह हुआ तो पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि मुझे पता है कि उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति रहते हुए आपके (अंसारी) के मन में छटपटाहट रही। लेकिन अब आप इस छटपटाहट से मुक्त हो रहे हैं। अब आप अपनी मानसिकता और विचारों के अनुरूप जीवन जी सकते हैं। S.P.MITTAL BLOGGER ( 20-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

राहुल गांधी देश भर में छात्रों को भड़काते रहे और दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ पर भाजपा समर्थित एबीवीपी की जीत हो गई। कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई का एक भी उम्मीदवार नहीं जीत सका। ============== लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी इन दिनों देशभर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम कर स्कूल और कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को सरकार के खिलाफ भड़काने का काम कर रहे हें। 19 सितंबर को भी राहुल गांधी ने इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से शिक्षा को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने छात्रों से सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़क पर आकर आवाज उठाने का आह्वान किया। इधर राहुल गांधी देश भर में कार्यक्रम कर छात्रों को भड़का रहे हैं तो दूसरी और 19 सितंबर को दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ के चुनाव में चार में से तीन प्रमुख स्थानों पर भाजपा समर्थित एबीवीपी के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद पर विजय डबास, सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्यराज सिंह विजयी हुए। जबकि दीपांशु शौकीन निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उपाध्यक्ष बने। यानी कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई के उम्मीदवार सभी पदों पर हार गए। एबीवीपी की इस जीत के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और किरण रिजिजू ने सीधे राहुल गांधी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी चाहे जितना भी भड़काने का काम करे, लेकिन देश के छात्र समझते हैं कि शिक्षा नीति में जो बदलाव किए जा रहे है, वह देश हित में है। एबीवीपी की जीत बताती है कि छात्रों ने राहुल गांधी के बजाए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर भरोसा जताया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी को देश भर की यूनिवर्सिटीज की प्रतिनिधि संस्था माना जाता है। एबीवीपी की जीत बताती है कि देश के विद्यार्थियों का भरोसा केंद्र सरकार की नीतियों पर है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 20-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

जयपुर में सच बेधड़क मीडिया ग्रुप के प्रॉपर्टी एक्सपो में फ्लैट, विला, फार्म हाउस और भूखंड खरीदने वालों की भीड़। मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों ने भी भाग लिया। 2047 तक राजस्थान को भी विकसित प्रदेश बनाना है-पवन अरोड़ा, सीएमडी ====================== सच बेधड़क मीडिया समूह की ओर से जयपुर के एंटरटेनमेंट पैराडाइज परिसर में दो दिवसीय प्रीमिय प्रॉपर्टी एक्सपो का शुभारंभ 19 सितंबर को धूमधाम से हुआ। एक्सपो का समापन 20 सितंबर की शाम को होगा। इस एक्सपो में एक ही छत के नीचे प्रदेश भर के बिल्डर्स, कॉलोनाइजर्स को अपनी संपत्तियों को बेचने का अवसर मिल रहा है। यही वजह है कि फ्लैट, विला, फार्म हाउस और भूखंड खरीदने वालों की भीड़ इस एक्सपो में लगी है। खरीदारों को विभिन्न प्रोजेक्ट, लोकेशन सुविधाओं, निर्माण की गुणवत्ता और प्रॉपर्टी के विकल्पों की जानकारी मिल रही है। 