- Next story ढाई वर्ष में ही जमीन से आसमान में पहुंच गए सतीश पूनिया। वसुंधरा राजे का मान सम्मान बरकरार रखा। मन्नालाल रावत अब आदिवासियों के बीच भाजपा की पैठ जमाएंगे। साफ सुथरी छवि का लाभ मिला सीए राजेश मंगल को। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राजस्थान पर फोकस। ============== भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 17 अगस्त को जो कार्यकारिणी घोषित की है इसमें राजस्थान पर विशेष फोकस किया गया है। चूंकि राजस्थान में गत पांच बार से भाजपा और कांग्रेस के बीच सत्ता की अदला बदली हो रही है, इसलिए इस बार भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व का प्रयास है कि वर्ष 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्ता भाजपा के पास ही रहे। यही वजह है कि राजस्थान से केंद्र सरकार में चार मंत्रियों की मौजूदगी के बाद संगठन में भी प्रदेश के नेताओं को भी महत्व दिया गया है। इसका असर इसी वर्ष होने वाले शहरी निकाय और पंचायती राज चुनाव पर भी पड़ेगा। जमीन से आसमान पर: राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया को महामंत्री बनाया गया है। सब जानते हैं कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे पूनिया ढाई वर्ष पहले विधानसभा का चुनाव हार गए थे। तब पूनिया जमीन पर आ गए थे। पूनिया का दर्द और बढ़ गया, जब भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में भी कोई पद नहीं मिला, लेकिन पूनिया ने धैर्य नहीं खाया और एक वर्ष बाद ही पूनिया को राजनीति में जमीन से थोड़ा उठने का मौका मिल गया। पूनिया को हरियाणा का प्रभारी बनाया और हरियाणा में भाजपा की फिर से सरकार बन गई। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व की नजर में आने के बाद पूनिया को राजस्थान से राज्यसभा का सांसद बनाया गया। सांसद बनने के बाद अटकले लगाई गई कि पूनिया को केंद्र में मंत्री बनाया जाएगा। ऐसे अटकलों पर पूनिया ने स्वयं सख्ती से विराम लगाया। पूनिया को पता था कि राष्ट्रीय नेतृत्व उनका संगठन में ही उपयोग करेगा। जो पूनिया ढाई वर्ष पहले विधानसभा का चुनाव हार कर जमीन पर आ गए थे, वो ही पूनिया 17 अगस्त को भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री बनकर राजनीति के आसमान पर पहुंच गए है। इसमें कोई दो राय नहीं कि पूनिया का भाजपा की राजनीति में दबदबा बढ़ा है। पूनिया की इस नियुक्ति से भाजपा को शहरी निकाय और पंचायती राज चुनाव में खासा फायदा होगा। मान सम्मान बरकरार: भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का मान सम्मान बरकरार रखा है। नई कार्यकारिणी में राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए रखा है। अमित शाह जब भाजपा के अध्यक्ष थे, तब से ही राजे उपाध्यक्ष है। भले ही राजे ने उपाध्यक्ष पद पर रहते हुए राष्ट्रीय राजनीति में कभी भी सक्रियता न दिखाई हो, लेकिन राजे के मान सम्मान को बरकरार रखा गया है। उपाध्यक्ष पद बरकरार रखने पर राजे ने अध्यक्ष नितिन नवीन का आभार जताया है। राजे के समर्थकों को अब इसी बात में खुश रहना होगा कि राजे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनी हुई है। आदिवासियों में पैठ: नई कार्यकारिणी में उदयपुर के भाजपा सांसद मन्नालाल रावत को एसटी मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। सांसद बनने से पहले रावत राजस्थान के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में सक्रिय थे। एसटी मोर्चे का अध्यक्ष बनने के बाद अब रावत पर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में भाजपा की पैठ जमाने की जिम्मेदारी आ गई है। प्रदेश में आदिवासी बाहुल्य बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ आदि क्षेत्रों में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) का खासा प्रभाव है। इस पार्टी का एक सांसद और चार विधायक है। देखना होगा कि रावत के नेतृत्व में अब प्रदेश में भाजपा का प्रभाव कैसे बढ़ता है। साफ सुथरी छवि: नई कार्यकारिणी में जयपुर के सीए राजेश मंगल को सह कोषाध्यक्ष बनाया गया है। कोषाध्यक्ष की जिम्मेदार केंद्रीय उद्योग और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के पास है। मंग लकी नियुक्ति के पीछे उनकी साफ सुथरी छवि है। मंगल की नियुक्ति कर भाजपा ने वैश्य समाज को प्रतिनिधित्व देने का काम किया है। पूर्व में रामदास अग्रवाल भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रह चुके हैं। S.P.MITTAL BLOGGER ( 18-08-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
