65 करोड़ की भीड़ वाले महाकुंभ की व्यवस्थाओं पर अंगुली उठाने वाले बेंगलुरु में 4 लाख की भीड़ को नहीं संभाल सके। इस्तीफा तो कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को देना चाहिए।
4 जून को कर्नाटक के बेंगलुरु में चार लाख की भीड़ को नियंत्रित नहीं करने के मामले में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर सहित कई बड़े अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु क्रिकेट टीम जब आईपीएल का कप लेकर आई तो पुलिस ने भीड़ का आकलन नहीं किया। 35 जार की क्षमता वाले चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम में चार लाख क्रिकेट प्रेमी आ गए। स्टेडियम के बाहर जो भगदड़ मची उसमें 11 क्रिकेट प्रेमियों की मौत हो गई। इस समारोह में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी मौजूद थे और उन्हीं की सहमति से आरसीबी की क्रिकेट टीम के लिए जश्न मनाया गया, लेकिन सिद्धारमैया ने सारी जिम्मेदारी बैंगलुरू पुलिस पर डाल दी। ये वो ही सिद्धारमैया है जिन्होंने प्रयागराज में हुए महाकुंभ की व्यवस्थाओं पर अंगुली उठाई थी। सिद्धारमैया ही नहीं कांग्रेस के सभी नेताओं ने महाकुंभ की व्यवस्थाओं को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आलोचना की। सब जानते हैं कि महाकुंभी की 45 दिनों की अवधि में 65 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने प्रयागराज में गंगा नदी में डुबकी लगाई। एक दिन में आठ करोड़ लोगों ने भी गंगा स्नान किया। जो लोग 65 करोड़ वाले महाकुंभ की व्यवस्थाओं पर अंगुली उठा रहे थे, वे अब चार लाख की भीड़ को भी नियंत्रित करने में विफल रहने के बाद भी चुप है। बेंगलुरु में हुई 11 लोगों की मौत और सरकार की विफलता पर लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर कोई टिप्पणी नहीं की। अच्छा होता कि पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड करने के बजाए सिद्धारमैया खुद कर्नाटक के मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देते। अधिकारियों को सस्पेंड करने की कार्यवाही भी तब की है, जब कर्नाटक हाईकोर्ट ने भगदड़ की घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सरकार से रिपोर्ट तलब की है।
S.P.MITTAL BLOGGER (06-06-2025)Website- www.spmittal.inFacebook Page- www.facebook.com/SPMittalblogFollow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11Blog- spmittal.blogspot.comTo Add in WhatsApp Group- 9166157932To Contact- 9829071511