19 सितंबर को एक्सपो के शुभारंभ पर नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा, सच बेधड़क मीडिया ग्रुप ने एक अच्छी पहल की है। जो लोग जयपुर में प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं, उन्हें इधर उधर भटकने की जरूरत नहीं होगी। शुभारंभ समारोह में सच बेधड़क मीडिया समूह के सीएमडी पवन अरोड़ा (पूर्व आईएएस) ने कहा कि बिल्डर्स, कॉलोनाइजर्स और आम खरीदारों को एक छत के नीचे जोड़ने की पहल की है, ताकि लोगों को विश्वसनीय प्रोजेक्ट्स की जानकारी मिले और रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता व विश्वास मजबूत हो। समारोह में स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव रवि जैन, जयपुर नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा, ट्रैफिक डीसीपी योगेश गोयल आवासन मंडल के चीफ इंजीनियर अमित अग्रवाल डीसीपी साउथ राजर्षि राजा डब्ल्यूटीपी के सीएमडी अनूप बरतरिया भाजपा प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज अशोक सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों का दुपट्टा ओढ़ाकर और हरियाली के प्रतीक पौधे भेंट कर स्वागत किया गया। समारोह में सच बेधड़क मीडिया ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर शिशिर अवस्थी सच बेधड़क चैनल के एडिटर रमाकांत चतुर्वेदी और सच बेधड़क दैनिक अखबार के संपादक मनोज माथुर भी मौजूद रहे। आयोजन की व्यवस्थाएं सच बेधड़क न्यूज़ चैनल की बिजनेस एवं ब्रांडिंग हेड आस्था मेहंदीरत्ता ने संभाल रखी थीं। सच बेधड़क मीडिया ग्रुप ने द खटक को टेकओवर कर लिया है। इस मौके पर द खटक के प्रतिनिधि अशोक शेरा भी उपस्थित रहे। प्रथम पूज्य गणेश की पूजा अर्चना: दोपहर में आयोजित मुख्य समारोह से पहले प्रातः 11 बजे राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी और मोती डूंगरी गणेश मंदिर के महंत कैलाश शर्मा ने गणेश पूजन और फीता काटकर एक्सपो का औपचारिक उद्घाटन किया। एक क्लिक पर कई प्लेटफॉर्म, ओटीटी एप लॉन्च: मुख्य समारोह के दौरान अतिथियों ने संयुक्त रूप से सच बेधड़क के डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘SB ONE’ ओटीटी एप लॉन्च किया। इसके जरिए सच बेधड़क टीवी, सच बेधड़क अखबार, गणगौर टीवी और द खटक सहित उपलब्ध डिजिटल कंटेंट को एक ही प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकेगा। अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच को एक जगह उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘SB ONE’ ओटीटी ऐप को लॉन्च किया गया है। 25 से ज्यादा स्टॉल पर प्रॉपर्टी के विकल्प एक्सपो में 25 से अधिक स्टॉल पर विभिन्न प्रोजेक्ट्स की लोकेशन, सुविधाओं और उपलब्ध विकल्पों की जानकारी दी जा रही है। इनमें केजीके रियलिटी द हाउस ऑफ शुभाशीष, नेचर होम्स एंड स्पेसेज, अक्षत, मंगलम, ओके प्लस बिल्डर्स एंड डेवलपर्स, समन्वय, इम्पीरियल होम्स, त्रिमूर्ति, विराट ग्रुप, राजस्थान हाउसिंग बोर्ड, वीजी ग्रुप, जयपुर विकास प्राधिकरण, जयपुर नगर निगम, आशीष ग्रुप, संजीवनी बिल्डहोम पृथ्वी, आशादीप और टर्बन सहित कई संस्थान व कंपनियां शामिल हैं। 20 को समापन: दो दिवसीय एक्सपो का समापन 20 सितंबर को शाम 5 बजे क्लोजिंग सेरेमनी के साथ होगा। समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी जलदाय मंत्री सुरेश रावत विधायक कालीचरण सराफ, बालमुकुंदाचार्य, गोपाल शर्माए कैलाश वर्मा, जेडीसी सिद्धार्थ महाजन और आर्किटेक्ट रितु खंडेलवाल मौजूद रहेंगी। ग्रुप के सीएमडी पवन अरोड़ा ने कहा,भरोसे से विकास तक सच बेधड़क की पहल यह सिर्फ प्रॉपर्टी एक्सपो नहीं बल्कि भरोसे और विकास को एक मंच पर लाने की कोशिश है। मीडिया की जिम्मेदारी केवल खबर दिखाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज और प्रदेश के आर्थिक विकास में भी भूमिका निभानी चाहिए। विकसित भारत 2047 और विकसित राजस्थान 2047 की दिशा में निजी क्षेत्र और मीडिया मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस एक्सपो के बारे में और अधिक जानकारी ग्रुप एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर शिविर अवस्थी से मोबाइल नंबर 9024939667 पर ली जा सकती है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 20-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

