- Next story भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स में मिला सर्वोच्च नागरिक सम्मान। अब तक 35 से भी ज्यादा देश दे चुके हैं ऐसा सम्मान। सम्मान देने वाले देशों में इजरायल और फिलीस्तीन भी शामिल। वही पड़ोसी देश पाकिस्तान में गृहयुद्ध के हालात। अफगानिस्तान के साथ जंग भी। भारत में रहने वाले पाकिस्तान परस्त नेता इन हालातों को समझे। ================= भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 जून तक सेशेल्स के दौरे पर हैं। इस तीन दिवसीय दौरे में 28 जून को सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हार्मिनी ने पीएम मोदी को अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन सम्मानित किया। पीएम मोदी को दुनिया के 35 से भी ज्यादा देश अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित कर चुके है। इसमें इजरायल और फिलीस्तीन भी शामिल हैं। अनेक मुस्लिम देशों ने भी मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है। इन सम्मानों के संबंध में पीएम मोदी स्पष्ट कह चुके हैं कि यह समान मेरा नहीं बल्कि भारत का है। इसमें कोई दो राय नहीं की नरेंद्र मोदी के गत 12 वर्षों के कार्यकाल में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का दबदबा बढ़ा है। इसकी प्रमुख वजह यह है कि भारत आंतरिक दृष्टि से मजबूत बना है। यही वजह है कि आर्थिक दृष्टि से चौथी महाशक्ति बनने के बाद भारत अब तीसरी महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। एक और मजबूत और खुशहाल भारत है तो दूसरी ओर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में गृहयुद्ध के हालात है। 27 जून को ही कराची में आतंकी हमला हुआ है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आग लगी हुई है। बलूचिस्तान में तो आए दिन पाकिस्तान की सेना के जवान ही मारे जा रहे है। असल में पाकिस्तान में जो इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन बने हुए हैं वे ही आपस में अपने वर्चस्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। इतनी अराजकता के बाद पाकिस्तान को अपने पड़ोसी मुल्क अफगानिस्तान से जंग भी करनी पड़ रही है। पाकिस्तान आए दिन अफगानिस्तान पर हवाई हमले कर रहा है तो अफगानिस्तान पर काबिज तालिबानी लड़ाके पाकिस्तान में घुसकर कोहराम मचा रहे है। कहा जा सकता है कि आज पाकिस्तान में आम मुसलमान का जीना मुश्किल हो गया है। महंगाई की वजह से दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं हो रही। फर्क को समझें: भारत में ऐसे कई नेता और मुस्लिम संगठन है, जिनकी हमदर्दी पाकिस्तान के साथ रहती है। ऐसे नेताओं और संगठनों को पाकिस्तान और भारत के अंतर को समझना चाहिए। भारत में 25 करोड़ से ज्यादा मुसलमान रहते हैं जो दुनिया के किसी भी मुस्लिम देश से ज्यादा है। पाकिस्तान में जहां गृहयुद्ध के हालात है, वहीं भारत में हिंदुओं के साथ साथ मुसलमान भी सम्मान और समृद्धि के साथ रह रहे हँ। भारत के जिन 85 करोड़ जरूरतमंद व्यक्तियों को प्रतिमाह पांच किलो अनाज मुफ्त में मिल रहा है उनमें मुस्लिम परिवार भी शामिल हैं। यदि किसी परिवार में माता पिता के साथ 10 बच्चे रह रहे हैं तो उन्हें माह 60 किलो अनाज निशुल्क मिल रहा है। सरकार ने हाल ही में निर्णय लिया है कि ऐसे व्यक्तियों को तीन माह का अनाज अग्रिम दे दिया जाए। यानी 12 सदस्यों वाले परिवार को 180 किलो अनाज मुफ्त में मिल रहा है। भारत में रहकर पाकिस्तान के गीत गाने वाले नेताओं को एक बार पाकिस्तान जाकर हालातों को देखना चाहिए। S.P.MITTAL BLOGGER ( 29-06-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
- Previous story आखिर इराक भी ईरान के समर्थन में आया। अमेरिकी सेना को इराक छोड़ने के आदेश। इराक के अचानक पलटने से मध्य पूर्व में अमेरिका कमजोर होगा। ================= मध्य पूर्व में अमेरिका को 27 जून को तब तगड़ा झटका लगा, जब प्रतिद्वंदी इराक भी ईरान के समर्थन में आ गया। इराक के प्रधानमंत्री ने अमेरिका से कहा कि वह इराक से अपनी सेना को हटा ले। इतना ही नहीं इराकी सेना ने राजधानी बगदाद के उस ग्रीन जोन को घेर लिया, जहां अमेरिका का दूतावास है और अमेरिकी सेना के कमांडर निवास करते है। एक तरह से इराकी सेना ने अमेरिका के दूतावास और सैन्य कमांडरों को अपने कब्जे में ले लिया है। मुस्लिम देश इराक के इस तरह पलटने से अमेरिका स्तब्ध है। क्योंकि अब तक ईरान के साथ संघर्ष में इराक, अमेरिका की मदद कर रहा था। ईरान और इराक की सीमाएं लगी हुई है। इराक में स्थापित सैन्य अड्डों से भी अमेरिका ईरान पर हमले कर रहा था। लेकिन अब उसी इराक ने अमेरिका से अपना देश छोड़ने के लिए कह दिया है। इससे मध्य पूर्व में अमेरिका की परेशानी और बढ़ गई है। होर्मुज मार्ग को लेकर पहले ही अमेरिका मुसीबत में है। 10 दिन पहले ईरान और अमेरिका के बीच जो शांति समझौता हुआ, वे भी अब टूट चुका है। अमेरिका और ईरान एक दूसरे पर हमला कर रहे है, लेकिन अमेरिका के लिए इराक का पलटना बड़ी मुसीबत है। हो सकता है कि आने वाले दिनों में खाड़ी के मुस्लिम देश भी अमेरिकी सेना को देश छोड़ने के लिए कह दे। असल में अमेरिका के साथ युद्ध में ईरान ने अपना दबदबा दिखाया है। जिस तरह अमेरिका ने ईरान के समक्ष आत्मसमर्पण किया उससे अमेरिका की मदद से चलने वाले खाड़ी के मुस्लिम देशों में घबराहट है। अब तक इराक भी अमेरिका की मदद पर निर्भर था, लेकिन अब युद्ध के दौरान ही इराक, अमेरिका के पाले में चला गया है। यदि अमेरिका और ईरान एकजुट होकर युद्ध करते हैं तो अमेरिका की स्थिति और कमजोर होगी। देखना होगा कि अब अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इराक के विरुद्ध क्या कदम उठाते हैं। S.P.MITTAL BLOGGER ( 28-06-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
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