नगरीय चुनाव में शपथ पत्र की शर्त से उम्मीदवारों के नामांकन रद्द होने की आशंका। जब बताए अनुसार बकाया राशि जमा करवाई जा रही है तो शपथ पत्र क्यों? निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह को ध्यान देने की जरुरत। ================= राजस्थान में शहरी निकायों के 10 हजार 245 वार्डों के पार्षद पद के चुनाव के लिए 27 अगस्त से नामांकन शुरू हो रहा है। यही वजह है कि इन दिनों नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम के दफ्तरों में एनओसी लेने के लिए भीड़ लगी हुई है। निकाय के अधिकारी जो राशि बकाया बता रहे है उसे चुनाव लडऩे के इच्छुक व्यक्ति हाथों हाथ जमा करवा रहे हैं। यह राशि 300 वर्ग गज से अधिक भूखंड पर लगने वाले शुल्क की है। अधिकारियों द्वारा बताई गई बकाया राशि का भुगतान कर दिए जाने के बाद भी शहरी निकायों में पार्षद पद के दावेदारों से एक शपथ पत्र लिया जा रहा है। इस शपथ पत्र में एक शर्त यह भी है कि अब उस पर किसी भी प्रकार की बकाया राशि नहीं है। सवाल उठता है कि जब बकाया राशि जमा करवा दी गई है तो शपथ पत्र क्यों लिया जा रहा है? क्या निकायों के अधिकारियों को अपने रिकॉर्ड पर भरोसा नहीं है? यदि कोई राशि बकाया है तो फिर एनओसी क्यों दी जा रही है? एनओसी देने का मतलब यही है कि संबंधित व्यक्ति पर कोई राशि बकाया नहीं है। यदि राशि बकाया है और फिर भी एनओसी दी जा रही है तो यह त्रुटि निकायों के अधिकारियों की है। अब जब बकाया राशि जमा कराने के बाद भी शपथ पत्र लिया जा रहा है तो यह आशंका हो रही है कि किसी भी उम्मीदवार का नामांकन रद्द किया जा सकता है। यदि निकाय के अधिकारी किन्हीं कारणों से बकाया राशि नहीं बताते और एनओसी जारी कर देते हैं और जांच में अब बकाया राशि का पता चलता है तो निर्वाचन अधिकारी नामांकन को रद्द कर देगा। यानी निकाय अधिकारियों की गलती का खामियाजा उम्मीदवार को भुगतना होगा। इस मामले में राज्य के निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह को ध्यान देने की जरूरत है। यदि बेवजह कोई शपथ लिया जा रहा है तो उस पर निर्वाचन आयुक्त को न्यायपूर्ण कार्यवाही करनी चाहिए। S.P.MITTAL BLOGGER ( 25-08-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

You may also like...