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- Next story तीन बार मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत अपना मुकाबला मौजूदा सीएम भजनलाल शर्मा से क्यों कर रहे हैं? शहरी निकाय के चुनाव में रोड शो करने का मामला। ================ राजस्थान में 9 और 11 सितंबर को 309 शहरी निकायों के 10245 वार्डों के चुनाव होने हैं। इन चुनावों में भाजपा उम्मीदवारों को जितवाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बड़े शहरों में रोड शो कर रहे है। 5 सितंबर को सीएम शर्मा ने भीलवाड़ा और उदयपुर, 6 सितंबर को अजमेर, बीकानेर और जोधपुर में रोड शो किया। 7 सितंबर को अलवर, भरतपुर में रोड शो कर रहे है। 8 सितंबर को जयपुर में करेंगे। सीएम शर्मा के लगातार रोड शो करने पर पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने एतराज जताया है। गहलोत का कहना है कि शहरी निकाय का चुनाव वार्ड स्तर का होता है, इसलिए मुख्यमंत्री पद पर आसीन नेता को प्रचार नहीं करना चाहिए। गहलोत ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए शहरी निकाय चुनावों में कभी भी कांग्रेस का प्रचार नहीं किया। समझ में नहीं आता कि गहलोत अपनी तुलना भजनलाल शर्मा से क्यों कर रहे हैं? गहलोत को यह समझना चाहिए कि शर्मा भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री हैं और भाजपा के लिए वार्ड को लेकर लोकसभा तक का चुनाव एक समान होता है। जो मतदाता वार्ड चुनाव में मतदान करता है, वही मतदाता विधायक और सांसद भी चुनता है। वैसे भी राजनीति में गहलोत और शर्मा का मुकाबला नहीं हो सकता। गहलोत तीन बार मुख्यमंत्री तीन बार केंद्रीय मंत्री और तीन बार ही प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं। जबकि भजनलाल शर्मा पहली बार विधायक बनकर मुख्यमंत्री बने हैं, शर्मा विधायक बनने से पहले सिर्फ एक बार सरपंच बने। यानी राजनीति में भजनलाल शमा्र के मुकाबले अशोक गहलोत की वरिष्ठता बहुत ज्यादा है, उसमें वार्ड का चुनाव छोटा ही नजर आएगा। भजनलाल शर्मा को गहलोत की बराबरी करने के लिए कम से कम 2 बार तो मुख्यमंत्री बनना ही पड़ेगा। चूंकि शर्मा को वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में अपनी सरकार को रिपीट करवाना है, इसलिए वार्ड चुनाव महत्व रखता है। आज गहलोत को भले ही लोकप्रिय होने की जरुरत न हो, लेकिन भजनलाल शर्मा को है। शहरी निकाय के चुनाव में रोड शो के दौरान शर्मा वार्ड स्तर के भाजपा कार्यकर्ता से भी संवाद कर रहे है। जब वार्ड स्तर का कार्यकर्ता सीधे मुख्यमंत्री से संवाद करता है तो फिर उसका उत्साह चार गुना बढ़ जाता है। अशोक गहलोत भले ही वार्ड के चुनाव को निम्न स्तर का मानते हो, लेकिन भजनलाल शमा्र के लिए वार्ड स्तर का चुनाव भी मायने रखता है। सीएम शर्मा के शहरी क्षेत्रों में रोड शो की वजह से भाजपा को फायदा हो रहा है। भाजपा के बागी उम्मीदवार अधिकृत उम्मीदवार का समर्थन भी करने लगे हैं। S.P.MITTAL BLOGGER ( 07-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
- Previous story अजमेर के पूर्व मेयर धर्मेन्द्र गहलोत ने भले ही भाजपा छोड़ दी, लेकिन उनमें भाजपाई संस्कार तो है ही-मदन राठौड़, प्रदेशाध्यक्ष। कांग्रेस में महिला कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं, इसलिए स्नेहलता अग्रवाल बागी उम्मीदवार। भाजपा उम्मीदवार गिरीश बाशानी ने मसाणिया भैरव धाम का आशीर्वाद लिया। ================ राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि अजमेर के पूर्व मेयर धर्मेन्द्र गहलोत ने भले ही भाजपा छोड़ दी हो, लेकिन उनमें भाजपा के संस्कार बने हुए है। मालूम हो कि गहलोत की पत्नी हेमा गहलोत अजमेर नगर निगम के वार्ड संख्या 4 से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर खड़ी हे। अपनी पत्नी को चुनाव जितवाने के लिए गहलोत ने पूरी ताकत लगा रखी है। प्रदेश अध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि मैं चाहता हूं कि गहलोत अपनी पत्नी की उम्मीदवार वापस ले और भाजपा की अधिकृत उम्मीदवार मोनिका को समर्थन दे। गहलोत की नाराजगी भाजपा किसी नेता से हो सकती है, लेकिन व्यक्तिगत नाराजगी के कारण पार्टी को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। भाजपा ने ही गहलोत को दो बार अजमेर का मेयर बनाया है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति के प्रति तो नाराजगी दूर हो सकती है, लेकिन पार्टी के प्रति नाराजगी दिखाने के बाद कोई गुंजाइश नहीं रहती। मालूम हो कि गहलोत ने सार्वजनिक तौर पर अजमेर उत्तर के भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी के प्रति अपनी नाराजगी जताई है। गहलोत का यहां तक आरोप है कि उनके आर्किटेक्ट पुत्र ने जिन भवनों का निर्माण करवाया उन्हें भी नियम विरुद्ध मानते हुए देवनानी के दबाव में सीज करवा दिया गया। महिलाओं का सम्मान नहीं: अजमेर नगर निगम के वार्ड 70 से निर्दलीय उम्मीदवार स्नेहलता अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस में महिला कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं है। वे पिछले 25 साल से कांग्रेस में सक्रिय हैं। मौजूदा समय में ब्लॉक, महासचिव, सेवादल की सह-उपाध्यक्ष आदि पदों पर आसीन हंू। इसके अलावा वर्ष 2007 से राष्ट्रीय पंचायत परिषद की सदस्य भी हैं। कांग्रेस में अपनी सक्रियता को देखते हुए ही उन्होंने वार्ड 70 से टिकट मांगा था। लेकिन शहर जिलाध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल और वरिष्ठ नेता महेंद्र सिंह रलावता ने उनकी अनदेखी की। वार्ड 70 सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित रहा,लेकिन डॉ. जयपाल और रलावता ने आपसी मिलीभगत कर ओबीसी वर्ग की गीता गुर्जर को कांग्रेस का उम्मीदवार बनवा दिया। चूंकि मेरे साथ अन्याय हुआ,इसलिए मैं अब निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही हंू। मुझे अपने वार्ड में व्यापक समर्थन भी मिल रहा है। चुनाव अधिकारी ने अलमारी का चुनाव चिन्ह आवंटित किया है। कांग्रेस से हुई उपेक्षा के बारे में और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 9214865836 पर स्नेहलता अग्रवाल से ली जा सकती है। मसाणिया भैरव धाम का आशीर्वाद: नगर निगम के वार्ड 38 के भाजपा उम्मीदवार गिरीश बाशानी ने 6 सितंबर को राजगढ़ स्थित मसाणिया भैरव धाम के उपासक चंपालाल महाराज का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर बाशानी ने धाम पर स्थित मनोकामना स्तंभ की परिक्रमा भी की और धाम में स्थित मसाणिया भैरव मंदिर के दर्शन भी किए। S.P.MITTAL BLOGGER ( 07-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
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