- Next story जो शिक्षक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ाते, वे निकम्मापन कर रहे हैं। राजस्थान के स्कूली शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का यह बयान सरकारी कार्मिकों और सांसद, विधायक, पार्षद आदि जनप्रतिनिधियों पर भी लागू होता है। ================= 28 जून को टोंक में खटीक समाज के अधिकारियों और कर्मचारियों के सम्मान समारोह में राजस्थान के स्कूली शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को लेकर बड़ी बातें कही। दिलावर ने कहा कि शिक्षकों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में ही पढ़ाना चाहिए। जो शिक्षक ऐसा नहीं करते हैं, वे निकम्मे हैं। ऐसा लगता है कि शिक्षकों को अपने ही शिक्षण कार्य पर भरोसा नहीं है। प्राइवेट स्कूलों के मुकाबले सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को वेतन और सुविधाएं भी ज्यादा मिलती है। ऐसे में सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर ऊंचा होना चाहिए। यदि शिक्षक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाएंगे तो इसका असर समाज पर पड़ेगा। अब यदि शिक्षक ही अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रहे हैं तो आम अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में क्यों पढ़ाएंगे? दिलावर ने शिक्षकों के समक्ष एक महत्वपूर्ण सवाल रखा है। यह सही है कि सरकार से मोटा वेतन लेने वाले शिक्षकों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाना चाहिए, लेकिन दिलावर ने शिक्षकों के समक्ष जो सवाल खड़ा किया है, वह सरकार के अधिकारियों और सभी कर्मियों के साथ साथ सांसद, विधायक, पार्षद, जिला प्रमुख, प्रधान सरपंच आदि सभी जनप्रतिनिधियों पर उठता है। अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी सरकार से वेतन और अनेक सुविधाएं प्राप्त करते हैं। ऐसे में कार्मिकों और जनप्रतिनिधियों को भी चाहिए कि वे अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाए। यदि सांसद, विधायकों, आईएएस आईपीएस अधिकारियों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ेंगे तो स्कूलों की गुणवत्ता भी सुधर जाएगी। अच्छा हो कि मदन दिलावर एक अभियान चलाकर सभी सरकारी कर्मियों और जनप्रतिनिधियों के बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिए प्रेरित करें। अकेले शिक्षकों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ाने से व्यवस्था में सुधार नहीं होगा। S.P.MITTAL BLOGGER ( 29-06-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
- Previous story यूसीसी लागू करने के लिए पश्चिम बंगाल विधानसभा में 29 जून को विधेयक। संभावित हिंसा से निपटने के लिए एंटी सोशल एक्ट। राजस्थान में तो अभी कमेटी ही बनाई है। मुंबई में जहरीला कैप्सूल बांटने के आरोप में फैयाज निसार गिरफ्तार। ================= पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बने डेढ़ माह ही हुआ है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की कवायद तेज हो गई है। 29 जून को बंगाल की विधानसभा में यूसीसी का विधेयक लाया जाएगा। चूंकि विधानसभा में भाजपा को पूर्ण बहुमत है, इसलिए यह विधेयक आसानी से स्वीकृत हो जाएगा। यूसीसी के प्रावधान लागू होने के बाद संभावित हिंसा को देखते हुए राज्य सरकार ने व्यापक तैयारियां भी की है। इसके लिए एंटी सोशल एक्ट लागू करने की तैयारी है। इस एक्ट में उन आपराधिक तत्वों की गिरफ्तारी होगी जो सुरक्षाकर्मियों पर हमला करेंगे। चूंकि पश्चिम बंगाल में मुस्लिम आबादी 20 प्रतिशत से ज्यादा मानी जा रही है, इसलिए बंगाल में यूसीसी को लागू करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट कह दिया है कि पश्चिम बंगाल की पहचान श्यामाप्रसाद मुखर्जी जैसे नेताओं से है और मुखर्जी ने ही सबसे पहले कहा था कि एक देश में दो संविधान, दो निशान नहीं हो सकते। कोई भी प्रदेश और देश दो कानूनों के रहते विकास नहीं कर सकता हे। पिछली सरकारों ने मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति को अपनाते हुए पश्चिम बंगाल को विकास की दृष्टि से बहुत पीछे धकेल दिया है, लेकिन अब बगाल पीछे नहीं रहेगा और इसलिए यूसीसी लागू किया जा रहा है। सीएम ने कहा कि वह कोई असंवैधानिक काम नहीं कर रहे है। संविधान के अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रावधान हे। उन्होंने देश के संविधान के अनुरूप ही यूसीसी लागू करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत बहुविवाह पर रोक, विवाह एवं तलाक का अनिवार्य पंजीकरण और संपत्ति में पुत्र और पुत्री को समान अधिकार जैसे प्रावधान शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे मुस्लिम महिलाओं को ही फायदा होगा। यूसीसी लागू होने के बाद मुस्लिम पर्सनल लॉ और हिंदू कोड जैसी व्यवस्थाएं समाप्त हो जाएगी। यूसीसी लागू होने के बाद पश्चिम बंगाल भी विकास की पटरी पर दौड़ेगा। राजस्थान में अभी कमेटी ही: पश्चिम बंगाल देश में यूसीसी लागू करने वाला चौथा राज्य हो जाएगा। इससे पहले उत्तराखंड, गुजरात और असम में नागरिकों के लिए समान संहिता लागू हो चुकी है। भाजपा शासित राजस्थान भी उसी राह पर चल रहा है, लेकिन राजस्थान में अभी सिर्फ कमेटी का ही गठन किया गया है। यह कमेटी उन राज्यों का दौरा करेगी, जहां यूसीसी लागू हो चुका है। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज रंजन प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है। जहरीला कैप्सूल: 27 जून को मुंबई पुलिस ने भायखला क्षेत्र से फैयाज निसार नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। निसार पर मोहर्रम के जुलूस में जहरीला कैप्सूल बांटने का आरोप है। निसार की ओर से दावा किया गया कि यह कैप्सूल इम्यूनिटी बूस्टर है, लेकिन जांच में पता चला कि कैप्सूल में चूहे मारने का जहरीला पदार्थ भरा हुआ है। जिन लोगों ने कैप्सूल खाया उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया। कैप्सूल वितरण की जानकारी होते ही पुलिस ने फयाज निसार को गिरफ्तार किया और उसके पास से 15 हजार कैप्सूल बरामद किए। पुलिस की जांच पड़ताल में पता चला है कि फयाज निसार कई बार ईरान का दौरा कर चुका है और उसके संबंध ईरान के कट्टरपंथी संगठनों से है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 28-06-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
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