वक्फ संपत्तियों का लाभ अब 85 प्रतिशत पिछड़े मुसलमानों को मिलेगा। विपक्ष द्वारा संसद में रखी सभी आशंकाएं निराधार साबित होंगी। ख्वाजा साहब की दरगाह के दीवान की ओर से पीएम मोदी मोदी का आभार जताया।

3 अप्रैल की देर रात वक्फ  एक्ट संशोधन बिल 2025 राज्यसभा में भी पारित हो गया। बिल के पक्ष में 128 और विपक्ष में 95 वोट पड़े। लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी बिल मंजूर हो जाने के बाद अब राष्ट्रपति को भेजा जाएगा और फिर राष्ट्रपति की और से कानून बनाने का आदेश जारी होगा। राज्य सभा में भले ही सांसदों की संख्या कम हो, लेकिन लोकसभा के मुकाबले में राज्य सभा में ज़्यादा समय तक बहस हुई। लोकसभा में कोई 12 घंटे, लेकिन राज्यसभा में 15 घंटे से भी ज्यादा समय तक चर्चा हुई। यानी दोनों सदनों में सांसदों ने अपने विचारों को प्रमुखता के साथ रखा लोकतंत्र की यह खूबी हैं कि बहस के बाद बहुमत के आधार पर फैसला होता है। अब देश की संसद ने वक्फ  एक्ट में संशोधन प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है। दोनों सदनों में पास होने के बाद अजमेर स्थित ख्वाजा साहब की दरगाह के दीवान और ख्वाजा साहब के वंशज जैनुअल आबेदीन के पुत्र और उत्तराधिकारी सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि संसद में बहस के दौरान विपक्षी सांसदों ने जो आशंकाएं व्यक्त की है वह सभी निराधार साबित होंगी। वक्फ  एक्ट संशोधन के प्रस्ताव को बनाने में उनकी ऑल इंडिया सज्जादानशीन कौंसिल की भी भूमिका है। हमने भी सुझाव दिया था के पिछड़े मुसलमानों को वक्फ  बोर्ड में प्रतिनिधित्व दिया जाए। देश में कुल मुसलमानों की आबादी का 85 प्रतिशत पिछड़े वर्ग के मुसलमान है। इनमें अंसारी, मंसूरी, जुलाहा, राइनी इकरिसी, नाई, मिरासी, मुकेरी, बारी, घोसी जैसीे जातियों के मुसलमान आते है। अब तक इन पिछड़े मुसलमानों को प्रतिनिधित्व नहीं मिलता था। चिश्ती ने बताया कि देश में बिहार एकमात्र ऐसा राज्य जहां जातीय जनगणना हो चुकी है। आंकड़े बताते है के बिहार में 73 प्रतिशत मुसलमान पिछड़ी जातियों के है। अब जब इन पिछड़ी जातियों के मुसलमानों वक्फ बोर्ड में प्रतिनिधि मिलेगा तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम मुसलमान को कितना लाभ होगा। चिश्ती ने कहा कि नए कानून के बाद देश भर की वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन होगा। इसमें सभी संपत्तियों का नामांकन और नाप भी होगा। मौजूदा समय में लाखों संपत्तियों का न तो सीमांकन है और न ही नाप। कब्रिस्तान और मस्जिद के बाद रिकॉर्ड में सीमांकनकी जगह जीरों अंकित किया गया है। नए कानून के लागू होने क ेबाद इन सब बुराइयों को समाप्त किया जाएगा। मौजूदा समय में कुछ संस्थाओं के लोगों ने वक्फ की संपत्तियों को कौडिय़ों के भाव बेच दिया है या फिर मामूली किराये दारी पर दे दीहै। उन्होंने कहा कि जब वक्फ क सपंथ्ततयों में पारदर्शिता आएगी तो इनकम भी बढ़ेगी। वे दावे से कह सकते हैं कि वक्फ संपत्तियों से होने वाली इनकम को मुसलमानों की भलाई पर ही खर्च किया जाएगा।  
मोदी का आभार:
नसीरुद्दीन चिश्ती ने वक्फ एक्ट में संशोधन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और अल्पसंख्यक मामलात मंत्री किरण रिजिजू का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह बिल देश का पहला ऐसा बिल है, जिस पर लाखों लोगों से राय ली गई है। कुछ लोग गुमराह करते है कि नरेंद्र मोदी मुस्लिम विरोधी है। यदि नरेंद्र मोदी मुस्लिम विरोधी होते तो वक्फ बोर्ड में गरीब मुसलमानों को प्रतिनिधित्व नहीं देते। मोदी ने अपने 11 वर्ष के कार्यकाल में भारत के मुसलमानों के लिए भलाई और विकास के जो कार्य किए उसी की वजह से चार मुस्लिम देशों ने अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान नरेंद्र मोदी को दिया है। चिश्ती ने कहा कि वक्फ एक्ट में संशोधन के बाद जब आम मुसलमानों को अपनी संपत्तियों का लाभ मिलने लगेगा, तब उन नेताओं की दुकान बंद हो जाएगी जो मोदी को मुस्लिम विरोधी बताते हैं। 

S.P.MITTAL BLOGGER (04-04-2025)
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