- Next story आनासागर में आने वाले 13 में से 10 नालों का पानी ट्रीट (शुद्ध) होकर ही गिर रहा है। 7 एमएलडी क्षमता वाला ट्रीटमेंट प्लांट 8 अगस्त से शुरू हो जाएगा। गंदे पानी को ट्रीट करने की प्रक्रिया को अजमेर का कोई भी नागरिक प्लांट पर आकर देख सकता है। मछलियों को बचाने के लिए आनासागर में चूना डाला और फाउंटेन भी चले। कलेक्टर लोकबंधु के निर्देश पर प्रभावी कार्यवाही ================ अजमेर के आनासागर में मर रही मछलियों, पानी में ऑक्सीजन की कमी ओर नालों का गंदा पानी गिरने की लोकर 13 जुलाई को मैंने ब्लॉग संख्या 12353 लिखा था। इस ब्लॉग पर जिला कलेक्टर लोक बंधु के निर्देश पर नगर निगम की कार्यवाहक आयुक्त नित्या के (आईएएस) ने प्रभावी कार्यवाही करवाई। आनासागर में जिन स्थानों पर मरी हुई मछलियां पड़ी थी, उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया गया है ताकि कुत्ते और मांसाहारी पक्षी गंदगी न फैलाए। आनासागर के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाने के लिए नाव से बड़ी मात्रा में चूना डाला गया है। इतना ही नहीं फाउंटेन चलाकर ऑक्सीजन को बढ़ाने के प्रयास भी किए गए है। आनासागर के संरक्षण से जुड़े नगर निगम के अधीक्षण अभियंता मनोहर सोनगरा ने बताया कि जिन स्थानों पर पानी का अभाव रहा, वहां मछलियां मरी है, लेकिन भविष्य में मछलियों के मरने की घटना न हो इसके लिए अब प्रभावी कदम उठाए हैं। आवश्यकता होने पर आनासागर में सूखे चूने को और डलवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि चूने में मिक्स पदार्थों से पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है। इस बात का भी ख्याल रखा जा रहा है कि आनासागर कि किनारे सूखी जमीन पर समुचित साफ सफाई हो, ताकि आवरा जानवर गंदगी न फैलाए। अभी जो कचरा पड़ा है, उसे भी युद्ध स्तर पर उठाने का काम किया जा रहा है। नालों का पानी ट्रीट हो रहा है: जिला कलेक्टर लोक बंधु के निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि आनासागर में नालों का पानी ट्रीट शुरू कर ही डाला जाए। सीवरेज और नालों के गंदे पानी को शुद्ध करने के संबंध में नगर निगम के अधिशासी अभियंता (सीवरेज योजना) रविंद्र जैन ने बताया कि जिन 13 नालों का पानी आनासागर में आता है, उनमें से 10 नालों के पानी को आनासागर के किनारे लगे ट्रीटमेंट प्लांट तक लाया जाता है। गंदे पानी को शुद्ध करने के बाद ही आनासागर में छोड़ा जा रहा है। ट्रीटमेंट प्लांट में पानी की शुद्धता के जो पैरामीटर निर्धारित कर रखे हैं, उसमें एक लीटर पानी में 2.5 मिलीग्राम ऑक्सीजन की मात्रा होनी चाहिए। इस पैरामीटर को आनासागर में पूरा किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त और जो तकनीकी मापदंड है, उन्हें भी पूरा किया जा रहा है। मौजूदा प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 13 एमएलडी पानी को शुद्ध करने की है। अभी 11 एमएलडी से ज्यादा पानी प्रतिदिन शुद्ध किया जा रहा है। एक्सईएन जैन ने प्लांट पर खड़े होकर कांच के दो बार अपने हाथ में लिए एक जार में गंदा पानी और दूसरे जार में प्लांट में शुद्ध हुआ पानी भरा। और यह बताने का प्रयास किया कि आनासागर में कितना शुद्ध पानी छोड़ा जा रहा है। जैन ने कहा कि आनासागर का ट्रीटमेंट प्लांट पूरी तरह कम्प्यूटराइज्ड है। कम्प्यूटर से ही प्लांट की इकाइयों को संचालित किया जाता है। ऐसे में गंदे पानी को आनासागर में नहीं छोड़ा जा सकता है। ट्रीटमेंट प्लांट की इस पारदर्शी प्रक्रिया को अजमेर का कोई भी नागरिक आकर देख सकता है। उन्होंने कहा कि जब प्लांट पर पानी को मापदंड के अनुरूप शुरू किया जा हा है तो निगम प्रशासन के पास छिपाने को कुछ भी नहीं है। उन्होंने माना कि मौजूदा समय में काजी का नाला, नागफनी का नाला और महावीर कॉलोनी के नाले के पानी को शुद्ध नहीं किया जा रहा है। इन नालों का पानी फिलहाल पाइपों में ही संग्रहित रखा गया है। उन्होंने बताया कि मौजूदा प्लांट के पास ही 7 एमएलडी की क्षमता वाला एक और प्लांट लग रहा है। इन नए प्लांट में भी 8 अगस्त से गंदे पानी को ट्रीट