कश्मीर में मुसलमानों को भी गोली मारी जा रही है। भारत के मुसलमान इस हकीकत को समझें । हिन्दुओं के साथ ही सुरक्षित रह सकते हैं मुसलमान ।

18 मई को कश्मीर के अनंतनाग में सन्नी तबरेज और उनकी पत्नी फरहा को गोली मारी गई। जयपुर के बह्मपुरी क्षेत्र में रहने वाले दम्पत्ति गर्मी की छुट्टियों में कश्मीर घूमने गए थे। तबरेज की आँख में गोली लगी है, इसलिए उनकी हालत गंभीर है। पत्नी के कंधे पर गोली लगी है। इसी प्रकार शोपिया में पूर्व सरपंच एजाज अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इन वारदातों की जिम्मेदारी आतंकी संगठन टीआरएफ  ने ली है। इस संगठन के तार पाकिस्तान में रह रहे कट्टरपंथी संगठनों से है। ऐसे संगठन अपने इस्लाम के अनुरूप व्यवस्था चाहते है। जाहिर है कि ऐसी व्यवस्था में सन्नी तबरेज और  एजाज अहमद जैसे मुसलमान शामिल नहीं हो सकते। आतंकी संगठन ने जिस तरह  कश्मीर में मुसलमानों पर गोलियों चलायी है उसे भारत में रह रहे मुसलमानों को सबक लेना चाहिए । पाकिस्तान मुस्लिम देश है, लेकिन फिर भी आम आदमी सुरक्षित नहीं है। पाकिस्तान में मुसलमान ही मुसलमानों को मार रहे है। सब जानते हैं कि 4 वर्ष पहले जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद से हालात सामान्य हो रहे है। अब सन्नी तबरेज जैसे मुसलमान भी अपने परिवार के साथ घूमने के लिए कश्मीर जा रहे है। लेकिन आतंकवादियों का तबरेज का परिवार के साथ घूमना पसंद नहीं है।  इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आतंकवादी कैसी इस्लामी व्यवस्था चाहते है। जबकि इसके विपरीत मुसलमान हिन्दुओं के साथ सुरक्षित और सम्मान भारत में रह रहा है। हिन्दू बाहुल्य क्षेत्रों में मुसलमान स्वयं को सबसे ज्यादा सुरक्षित समझता है। दुनिया में सबसे ज्यादा 25 करोड़ मुसलमान भारत में रहते है। भारत में मुसलमान इसलिए सुरक्षित रह  पा रहा है कि वह हिंदुओं के साथ रहता है। भारत में रहने वाले मुसलमान भी मानते है कि इस्लाम में विभिन्न विचारधारा वाले मुसलमान है। अलग अलग धार्मिक विचारधारा होने के कारण ही मुस्लिम देशों में आए दिन हिंसा होती है। चूंकि हिन्दू समुदाय सनातन संस्कृति को मानता है इसलिए अपने धर्म के अनुरूप आचरण भी करता है। भारत की सनातन संस्कृति में किसी भी धर्म का विरोध नहीं है। सनातन धर्म सभी धर्मों को साथ लेकर चलने की क्षमता रखता है। आम मुसलमानों को भले ही हिन्दुओं के मंदिर जाने और प्रसाद ग्रहण करने से परहेज हो,लेकिन लाखों हिन्दू दरगाहों में जाकर मजारों पर जियारत करते है। हिन्दुओं का दरगाहों में जाना ही यह दर्शाता है कि वे मुस्लिम परम्पराओं का कितना सम्मान करते हैं। ऐसा नहीं कि भारत में मुस्लिम कट्टरपंथी संगठन सक्रिय न हो। भारत में भी ऐसे अनेक संगण है जो अपनी विचारों के अनुरूप भारत में शासन व्यवस्था चाहते हैं। ऐसे संगठनों से भारत के मुसलमानों को सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि यदि आतंकी संगठन मजबूत होते हैं तो हिन्दुओं के साथ साथ मुसलमान भी असुरक्षित होगें। इसका ताजा उदाहरण 18 मई को कश्मीर में सन्नी तबरेज और उनकी पत्नी का है।


S.P.MITTAL BLOGGER (19-05-2024)
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