राजस्थान में 9 सितंबर से पेयजल सप्लाई ठप करने की फिर धमकी। ठेकेदारों की बार बार धमकी से भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की छवि खराब हो रही है। आखिर बकाया साढ़े तीन हजार करोड़ का भुगतान क्यों नहीं किया जाता? सप्लाई बंद होगी तो अजमेर, जयपुर, टोंक के एक करोड़ से भी ज्यादा लोग परेशान होंगे। ================ राजस्थान पीएचडी कांट्रेक्टर एसोसिएशन की संघर्ष समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश विश्नोई ने 8 सितंबर को प्रदेश के प्रमुख दैनिक पत्रों में पूरे पृष्ठ का विज्ञापन प्रकाशित करवाया है। इस विज्ञापन में कहा गया है कि 9 सितंबर से राजस्थान भर में पेयजल की सप्लाई बंद कर दी जाएगी। विश्नोई की ओर से कहा गया है कि सरकार ने ठेकेदारों का बकाया साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया है। ऐसी स्थिति में ठेकेदार अब जलदाय विभाग की पाइप लाइनों के संरक्षण और पेयजल की सप्लाई का काम नहीं कर सकते हैं। यह बकाया राशि पिछले 35 माह से चली आ रही है। सरकार ने बकाया राशि के भुगतान के लिए कई बार लिखित समझौता किया, लेकिन इसके बाद भी ठेकेदारों को भुगतान नहीं हो रहा। अब कोई भी ठेकेदार बकाया राशि के भुगतान के बगैर पेयजल सप्लाई का काम नहीं कर सकता है। ठेकेदारों द्वारा ऐसी धमकी पूर्व में भी दी गई थी, लेकिन तब सरकार ने हाथों हाथ समझौता कर लिया। लेकिन इस बार मामला गंभीर हो गया है। ठेकेदारों ने 9 सितंबर को पेयजल सप्लाई तब ठप करने की धमकी दी है, जब 9 सितंबर को शहरी निकाय के प्रथम चरण के चुनाव का मतदान का होना है। यदि मतदान वाले दिन प्रदेश भर में पेयजल की सप्लाई नहीं होती है, तो इससे उत्पन्न हालातों का अंदाजा लगाया जा सकता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी माने या नहीं लेकिन ठेकेदारों की बार बार धमकी से भाजपा सरकार की छवि खराब हो रही है। यदि बकाया भुगतान के लिए ठेकेदार पेयजल सप्लाई बंद करने की धमकी देते हैं, तो फिर सरकार के हालातों का अंदाजा लगा लेना चाहिए। सवाल यह भी है कि सरकार ठेकेदारों को बकाया राशि का भुगतान क्यों नहीं कर रही? जब सरकार ने बकाया राशि के भुगतान के लिए लिखित में समझौता कर रखा है तब ठेकेदारों को भुगतान किया जाना चाहिए। यह भी सोचनीय मुद्दा है कि पेयजल सप्लाई के लिए सरकार पूरी तरह निजी क्षेत्र पर निर्भर है। सारे संसाधन सरकार के है, लेकिन नियंत्रण निजी क्षेत्र का हो गया है। कहा जा सकता है कि सरकार निजी क्षेत्र पर निर्भर है। 9 सितंबर से पेयजल की सप्लाई ठप होती है तो अजमेर, जयपुर, टोंक जिले के एक करोड़ से भी ज्यादा लोगों को परेशानी होगी। इन तीनों जिलों के लोग बीसलपुर बांध के पानी पर निर्भर है। बांध से प्रतिदिन 1200 टीएमसी पानी की सप्लाई तीनों जिलों में होती है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 08-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