करने का काम शुरू हो जाएगा। नए प्लांट के शुरू होने के बाद आनासागर में आने वाले सभी 13 नालों के पानी को शुद्ध किया जा सकेगा। जैन ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि आनासागर के ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ी सीवरेज लाइनें अब सुचारू काम कर रही है। इसलिए इस क्षेत्र में सीवरेज चैंबर के ओवरफ्लो होने की घटनाएं नहीं हो रही। यानी घरों से निकलने वाला सीवरेज का पानी पाइप लाइन के जरिए ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंच रहा है। जैने ने आनासागर के आसपास बसी कॉलोनियों के लोगों से भी अपील की कि वेएक बार एसटीपी प्लांट पर आकर पानी के शुद्ध होने की प्रक्रिया को देखे। आनासागर में साफ सफाई और ट्रीटमेंट प्लांट की प्रक्रिया से जुड़े फोटोज मेरे फेसबुक पेज पर देखे जा सकते हैं। S.P.MITTAL BLOGGER ( 14-07-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
- Previous story अदृश्य शक्ति ने बीकानेर में गैंगस्टर रोहित गोदारा के आलीशान मकान को मिट्टी में मिलाया। अपराधियों के खिलाफ ऐसी तरकीब तो यूपी के सीएम योगी के पास भी नहीं होगी। ============= गैंगस्टर रोहित गोदारा का नाम इन दिनों देशभर में चर्चित हे। उसके गुर्गे देश विदेश में बैठकर वसूली का काम कर रहे हैं। गैंग के कई सदस्य गिरफ्तार भी हुए हैं। आए दिन अखबारों में रोहित गोदारा के नाम से धमकियां मिलने की खबरें छप रही है। कारोबारियों में रोहित गोदारा के नाम का भय है। ऐसे माहौल में ही रोहित गोदारा के राजस्थान के बीकानेर के लूणकरणसर स्थित एक मकान मिट्टी में मिल गया है। सरकारी दस्तावेज में यह आलीशान मकान रोहित के पिता संत दास स्वामी के नाम दर्ज है। 14 जुलाई को इस मकान को किसने तोड़ा यह अभी तक भी पता नहीं चला है। बीकानेर की किसी भी सरकारी एजेंसी ने मकान तोड़ने की जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस का कहना है कि यदि कोई शिकायत प्राप्त होगी तो मकान तोड़ने वाले का पता लगाया जाएगा। भले ही अभी रोहित गोदारा के परिवार की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है। लेकिन जिस तरह से गैंगस्टर के मकान को मिट्टी में मिलाया गया है, उसकी चर्चा राजस्थान भर में हो रही है। ऐसा नहीं की रात के अंधेरे में गुपचुप तरीके से गैंगस्टर का मकान तोड़ दिया गया हो। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दिन दहाड़े जेसीबी आई और रोहित गोदारा के मकान को मिट्टी में मिला दिया। किसी ने भी मकान को तोड़ने पर ऐतराज नहीं किया। सब जानते हैं कि राजस्थान में मौजूदा समय में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा की सरकार चल रही है। 13 जुलाई को ही मुख्यमंत्री शर्मा ने प्रदेश के रेंज आईजी और पुलिस अधीक्षकों से वीसी के जरिए संवाद किया। सीएम ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्यवाही की जाए, जिससे उनकी रूह कांप उठे। सीएम ने यह भी कहा कि अपराध गठित होने पर रेंज आईजी और पुलिस अधीक्षक को जिम्मेदार माना जाएगा। 13 जुलाई को सीएम ने अपराधियों की रूह कांपने की बात कही तो 14 जुलाई को बीकानेर में गैंगस्टर रोहित गोदारा के आलीशान मकान को मिट्टी में मिलाने की खबर आई। माना जा रहा है कि किसी अदृश्य शक्ति ने रोहित गोदारा और उनके गुर्गे की रूह को कंपा दिया। राजस्थान में अपराधियों के खिलाफ जो अदृश्य शक्ति का उपयोग किया गया है, वैसी तरकीब तो योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश में भी देखने को नहीं मिली है। यह सही है कि यूपी पुलिस अपराधियों के खिलाफ कभी ऑल आउट तथा कभी लंगड़ा अभियान चलाती है। इन सब की जिम्मेदारी यूपी सरकार की होती है। कई बार सरकार को अदालतों में जवाब भी देना पड़ा है। लेकिन राजस्थान में अपराधियों के खिलाफ जो अदृश्य शक्ति की तरकीब अपनाई गई, इसमें किसी को भी जवाब देने की जरूरत नहीं है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 15-07-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
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