- Next story 23 जुलाई को अजमेर बंद करवाना कांग्रेस के लिए आसान नहीं। जोर जबरदस्ती की तो पुलिस सख्त कार्यवाही करेगी। अधिकांश व्यापारिक संगठनों का भी सहयोग नहीं। आनासागर के संरक्षण के लिए भाजपा ने स्वच्छता एवं श्रमदान अभियान चलाया। ================= आनासागर की दुर्दशा के विरोध में कांग्रेस ने 23 जुलाई को अजमेर बंद का आह्वान किया है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में कांग्रेस के कार्यकर्ता बंद को सफल बनाने की रणनीति बना रहे हैं। लेकिन कांग्रेस के लिए अजमेर बंद करना आसान नहीं है। बंद को लेकर 21 जुलाई को एक रैली निकाली गई, लेकिन इस रैली में कार्यकर्ताओं की संख्या बहुत कम थी। यानी यह रैली बंद का माहौल बनाने में सफल नहीं रही। कोई भी बंद तब सफल होता है, जब व्यापारिक संगठन बंद में शामिल होने की घोषणा करते हैं, लेकिन कांग्रेस के बंद को अजमेर के अधिकांश व्यापारिक संगठनों ने समर्थन नहीं दिया है। इससे भी बंद का माहौल नहीं बन पा रहा है। बंद सफल होने का एक कारण डर और भय भी होता है। यानी डंडों के जोर पर बंद करवाया जाता है। चूंकि प्रदेश में इस समय भाजपा का शासन है, इसलिए पुलिस ने भी बंद से निपटने को लेकर तैयारियां की है। पुलिस किसी भी कांग्रेसी को जोर जबरदस्ती नहीं करने देगी। यानी किसी कांग्रेसी ने कानून हाथ में लेकर बंद करवाया तो उसके खिलाफ पुलिस सख्त कार्यवाही करेगी। वहीं शहर अध्यक्ष डॉ. जयपाल ने कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से बंद करवाएंगे। उन्होंने कहा कि शासन के दबाव में कारण व्यापारिक संगठन कांग्रेस के बंद का समर्थन नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन आनासागर की दुर्दशा से अजमेर का आम नागरिक आक्रोशित है। डॉ. जयपाल ने कहा कि लोग स्वेच्छा से ही अपने प्रतिष्ठान बंद रखेंगे। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को क्षेत्रवार जिम्मेदारियां दी जा रही है। भाजपा का स्वच्छता अभियान: कांग्रेस के बंद के मद्देनजर अजमेर में भाजपा ने तीन दिवसीय स्वच्छता एवं श्रमदान अभियान की शुरुआत 22 जुलाई से की है। शहर भाजपा के जिलाध्यक्ष रमेश सोनी ने बताया कि इसके अंतर्गत भाजपा के कार्यकर्ता आनासागर में सफाई का काम करेंगे। यह काम सेवा की भावना और आनासागर के संरक्षण के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गर्मी के दिनों में पानी के अभाव में मछलियों के मरने की जो घटना हुई, उसमें अब लगातार सुधार हो रहा है। निगम प्रशासन ने मृत मछलियों को तत्काल हटाने का काम युद्ध स्तर पर किया है। 22 जुलाई को अजमेर में मानसून की पहली अच्छी बरसात भी हो गई है। बरसात का पानी आने के साथ ही मछलियों के मरने की समस्या स्वत: ही समाप्त हो जाएगी। S.P.MITTAL BLOGGER ( 22-07-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
- Previous story अजमेर में श्याम भक्तों ने कथावाचक किरीट भाई के प्रति जो आक्रोश दिखाया वैसा आक्रोश सनातनियों को मौलाना जरजिश के खिलाफ भी दिखाना चाहिए। किरीट भाई ने खाटू वाले श्याम बाबा का अपमान किया तो मौलाना जरजिश ने भगवान कृष्ण को पांच वक्त की नमाज पढ़ने वाला मुसलमान बता दिया। स्वयं को ब्रह्म ऋषि होने का दावा करने वाले किरीट भाई ने माना कि वे अज्ञानी है। अजमेर में ब्लैक लिस्ट हुए। ================= 21 जुलाई को अजमेर के जवाहर रंगमंच पर गुरु पूर्णिमा महोत्सव में अपने भक्तों को संबोधित करते हुए कथावाचक किरीट भाई ने राजस्थान के खाटू स्थित श्याम बाबा और उनके मंदिर को लेकर गलत जानकारी प्रस्तुत की। किरीट भाई ने कहा कि खाटू श्याम के स्कंध पुराण में 6 अध्याय हैं। उन्होंने खाटू श्याम को घटोत्कच का बेटा बताया। साथ ही कहा कि अग्रवाल का बेटा अग्रवाल ही होगा। राक्षस का बेटा राक्षस ही होगा। श्रीकृष्ण के साथ उनका कोई संबंध नहीं है। उसका मंदिर होना, उसकी उपासना करना, पूजा करना वेदों में वर्जित है। किरीट भाई ने कहा कि वे ब्रह्म ऋषि हैं और खाटू श्याम के मुद्दे पर किसी से शास्त्रार्थ करने को तैयार है। उन्होंने खाटू स्थिति श्याम बाबा के मंदिर जाने वाले श्याम भक्तों पर अमर्यादित टिप्पणी की। किरी भाई के इस कथन के बारे में पता चलते ही अजमेर के श्याम भक्त और सुप्रसिद्ध श्याम भजन गायक विमल गर्ग के नेतृत्व में गोपाल गोयल, सौरभ जैन, उमेश गर्ग, नीतेश बिंदल, नितेश अग्रवाल आदि बड़ी संख्या में श्याम भक्त वैशाली नगर स्थित होटल मानसिंह पर पहुंच गए। यही पर किरीट भाई ठहरे हुए थे। श्याम भक्तों ने किरीट भाई से कहा कि यदि उन्होंने सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगी तो उन्हें अजमेर से जाने नहीं दिया जाएगा। श्याम भक्तों के आक्रोश को देखते हुए किरीट भाई के होटल के पोर्च में खड़े होकर मीडिया के कैमरों के सामने माफी मांगी। जो किरीट भाई कुछ घंटों पहले श्याम बाबा के वजूद और धार्मिक महत्व को नकार रहे थे, उन्होंने कहा कि अज्ञानता और जानकारी के अभाव में मैंने श्याम बाबा के बारे में जो बोला उसके लिए माफी चाहता हंू। मैं अजमेर के ही नहीं बल्कि देश दुनिया के श्याम भक्तों से अपने कृत्य के लिए माफी चाहता हंू। उन्होंने कहा कि मैं श्याम बाबा के चरणों में सिर रखकर माफी मांगता हंू। भविष्य में ऐसी गलती नहीं करुंगा। यदि मेरे कथन से किसी को ठेस पहुंची तो मैं माफी मांग रहा हंू। यह माफी मैं किसी दबाव में नहीं बल्कि दिमाग और दिल से मांग रहा हंू। मुझे श्याम बाबा के बारे में ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी। सार्वजनिक माफी के बाद श्याम भक्तों ने किरीट भाई को अजमेर से जाने दिया, लेकिन अजमेर में प्रतिवर्ष गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष में किरीट भाई को आमंति करने वाले तुलसी सेवा संस्था के अध्यक्ष ओम प्रकाश मंगल, सचिव डॉ. विष्णु चौधरी, रमेश अग्रवाल, विष्णु गर्ग, नरेंद्र खंडेलवाल, गिरधारी मंगल, कैलाश खंडेलवाल, अशोक टांक आदि ने कहा कि वे अब भविष्य में किरीट भाई का अजमेर में कोई कार्यक्रम नहीं करेंगे। उनके लिए श्याम भक्तों का सम्मान पहले हैं और वे खुद भी श्याम भक्त है। अजमेर में हुए हंगामे के बाद 21 जुलाई को ही किशनगढ़ और जयपुर में होने वाले किरीट भाई के कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। वहीं खाटू स्थित श्री श्याम मंदिर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मोहन दास महाराज ने कहा कि किरीट भाई की माफी तभी स्वीकार होगी, जब वे खाटू स्थित मंदिर में आकर श्याम बाबा से माफी मांगेंगे। यदि किरीट भाई मंदिर में आकर माफी नहीं मांगते हैं तो पूरे देश में किरीट भाई का बहिष्कार करवाया जाएगा। अजमेर में हुए हंगामे के बारे में और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 9214071182 पर भजन गायक विमल गर्ग से ली जा सकती है। किरीट भाई का माफी मांगने वाला वीडियो मेरे फेसबुक पेज www.facebook.com/SPMittalblog पर देखा जा सकता है। मौलाना जरजिश के खिलाफ भी हो आक्रोश: श्याम भक्तों ने अजमेर मं कथा वाचक किरीट भाई के प्रति जो आक्रोश दिखाया वैसा आक्रोश मौलाना जरजिश अंसारी के प्रति भी दिखाने की जरूरत हैं। किरीट भाई की तरह ही मौलाना अंसारी ने गत दिनों झारखंड में एक जलसे को संबोधित करते हुए, भगवान कृष्ण को पांच वक्त की नमाज पढ़ने वाला मुसलमान बता दिया। उन्होंने कृष्ण और अर्जुन के बीच युद्ध के संवाद की व्याख्या करते हुए कहा कि कृष्ण तो मुसलमान थे। मौलाना के इस बयान के बाद सनातन धर्म के विद्वान टीवी चैनलों पर बैठकर आलोचना कर रहे हैं, लेकिन किसी भी सनातनी ने मौलाना अंसारी के प्रति अजमेर में हुए किरीट भाई के खिलाफ जैसा आक्रोश प्रकट नहीं किया है। किरीट भाई ने तो श्याम भक्तों से माफी मांग ली है, लेकिन मौलाना अंसारी ने अभी तक भी खेद नहीं जताया है। यह बात अलग है कि सनातन धर्म पांच हजार वर्ष पहले का है, जब इस्लाम का कोई वजूद नहीं था। S.P.MITTAL BLOGGER ( 22-07-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
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