- Next story यूसीसी लागू करने के लिए पश्चिम बंगाल विधानसभा में 29 जून को विधेयक। संभावित हिंसा से निपटने के लिए एंटी सोशल एक्ट। राजस्थान में तो अभी कमेटी ही बनाई है। मुंबई में जहरीला कैप्सूल बांटने के आरोप में फैयाज निसार गिरफ्तार। ================= पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बने डेढ़ माह ही हुआ है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की कवायद तेज हो गई है। 29 जून को बंगाल की विधानसभा में यूसीसी का विधेयक लाया जाएगा। चूंकि विधानसभा में भाजपा को पूर्ण बहुमत है, इसलिए यह विधेयक आसानी से स्वीकृत हो जाएगा। यूसीसी के प्रावधान लागू होने के बाद संभावित हिंसा को देखते हुए राज्य सरकार ने व्यापक तैयारियां भी की है। इसके लिए एंटी सोशल एक्ट लागू करने की तैयारी है। इस एक्ट में उन आपराधिक तत्वों की गिरफ्तारी होगी जो सुरक्षाकर्मियों पर हमला करेंगे। चूंकि पश्चिम बंगाल में मुस्लिम आबादी 20 प्रतिशत से ज्यादा मानी जा रही है, इसलिए बंगाल में यूसीसी को लागू करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट कह दिया है कि पश्चिम बंगाल की पहचान श्यामाप्रसाद मुखर्जी जैसे नेताओं से है और मुखर्जी ने ही सबसे पहले कहा था कि एक देश में दो संविधान, दो निशान नहीं हो सकते। कोई भी प्रदेश और देश दो कानूनों के रहते विकास नहीं कर सकता हे। पिछली सरकारों ने मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति को अपनाते हुए पश्चिम बंगाल को विकास की दृष्टि से बहुत पीछे धकेल दिया है, लेकिन अब बगाल पीछे नहीं रहेगा और इसलिए यूसीसी लागू किया जा रहा है। सीएम ने कहा कि वह कोई असंवैधानिक काम नहीं कर रहे है। संविधान के अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रावधान हे। उन्होंने देश के संविधान के अनुरूप ही यूसीसी लागू करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत बहुविवाह पर रोक, विवाह एवं तलाक का अनिवार्य पंजीकरण और संपत्ति में पुत्र और पुत्री को समान अधिकार जैसे प्रावधान शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे मुस्लिम महिलाओं को ही फायदा होगा। यूसीसी लागू होने के बाद मुस्लिम पर्सनल लॉ और हिंदू कोड जैसी व्यवस्थाएं समाप्त हो जाएगी। यूसीसी लागू होने के बाद पश्चिम बंगाल भी विकास की पटरी पर दौड़ेगा। राजस्थान में अभी कमेटी ही: पश्चिम बंगाल देश में यूसीसी लागू करने वाला चौथा राज्य हो जाएगा। इससे पहले उत्तराखंड, गुजरात और असम में नागरिकों के लिए समान संहिता लागू हो चुकी है। भाजपा शासित राजस्थान भी उसी राह पर चल रहा है, लेकिन राजस्थान में अभी सिर्फ कमेटी का ही गठन किया गया है। यह कमेटी उन राज्यों का दौरा करेगी, जहां यूसीसी लागू हो चुका है। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज रंजन प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है। जहरीला कैप्सूल: 27 जून को मुंबई पुलिस ने भायखला क्षेत्र से फैयाज निसार नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। निसार पर मोहर्रम के जुलूस में जहरीला कैप्सूल बांटने का आरोप है। निसार की ओर से दावा किया गया कि यह कैप्सूल इम्यूनिटी बूस्टर है, लेकिन जांच में पता चला कि कैप्सूल में चूहे मारने का जहरीला पदार्थ भरा हुआ है। जिन लोगों ने कैप्सूल खाया उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया। कैप्सूल वितरण की जानकारी होते ही पुलिस ने फयाज निसार को गिरफ्तार किया और उसके पास से 15 हजार कैप्सूल बरामद किए। पुलिस की जांच पड़ताल में पता चला है कि फयाज निसार कई बार ईरान का दौरा कर चुका है और उसके संबंध ईरान के कट्टरपंथी संगठनों से है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 28-06-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