मेरे रिटायरमेंट का इंतजार हो रहा है? क्या सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की यह टिप्पणी जस्टिस संदीप मेहता और राजस्थान के एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा के विवाद से जुड़ी है? अरावली पर्वतमाला का संरक्षण भी जरूरी। ================ सब जानते हैं कि 7 सितंबर तक राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहे संजीव प्रकाश शर्मा की कार्यशैली को लेकर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता ने लगातार पत्र लिखे हैं। इन पत्रों में संजीव प्रकाश शर्मा के न्यायिक कार्यों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जस्टिस संदीप मेहता के पत्रों के आरोपों की जांच के आदेश प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने दिए हैं। न्यायिक क्षेत्रों में चर्चा है कि सीजेआई सूर्यकांत न्यायाधीश शर्मा को बचाने का काम कर रहे हैं। देश के न्यायिक इतिहास में यह पहला अवसर है जब सुप्रीम कोर्ट के किसी जज ने किसी प्रदेश के एक्टिंग सीजे पर ऐसे आरोप लगाए हैं। अभी यह मामला गर्माया हुआ ही है कि 7 सितंबर को प्रधान न्यायाधीश ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा के प्रकरण में सुनवाई करते हुए कहा, क्या मेरे रिटायरमेंट का इंतजार किया जा रहा है। मालूम हो कि सूर्यकांत 9 फरवरी 2027 को प्रधान न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त होंगे। 7 सितंबर को अरावली पर्वतमाला की परिभाषा की सुनवाई के दौरान हाई पावर्ड कमेटी की ओर से आग्रह किया गया कि परिभाषा तय करने के लिए 6 माह का समय और दिया जाए। कमेटी की इस मांग पर ही सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, क्या कमेटी अपनी रिपोर्ट मेरे रिटायरमेंट के बाद देना चाहती है। सूर्यकांत ने स्पष्ट कहा कि कमेटी का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाएगा और कमेटी को तय समय के अनुसार 30 नवंबर तक अपनी रिपोर्ट देनी होगी। इसके साथ ही मामले की सुनवाई 2 दिसंबर निर्धारित की गई। असल में अरावली पर्वतमाला की परिभाषा का मामला दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात से जुड़ा हुआ है। इन राज्यों में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से खनन हो रहा है। केंद्र सरकार ने भी खनन माफियाओं को मदद करने के लिए अरावली पहाडिय़ों की ऊंचाई को सौ मीटर माना ताकि सौ मीटर से कम वाली पहाडिय़ों खनन का कार्य विधिवत हो सके। सीजेआई सूर्यकांत ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा तय करने के लिए ही हाईपावर्ड कमेटी का गठन किया था। लेकिन अब यह कमेटी ही निर्धारित समय में रिपोर्ट देने में असमर्थता जता रही है। इसलिए 7 सितंबर को सूर्यकांत की रिटायरमेंट वाली टिप्पणी बहुत मायने रखती है। इस टिप्पणी को जस्टिस संदीप मेहता और राजस्थान के हाईकोर्ट के जज संजीव प्रकाश शर्मा के विवाद से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में इन दिनों जो कुछ भी चल रहा है, उसकी वजह से न्यायपालिका की गरिमा को नुकसान हो रहा है। सवाल उठता है कि जब सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के पत्रों पर ही कोई कार्यवाही नहीं हो रहा है, तो फिर आम व्यक्ति की शिकायत पर क्या कार्यवाही होगी। सूत्रों के अनुसार जस्टिस संदीप मेहता इस बात से बेहद खफा है कि उनके पत्रों के बाद भी सीजेआई सूर्यकांत ने राजस्थान में संजीव प्रकाश शर्मा के न्यायिक कार्यों पर रोक नहीं लगाई। पिछले 10 माह से जस्टिस शर्मा को ही कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बनाए रखा गया है। जस्टिस मेहता ने अपने पत्रों में ऐसे कई उदाहरण दिए हैं, जिनसे संजीव प्रकाश शर्मा के न्यायिक फैसलों पर सवाल उठते हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि 7 सितंबर को जस्टिस संजय अग्रवाल ने राजस्थान हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश का पद संभाल लिया है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 08-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511