- Previous story अजमेर के जिला कलेक्टर लोकबंधु को राज्य स्तरीय सम्मान उनके मधुर और शालीन व्यवहार के कारण भी मिला है। रात्रि चौपाल के लिए प्रदेश भर में चर्चित है। ============= अजमेर के जिला कलेक्टर लोक बंधु को 15 अगस्त को बीकानेर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में प्रशंसीय राज्य सेवा एवं कुशल कार्य निष्पादन के लिए योग्यता प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कलेक्टर को यह सम्मान राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिया। इसमें कोई दो राय नहीं की सरकारी योजनाओं की क्रियान्विति और जनकल्याणकारी का लाभ जरूरतमंद लोगों को दिलवाने में कलेक्टर लोक बंधु की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जो आम रास्ते कब्जों के कारण बंद थे, उन्हें भी खुलवा कर लोगों को राहत पहुंचाई गई। सरकारी और वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए भी अभियान चलाए गए। लेकिन प्रदेश के प्रशासनिक क्षेत्रों में लोक बंधु की सबसे ज्यादा चर्चा रात्रि चौपाल को लेकर है। कलेक्टर पद की अनेक व्यवस्थाओं के बावजूद लोकबंधु ने ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि चौपाल लगाने में कोई कसरनहीं छोड़ी। कई बार तो जिला मुख्यालय पर रात 8 बजे तक काम करने के बाद लोकबंधु रात 9 बजे संबंधित गांव में रात्रि चौपाल के कार्यक्रम में शामिल हुए। लेाक बंधु ने सिर्फ दिखाने के लिए रात्रि चौपाल नहीं की, बल्कि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया। लोक बंधु का राज्य स्तर पर यह सम्मान उनके मधुर और शालीन व्यवहार के कारण भी हुआ है। सत्तारूढ़ नेताओं के साथ ही नहीं बल्कि विपक्ष के नेताओं के साथ भी कलेक्टर ने हमेशा शालीन व्यवहार किया। कई बार ऐसे मौके आए जब कलेक्टर ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से अपने कक्ष से बाहर आकर भी संवाद किया। कलेक्टर के व्यवहार को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं को भी कोई शिकायत नहीं है। राजनीतिक दृष्टि से अजमेर का महत्व इसलिए भी है कि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, कैबिनेट मंत्री सुरेश रावत अजमेर जिले से ही विधायक है। देवनानी का निर्वाचन क्षेत्र उत्तर और सुरेश रावत का निर्वाचन क्षेत्र पुष्कर की सीमाएं आपस में मिली हुई है। इसके बाद भी लोकबंधु इन दोनों ताकतवर नेताओं के बीच तालमेल बनाए रखते हैं। हाल ही में पुष्कर घाटी में हाईट गेट को लेकर विवाद की स्थिति हुई, लेकिन लोकबंधु ने अपने शालीन व्यवहार और प्रशासनिक कूटनीति के तहत पुष्कर और अजमेर उत्तर के लोगों को नियंत्रण में रखा। लोकबंधु देवनानी और सुरेश रावत के साथ साथ अजमेर के सांसद और केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी के सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ते। चूंकि किशनगढ़ में कांग्रेस के विधायक डॉ. विकास चौधरी है, लेकिन फिर भी लोकबंधु भाजपा और कांग्रेस के बीच तालमेल बनाए हैं। विकास चौधरी जिले में कांग्रेस के एक मात्र विधायक है। चौधरी देहात कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भी हैं। विधायक चौधरी को भी कलेक्टर के व्यवहार से कोई शिकायत नहीं है। कई जिलों के कलेक्टरों का तबादला एक वर्ष बाद ही हो जाता है। लेकिन लोकबंधु को अजमेर में दो वर्ष हो रहे हैं। लोकबंधु का अपने अधीनस्थ अधिकारियों से भ अच्छा तालमेल है। यही वजह है कि अधीनस्थ अधिकारी कलेक्टर से जब चाहे तब बिना झिझक संवाद कर सकते हैं। कलेक्टर ने जो व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा है उसमें अधीनस्थ अधिकारियों को सवालों के जवाब तत्काल देते हैं। किसी भी अधीनस्थ अधिकारी की समस्या को लोकबंधु कभी नहीं टालते। जनसमस्याओं के निदान को लोकबंधु पहली प्राथमिकता देते हैं। S.P.MITTAL BLOGGER ( 17-08-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
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