You may also like...
- Next story अदृश्य शक्ति ने बीकानेर में गैंगस्टर रोहित गोदारा के आलीशान मकान को मिट्टी में मिलाया। अपराधियों के खिलाफ ऐसी तरकीब तो यूपी के सीएम योगी के पास भी नहीं होगी। ============= गैंगस्टर रोहित गोदारा का नाम इन दिनों देशभर में चर्चित हे। उसके गुर्गे देश विदेश में बैठकर वसूली का काम कर रहे हैं। गैंग के कई सदस्य गिरफ्तार भी हुए हैं। आए दिन अखबारों में रोहित गोदारा के नाम से धमकियां मिलने की खबरें छप रही है। कारोबारियों में रोहित गोदारा के नाम का भय है। ऐसे माहौल में ही रोहित गोदारा के राजस्थान के बीकानेर के लूणकरणसर स्थित एक मकान मिट्टी में मिल गया है। सरकारी दस्तावेज में यह आलीशान मकान रोहित के पिता संत दास स्वामी के नाम दर्ज है। 14 जुलाई को इस मकान को किसने तोड़ा यह अभी तक भी पता नहीं चला है। बीकानेर की किसी भी सरकारी एजेंसी ने मकान तोड़ने की जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस का कहना है कि यदि कोई शिकायत प्राप्त होगी तो मकान तोड़ने वाले का पता लगाया जाएगा। भले ही अभी रोहित गोदारा के परिवार की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है। लेकिन जिस तरह से गैंगस्टर के मकान को मिट्टी में मिलाया गया है, उसकी चर्चा राजस्थान भर में हो रही है। ऐसा नहीं की रात के अंधेरे में गुपचुप तरीके से गैंगस्टर का मकान तोड़ दिया गया हो। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दिन दहाड़े जेसीबी आई और रोहित गोदारा के मकान को मिट्टी में मिला दिया। किसी ने भी मकान को तोड़ने पर ऐतराज नहीं किया। सब जानते हैं कि राजस्थान में मौजूदा समय में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा की सरकार चल रही है। 13 जुलाई को ही मुख्यमंत्री शर्मा ने प्रदेश के रेंज आईजी और पुलिस अधीक्षकों से वीसी के जरिए संवाद किया। सीएम ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्यवाही की जाए, जिससे उनकी रूह कांप उठे। सीएम ने यह भी कहा कि अपराध गठित होने पर रेंज आईजी और पुलिस अधीक्षक को जिम्मेदार माना जाएगा। 13 जुलाई को सीएम ने अपराधियों की रूह कांपने की बात कही तो 14 जुलाई को बीकानेर में गैंगस्टर रोहित गोदारा के आलीशान मकान को मिट्टी में मिलाने की खबर आई। माना जा रहा है कि किसी अदृश्य शक्ति ने रोहित गोदारा और उनके गुर्गे की रूह को कंपा दिया। राजस्थान में अपराधियों के खिलाफ जो अदृश्य शक्ति का उपयोग किया गया है, वैसी तरकीब तो योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश में भी देखने को नहीं मिली है। यह सही है कि यूपी पुलिस अपराधियों के खिलाफ कभी ऑल आउट तथा कभी लंगड़ा अभियान चलाती है। इन सब की जिम्मेदारी यूपी सरकार की होती है। कई बार सरकार को अदालतों में जवाब भी देना पड़ा है। लेकिन राजस्थान में अपराधियों के खिलाफ जो अदृश्य शक्ति की तरकीब अपनाई गई, इसमें किसी को भी जवाब देने की जरूरत नहीं है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 15-07-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
- Previous story आखिर जिस बात का डर था वो ही हुआ। होर्मुज में ईरान का दो तेल टैंकरों पर हमला। इसमें एक भारतीय नाविक की मौत, 9 घायल। मोदी सरकार भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। नाविकों की सुरक्षा विदेशी कंपनियों के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती है। ============= 11 जुलाई को होर्मुज मार्ग से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले जहाज पर ईरान की ओर से हमला किया गया। इस हमले में जहाज पर सवार 10 भारतीय नाविकों को बचा लिया गया, लेकिन एक नाविक अभी तक लापता है। इस घटना के बाद 13 जुलाई को मैंने एक ब्लॉग लिखा, जिसमें भारत की मोदी सरकार से भारतीय नाविकों की सुरक्षा का आग्रह किया गया था। इस ब्लॉग को मैंने बताया था कि समुद्र मार्ग पर जितने भी जहाज चल रहे हैं, इनमें अधिकांश में भारतीय नाविक तैनात है। जहाज और गैस तेल टैंकर किसी भी विदेशी कंपनी का हो, लेकिन उस पर अधिकतर नाविक भारतीय ही होंगे, ऐसे में यदि किसी भी जहाज पर हमला होता है तो सबसे ज्यादा भारतीय नाविका ही प्रभावित होंगे। इसी ब्लॉग में मैंने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भीषण युद्ध में भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात लिखी, लेकिन जिस बात का डर था वही हुआ। 14 जुलाई को होर्मुज मार्ग से गुजर रहे यूएई के दो तेल टैंकरों पर ईरान ने भीषण हमला किया। एक तेल टैंकर पर 12 और दूसरे टैंकर पर 18 भारतीय नाविक सवार थे। 30 भारतीय नाविकों में से एक की मौत हो गई तथा 9 घायल है, जिनका अब ओमान के अस्पताल में इलाज चल रहा है। जब यह बात सार्वजनिक है कि जहाजों पर भारतीय नाविक कार्यरत है, तब भारत की मोदी सरकार की जिम्मेदारी है कि वह भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। यह सही है कि अधिकांश जहाज और टैंकर विदेशी कंपनियों के हैं, लेकिन भारतीय नाविकों की सुरक्षा विदेशी कंपनियों के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती है। हर भारतीय नाविक की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारत सरकार की है। सरकार को यह पता लगाना चाहिए कि होर्मुज क्षेत्र में जो जहाज खड़े हैं, उनमें कितने भारतीय नाविक कार्यरत है। ऐसे नाविकों से संपर्क कर उनकी सुरक्षित भारत वापसी के इंतजाम किए जाने चाहिए। हालांकि मोदी सरकार ने ईरान के दिल्ली स्थित दूतावास के अधिकारियों को बुलाकर विरोध जताया है। लेकिन इस विरोध का ईरान पर कोई असर नहीं होगा। ईरान कह सकता है कि हम भारतीय जहाजों पर हमला नहीं कर रहे। लेकिन दूसरे देशों के जहाजों पर अधिकांश नाविक भारतीय ही है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 15-07-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
-
15 Jul, 2026
-
15 Jul, 2026
-
15 Jul, 2026
-
15 Jul, 2026
-
15 Jul, 2026
-
15 Jul, 2026
-
Extended Opportunity says:After Generating Millions Online, I've Created A Foolproof Money Making System,...
-
Extended Opportunity says:
-
http://bet-promokod.ru says:
More
Archives
-
15 Jul, 2026
-
15 Jul, 2026
-
15 Jul, 2026
-
15 Jul, 2026
