अजमेर मेरवाड़ा के पंवार वंश के राजा घाणा सिंह की समाधि को हटाना मुसीबत बना। अजमेर विकास प्राधिकरण को लोहागल क्षेत्र में फोर लेन सड़क बनानी है। अधिकारियों ने पहले समझदारी नहीं दिखाई।
अजमेर विकास प्राधिकरण लोहागल क्षेत्र में फोर लेन सड़क का निर्माण कर रहा है। इस मार्ग के दोनों और अवैध निर्माणों को भी हटाया जा रहा है, लेकिन प्राधिकरण के अधिकारियों के लिए अजमेर मेरवाड़ा के पंवार वंश के राजा घाणा सिंह की समाधि को हटाना मुसीबत बन गया है। हालांकि यह समाधि मात्र 15-20 फीट के भूखंड पर बनी है। लेकिन इसे हटाकर सड़क बनाना आसान नहीं है। रावत राजपूत भारतीय संगठन फाउंडेशन के अध्यक्ष रणजीत सिंह ने इस समाधि को बचाने का झंडा उठा लिया है। रणजीत सिंह का कहना है भले ही अजमेर के हिंदूवादी संगठन सहयोग न करे, लेकिन मैं अपने कुछ साथियों के साथ आखिरी सांस तक समाधि की रक्षा करुंगा। प्राधिकरण के अधिकारियों को समाधि पर बुलडोजर चलाने से पहले मुझ पर बुलडोजर चलाना होगा। उन्होंने बताया कि हिंदू सम्राट पृथ्वीराज चौहान के बाद विधर्मियों से पंवार वंश के राजा घाणा सिंह ने ही लड़ाई लड़ी थी। इतिहास के अनुसार जब राजा घाणा सिंह की गर्दन कट गई तो वे अपने घोड़े पर सवार होकर लोहागल की ओर आ गए और इसी स्थान पर गर्दन कटा शरीर गिर गया। तभी से राजा घाणा सिंह की समाधि यहां बनी हुई है। इतिहास की घटना 800 वर्ष पुरानी है। उन्होंने बताया कि उस समय पंवार वाटी राज्य का स्वतंत्र अस्तित्व था। जिसमें 27 ठिकाने आते थे। तब अजमेर के निकट आज का श्रीनगर गांव पंवार वाटी राज्य की राजधानी था। रणजीत सिंह ने कहा कि सरकार दूसरे धर्मों के धार्मिक स्थलों को सुरक्षित रखकर सड़क बनाती है। ऐसे में अजमेर मेरवाड़ा के राजा घाणा सिंह की समाधि को सुरक्षित रखकर सड़क का निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर अफसोस बताया कि कुछ प्रभावशाली नेता समाधि के लिए दूसरे स्थान पर ज्यादा भूमि देने का लालच दे रहे हैं। ऐसे नेताओं का कहना है कि समाधि के साथ साथ दुकानें भी बना लेना और मजे करना। रणजीत सिंह ने ऐसे नेताओं से कहा कि वे किसी भी कीमत पर राजा घाणा सिंह की समाधि का सौदा नहीं करेंगे। उन्होंने प्राधिकरण के अधिकारियों, जिला कलेक्टर और संभागीय आयुक्त से भी कहा है कि वे सड़क बनाने के लिए समाधि को हटाने का जोखिम न ले। रणजीत सिंह ने स्वीकार किया उन्होंने समाधि के चारों और दीवार निर्माण भी किया है। राजा घाणा सिंह और समाधि स्थल के बारे और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 9782757203 पर रणजीत सिंह से ली जा सकती है।
समझदारी नहीं दिखाई:
सड़क निर्माण का कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण के अधिकारियों ने समझदारी नहीं दिखाई। यदि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले समाधि से जुड़े लोगों से संवाद किया जाता तो विवाद का निपटारा हो सकता था, लेकिन प्राधिकरण के नासमझ अधिकारियों ने समाधि पर बुलडोजर चलाने का प्रयास तब किया, जब बड़ी संख्या में अतिक्रमण हटाए जा रहे थे। अधिकारियों ने ऐतिहासिक समाधि को भी एक साधारण अतिक्रमण मान लिया। अब यह समाधि स्थल प्राधिकरण के लिए मुसीबत बन गया है। लोहागल मार्ग पर बनी राजा घाणा सिंह की समाधि का वीडियो मेरे फेसबुक www.facebook.com/SPMittalblog पर देखा जा सकता है।
S.P.MITTAL BLOGGER ( 23-04-2026)Website- www.spmittal.inFacebook Page- www.facebook.com/SPMittalblogFollow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11Blog- spmittal.blogspot.comTo Add in WhatsApp Group- 9166157932To Contact- 9829071511