- Previous story केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मुलाकात में क्या सिर्फ पर्यावरण जलवायु परिवर्तन और विकास से जुड़े विषयों पर ही विमर्श हुआघ् एक्स पर दोनों की एक जैसी पोस्ट। क्या इस मुलाकात के पीछे भजन सरकार को रिपीट करवाने की योजना बनाने का उद्देश्य रहाघ् पश्चिम बंगाल में भूपेंद्र यादव की रणनीति से ही भाजपा की सरकार बनी और ममता बनर्जी राजनीतिक दृष्टि से कंगाल हो गई। ===================== 26 जून को अलवर के सांसद और केंद्रीय वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने जयपुर में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद दोनों ने एक्स पर एक जैसी पोस्ट की। दोनों ने कहा कि इस शिष्टाचार मुलाकात में पर्यावरण जलवायु परिवर्तन और विकास को लेकर विमर्श हुआ। सब जानते हैं कि भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में भूपेंद्र यादव का जबरदस्त दखल है। हाल ही के पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भूपेंद्र यादव भाजपा की ओर से चुनाव प्रभारी थे और उनकी रणनीति से विपरीत हालात वाले बंगाल में भाजपा को बहुमत मिला। इतना ही नहीं चुनाव परिणाम के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के 80 में से 60 विधायक और 9 में से 6 सांसद अलग हो गए। टीएमसी को कंगाल करने में भी भूपेंद्र यादव की रणनीति रही। कई राज्यों में भाजपा की सरकार दूसरी तीसरी और पांचवीं बार बनवाने में भी यादव की रणनीति ही काम आई है। यादव उत्तर प्रदेश बिहार राजस्थान गुजरात पश्चिम बंगाल महाराष्ट्र जैसे राज्यों के चुनाव प्रभारी रह चुके हैं। वर्ष 2013 में राजस्थान में जब भाजपा को बहुमत मिला तब यादव चुनाव प्रभारी थे। यादव ने वसुंधरा राजे का सारथी बनकर पूरे प्रदेश का दौरा किया। राजस्थान की भौगोलिक और राजनीतिक स्थिति से भूपेंद्र यादव पूरी तरह अवगत है। यह बात अलग है कि वसुंधरा राजे के कार्यकाल में ही भूपेंद्र यादव ने राजस्थान की राजनीति से दूरी बना ली। हालांकि यादव दो बार राजस्थान से ही राज्यसभा के सांसद बने लेकिन उनकी राजस्थान की राजनीति में रुचि कम रही। वर्ष 2024 में यादव ने अलवर से लोकसभा का चुनाव लड़ा और शानदार जीत दर्ज की। भूपेंद्र यादव मोदी.2 में भी वन एवं पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के मंत्री थे और मोदी 3 में भी यही मंत्रालय उन्हें मिला। इससे यादव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भरोसे का अंदाजा लगाया जा सकता है। भूपेंद्र यादव उन नेताओं में से है जो मीडिया से दूर रहते हैं और कभी भी किसी विवाद में नहीं पड़तेए लेकिन भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में भूपेंद्र यादव का जबरदस्त दखल है ऐसे में यादव का राजस्थान के मुख्यमंत्री से मुलाकात करना। राजनीतिक दृष्टि से बहुत मायने रखता है। भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व चाहता है कि राजस्थान में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार रिपीट हो। 5 वर्ष में से ढाई वर्ष गुजर चुके हैं और शेष ढाई वर्ष में भाजपा सरकार को रिपीट करने की योजनाएं बनाने लगी है। जानकारों की माने तो भजन सरकार को रिपीट करने की योजना बनाने के उद्देश्य ही 26 जून को भूपेंद्र यादव और भजनलाल शर्मा की मुलाकात हुई है। वैसे भी भजनलाल शर्मा केंद्र में भूपेंद्र यादव को अपना संरक्षक मानते हैं। यदि भूपेंद्र यादव राजस्थान की राजनीति में सक्रिय होते हैं तो इसका सबसे ज्यादा फायदा भजनलाल शर्मा को ही मिलेगा। मुख्यमंत्री शर्मा की भी इच्छा है कि भूपेंद्र यादव राजस्थान की राजनीति में जल्द से जल्द सक्रिय हो। यदि भूपेंद्र यादव सक्रिय होते हैं तो राजस्थान में वर्ष 2028 में भाजपा सरकार को रिपीट करने में बहुत मदद मिलेगी। गत पांच बार से राजस्थान में एक बार कांग्रेस और एक बार भाजपा की सरकार बन रही है। सीएम शर्मा का मानना है कि यदि भूपेंद्र यादव सक्रिय होते हैं तो राजस्थान में पांच पांच वर्ष की परंपरा को तोडा जा सकता है।
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