अशोक गहलोत और गोविंद सिंह डोटासरा की वजह से पेपर लीक पर पोल खुल जाएगी, इसलिए कांग्रेस संसद में चर्चा नहीं होने दे रही। राजस्थान में रीट का पेपर लीक होने पर डोटासरा ने कहा था कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा क्यों दें? ================ नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष 20 जुलाई से संसद में हंगामा कर रहा है। सरकार की ओर से बार बार आग्रह किया जा रहा है कि पेपर लीक पर चर्चा के लिए तैयार है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राजस्थान के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने भी कहा है कि विपक्ष के नेता जितने समय के लिए चाहे उतने समय तक पेपर लीक पर चर्चा करवाने को तैयार है। लेकिन इसके बाद भी संसद के दोनों सदनों में पेपर लीक पर चर्चा नहीं हो रही है। असल में कांग्रेस को पता है कि यदि पेपर लीक पर चर्चा हुई तो राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की वजह से पोल खुल जाएगी। कांग्रेस ने खासकर राहुल गांधी ने पेपर लीक को लेकर जो मांगे सरकार के समक्ष रखी है, उनकी हवा चर्चा के दौरान निकल जाएगी। असल में राजस्थान में अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री रहते हुए वर्ष 2018 से 2023 के बीच 19 परीक्षाओं के पेपर आउट हुए। बार बार पेपर लीक की घटनाओं पर गहलोत ने कहा था कि पेपर लीक को रोकना अकेले किसी सरकार के बस में नहीं है, क्योंकि इसमें संगठित गिरोह शामिल है। तब गहलोत ने इसे देशव्यापी समस्या बताया था। पेपर लीक पर गहलोत ने जो कुछ कहा उसे भाजपा के सांसद संसद में चर्चा के दौरान बताएंगे और जब गहलोत के कथन एक एक कर बताए जाएंगे तो कांग्रेस की मौजूदा मांगों की हवा निकल जाएगी। कांग्रेस अभी नीट पेपर लीक पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा भी मांग रही है। लेकिन राजस्थान में गोविंद सिंह डोटासरा जब कांग्रेस सरकार में शिक्षा मंत्री थे, तब शिक्षक पात्रता परीक्षा रीट का पेपर लीक हुआ। तब 20 लाख से ज्यादा युवाओं को दोबारा से परीक्षा देनी पड़ी थी। तब शिक्षा मंत्री के नाते डोटासरा से इस्तीफे की मांग की गई, लेकिन तब डोटासरा ने कहा कि रीट का पेपर लीक होने पर शिक्षा मंत्री इस्तीफा क्यों दे? परीक्षा करवाने की जिम्मेदारी राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की है। यानी तब कांग्रेस ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को खारिज कर चुकी है। ऐसे में सवाल उठता है कि आज नीट पेपर लीक पर कांग्रेस किस मुंह से शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांग रही है? संसद में चर्चा के दौरान भाजपा के सांसद डोटासरा के कथन का भी उल्लेख करेंगे। इतना ही नहीं संसद में चर्चा के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट के बयानों को भी पढ़ा जाएगा। पायलट, गहलोत सरकार में डिप्टी सीएम थे और तब उन्होंने पेपर लीक पर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया था। पायलट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग में सीएम गहलोत द्वारा की गई सदस्यों की नियुक्ति पर भी ऐतराज जताया था। इतना ही नहीं अपनी ही सरकार के खिलाफ पायलट ने अजमेर से जयपुर तक पद यात्रा भी निकाली। संसद को यह भी बताया जाएगा कि कि गहलोत द्वारा आयोग में नियुक्त सदस्य बाबूलाल कटारा तो स्वयं ही परीक्षा के प्रश्न पत्रों को बेचने का काम कर रहा था। कटारा अभी जेल में है तथा गहलोत द्वारा नियुक्त दो महिला सदस्य श्रीमती संगीता आर्य और श्रीमती मंजू शर्मा आरोपों के बाद इस्तीफा दे चुकी है। संसद को यह भी बताया जाएगा कि आयोग में एक सदस्य की नियुक्ति के बाद अशोक गहलोत को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी पड़ी थी। तब गहलोत ने कहा था कि मुझे इस सदस्य की पृष्ठभूमि पता होती तो मैं नियुक्ति नहीं करता। कांग्रेस को पता है कि पेपर लीक पर चर्चा हुई तो गहलोत और डोटासरा की वजह से पोल खुल जाएगी। S.P.MITTAL BLOGGER ( 25-07-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

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