- Next story राहुल गांधी ने हास्य कलाकार के साथ मिल कर पीएम मोदी का मजाक उड़ाया। इसलिए राजनीति में राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लिया जाता। राहुल गांधी का ऐसा कृत्य प्रतिपक्ष के नेता के पद पर भी सवाल उठता है। ============== कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे और मौजूदा समय में लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 19 सितंबर को इंदौर में छात्रों की गूंज के कार्यक्रम में मंच पर हास्य कलाकार पुलकित मणि को बुलाया और फिर दोनों ने मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ाया। दोनों ने पीएम मोदी की दिवंगत माता जी को भी घसीट लिया। राहुल गांधी राजनीतिक मुद्दों पर पीएम मोदी पर हमला करे, इस पर किसी को भी ऐतराज नहीं है, लेकिन जब राहुल गांधी किसी हास्य कलाकार के साथ देश के प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाएंगे, तो इसे लोकतंत्र में सभ्य तरीका नहीं माना जाएगा। यह माना कि नरेंद्र मोदी के कारण कांग्रेस पिछले 12 वर्षों से सत्ता से बाहर है। राज्यों में भी कांग्रेस की लगातार हार हो रही है। 28 राज्यों में से मात्र चार राज्यों में कांग्रेस की सरकार है। लगातार हार की वजह से राहुल गांधी और कांग्रेस के नेता निराश और हताश है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि सार्वजनिक मंचों पर पीएम मोदी और उनकी दिवंगत माताजी का मजाक उड़ाया जाए। जो राहुल गांधी 150 वर्ष पुरानी कांग्रेस के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे, उन्हें जब पीएम ेादी पर हमला करने के लिए हास्य कलाकार की जरूरत हो रही है? राहुल गांधी सिर्फ कांग्रेस के नेता ही नहीं बल्कि लोकसभा में विपक्ष के नेता भी है। प्रतिपक्ष का नेता होने के कारण राहुल गांधी संवैधानिक पद पर है। राहुल को कम से कम अपने संवैधानिक पद की मर्यादाओं का तो ख्याल रखना ही चाहिए। जब राहुल गांधी सार्वजनिक मंच पर किसी हास्य कलाकार के साथ मिमिक्री करते हैं तो स्वयं का भी मजाक उड़ाते हैं। क्या विपक्ष का नेता मिमिक्री करते हुए अच्छा लगाता है? राहुल गांधी माने या नहीं, लेकिन ऐसे कृत्यों के कारण ही देश की राजनीति में उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाता। राहुल गांधी को तथ्यों के आधार पर पीएम मोदी की आलोचना करनी चाहिए। इसके लिए राहुल गांधी के पास संसद में विशेषाधिकार है। राहुल गांधी चाहे जितने समय तक संसद में पीएम मोदी की आलोचना कर सकते हैं, लेकिन सब जानते है कि राहुल गांधी संसद सत्र को चलने ही नहीं देते। पिछले एक वर्ष से संसद के तीनों सत्र हंगामे की भेंट चढ़ चुके हैं। अच्छा होता कि राहुल गांधी तथ्यों के आधार पर संसद में आलोचना करते। चूंकि संसद की कार्यवाही का सीधा प्रसारण भी होता है, इसलिए राहुल गांधी की राजनीतिक कुशलता देखने और सुनने का अवसर देशवासियों को मिलता, लेकिन राहुल गांधी संसद के बाहर पीएम मोदी की मिमिक्री करते है। राहुल गांधी के इस मर्यादाहीन कृत्य को पूरा देश देख रहा है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 21-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
- Previous story क्या पार्षदों को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के साथ नाश्ता करवा देने से अजमेर में कांग्रेस का मेयर बन जाएगा? धर्मेन्द्र राठौड़ और डॉ. जयपाल की प्रतिष्ठा दांव पर। ब्रह्माजी आ जाए तब भी भाजपा का मेयर नहीं बन सकता-रामचंद्र चौधरी। ============== अजमेर के सभी 37 कांग्रेस के पार्षद इन दिनों कांग्रेस शासित कर्नाटक के बेंगलुरु में है। अजमेर में कांग्रेस के पार्षद इधर उधर न हो जाए, इसलिए पार्षदों को बेंगलुरु में सुरक्षित रखा गया है। कांग्रेस के नेताओं की योजना के मुताबिक पार्षदों को 20 सितंबर को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के.शिवकुमार के साथ नाश्ता करने का अवसर भी मिलेगा। बड़े नेताओं का मानना है कि मुख्यमंत्री के साथ नाश्ता करने से पार्षदों की हौसला अफजाई होगी। वे कांग्रेस के प्रति वफादार बने रहेंगे, लेकिन सवाल उठता है कि क्या पार्षदों के मुख्यमंत्री के साथ नाश्ता कर लेने से अजमेर में कांग्रेस का मेयर बन जाएगा? मेयर बनने के लिए 41 पार्षदों के बहुमत की जरूरत है। कांग्रेस का दावा है कि 11 निर्दलीय पार्षदों में से चार का समर्थन मिल गया है। मेयर पद के लिए 21 सितंबर को मतदान होना है। इसलिए कांग्रेस के सभी पार्षद 20 सितंबर की रात तक अजमेर आ जाएंगे। 21 सितंबर को 11 बजे मतदान शुरू होने के साथ ही कांग्रेस के पार्षद वोट डाल देंगे। नगर निगम के चुनाव में इस बार शहरी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल और आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़ की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई हैै। यदि कांग्रेस की उम्मीदवार किरण गढ़वाल मेयर बनती है तो इसका पूरा श्रेय डॉ. जयपाल और राठौड़ को मिलेगा। पार्षदों को कर्नाटक ले जाने का फैसला भी इन दोनों ही नेताओं ने लिया। वही भाजपा के नेताओं खासकर विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का मानना है कि कांग्रेस के पार्षदों में क्रॉस वोटिंग होगी। भाजपा ने श्रीमती अनामिका शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। वहीं डेयरी के अध्यक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामचंद्र चौधरी ने कहा, अब ब्रह्माजी भी आ जाए तब भी भाजपा का मेयर नहीं बन सकता है। अजमेर में कांग्रेस का मेयर बनना तय है। मालूम हो कि भाजपा के पार्षदों की संख्या 32 है। भाजपा को अनेक निर्दलीय पार्षदों का समर्थन भी बताया जा रहा है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 20-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
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