S.P. MITTAL Blog

अजमेर की तोषनीवाल इंडस्ट्रीज भी बना रही है ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर । मरीज को एक मिनट में 10 लीटर ऑक्सीजन 90 प्रतिशत से भी ज्यादा की क्षमता से उपलब्ध होगा।

अजमेर के माखुपुरा स्थित औद्योगिक क्षेत्र में संचालित तोषनीवाल इंडस्ट्री में भी ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर का निर्माण युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इस इंड्रस्टी में अब तक करीब 150 कॉन्सेंट्रेटर की बुकिंग कर...

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राजस्थान के सख्त लॉकडाउन में शराब की दुकानें भी बंद हो। संपूर्ण शराबबंदी आंदोलन की अध्यक्ष पूनम छाबड़ा ने गांधीवादी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा।

कोरोना की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए राजस्थान में 10 से 24 मई सख्त लॉकडाउन लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का मानना है कि लोग अभी भी लापरवाही बरत रहे हैं।...

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राजस्थान में लॉकडाउन लगे 22 दिन गुजर गए, लेकिन अभी तक भी असर नहीं हुआ है। दूसरी लहर में पूरा परिवार संक्रमित हो रहा है। लगातार बढ़ रही है संक्रमित मरीजों की संख्या।

राजस्थान देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है, जहां कोरोना की दूसरी लहर की शुरुआत में ही लॉकडाउन लगा दिया गया था। प्रदेश में 16 अप्रैल से ही लॉक डाउन लगा हुआ है,...

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ऑक्सीजन के संकट पर राजस्थान हाई कोर्ट स्वत: संज्ञान क्यों नहीं लेता? क्या जजों को राजस्थानियों की मौतें नजर नहीं आ रही? केन्द्र और राज्य की लड़ाई में आखिर कब तक मरते रहेंगे लोग। केन्द्र के सिर ठीकरा फोड़ कर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती है राज्य सरकार।

दिल्ली और कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले बरकरार रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि दिल्ली को 700 मीट्रिक टन और कर्नाटक को 1200 मीट्रिक टन ऑक्सीजन प्रतिदिन मिलनी चाहिए। कोर्ट ने इसके...

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दिल्ली को रोजाना 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन देने के लिए राजस्थान को जामनगर भेजा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का असर। प्रदेश के निजी अस्पतालों का ऑक्सीजन कोटा बढ़ाने पर अजमेर के मित्तल अस्पताल ने राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव का आभार जताया।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केन्द्र सरकार ने दिल्ली को प्रतिदिन 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन देने का जो निर्णय लिया है उससे अब राजस्थान को परेशानी हो रही है। प्रदेश के पांच निजी अस्पतालों...

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पश्चिम बंगाल को बचाने की जिम्मेदारी ममता बनर्जी की भी है। नहीं तो फारुख अब्दुल्ला और महबूबा की तरह अप्रासंगिक हो जाएंगी। जान बचाने के लिए हजारों बंगालियों को असम में शरण लेनी पड़ी है। कश्मीर जैसे हालातों की शुरुआत।

6 मई को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन के काफिले पर हमले की घटना बताती है कि वहां हालात कितने गंभीर है। पश्चिम बंगाल को चरमपंथियों से बचाने की जिम्मेदारी...

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आखिर इस लॉकडाउन में नया क्या है? सिवाय इसके कि राजस्थान अब 24 मई तक लॉकडाउन रहेगा। बार बार राजस्थानियों को लापरवाह बताने से कुछ नहीं होगा। सरकार भी तो कुछ करें। चरमराई चिकित्सा व्यवस्था के कारण राजस्थान का बुरा हाल। कबाड़ में पड़े हैं वेंटीलेटर।

राजस्थान में 16 अप्रैल से लॉकडाउन लगा हुआ है। यानी 22 दिनों से राजस्थान के लोग घरों पर कैद हैं, लेकिन अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का मानना है कि राजस्थानी लापरवाही...

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विशेषज्ञों ने जब कोरोना की तीसरी लहर पर चिंता जताई तब भारत में दूसरी लहर में एक दिन में 4 लाख 12 हजार लोग संक्रमित हुए। सुप्रीम कोर्ट को दिल्ली के साथ साथ देश के अन्य राज्यों के संक्रमित मरीजों की भी चिंता करनी चाहिए। कोर्ट के डंडे के डर से केन्द्र सरकार ने दिल्ली को एक ही दिन में 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दी। जबकि 7 करोड़ की आबादी वाले राजस्थान को 250 मीट्रिक टन ऑक्सीजन भी नहीं मिल रही है। जोधपुर के अस्पताल में कथावाचक आसाराम बापू की तबीयत बिगड़ी।

6 मई को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले चौबीस घंटे के जो आंकड़े जारी किए हैं उनमें देश में 4 लाख 12 हजार 262 व्यक्ति कोरोना संक्रमित हुए हैं। जबकि तीन हजार 980 संक्रमित...

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राजस्थान के 4 हजार कॉलेज शिक्षकों ने एक दिन के वेतन देने की पेशकश की। संघ के महामंत्री डॉ. बिस्सु ने सीएम को पत्र लिखा। किशनगढ़ विधायक टाक की पहल पर 20 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर 7 मई को आएंगे। 80 कॉन्सेंट्रेटर का ऑर्डर दिया है। जरूरतमंद संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन के लिए अजमेर में प्रतिदिन लग रहा है कैम्प।

कोरोना काल में लोगों की मदद करने के लिए राजस्थान विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के प्रदेश महामंत्री डॉ. सुशील बिस्सु ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को एक पत्र लिखकर एक दिन के वेतन...

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21 दिन के सख्त लॉकडाउन के बाद भी संक्रमण के विस्तार के लिए क्या राजस्थान के लोग जिम्मेदार हैं? 16 अप्रैल को जब लॉकडाउन लगाया था, तब प्रतिदिन 6 हजार संक्रमित मरीजों का आंकड़ा था, आज 17 हजार के पार है। आखिर क्यों नहीं हो रहा है लॉकडाउन का असर? झूठे सरकारी आंकड़ों के अनुसार भी प्रतिदिन 150 संक्रमित मरीजों की मौत हो रही है।

राजस्थान में गत 16 अप्रैल से संपूर्ण लॉकडाउन लगा हुआ है। सिर्फ किराना की दुकानें और दूध, सब्जी फल आदि को ही सुबह 6 से 11 बजे तक खुलने की अनुमति है। शादी ब्याह...

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