तो क्या सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी की एसपीजी की सुरक्षा भी हटेगी?

तो क्या सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी की एसपीजी की सुरक्षा भी हटेगी?
प्रधानमंत्री को मिलने वाली सुरक्षा हटने पर डॉ. मनमोहन सिंह को कोई ऐतराज नहीं।
पूर्व प्रधानमंत्रियों की एसपीजी की सुरक्षा कांग्रेस सरकार ने भी हटाई थी। 
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26 अगस्त को केन्द्रीय गृह मंत्रालय से प्राप्त खबरों के अनुसार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली गई है। डॉ. सिंह को अब सीआरपीएफ के जवानों की जेडप्लेस वाली सुरक्षा मिलेगी। एसपीजी सुरक्षा मौजूदा समय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ साथ कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी, उनके पुत्र राहुल गांधी और पुत्री श्रीमती प्रियंका वाड्रा गांधी को मिली हुई है। राजनेताओं को मिली सुरक्षा की समीक्षा समय समय पर गृहमंत्रालय द्वारा की जाती है। इसी समीक्षा के बाद पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा को बदला गया है। गृहमंत्रालय के सूत्रों के अनुसार पहले भी पूर्व प्रधानमंत्रियों से एसपीजी की सुरक्षा वापस ली गई है। कांग्रेस के शासन में पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह और एचडी देवगौड़ा से सुरक्षा वापस ली जा चुकी है। एसपीजी सुरक्षा वापस लेने पर डॉ. मनमोहन सिंह ने कोई ऐतराज नहीं जताया है। यानि डॉ. सिंह को गृहमंत्रालय के फैसले पर कोई ऐतराज नहीं है। सवाल उठता है कि क्या अब सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से भी एसपीजी की सुरक्षा वापस ली जाएगी? असल में श्रीमती इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए हत्या होने के बाद प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप का गठन किया गया। एसपीजी का गठन सिर्फ प्रधानमंत्री को सुरक्षा देने के लिए किया गया था, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी के परिवार को भी एसपीजी सुरक्षा प्रदान कर दी गई, तभी से श्रीमती सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को एसपीजी की सुरक्षा मिली हुई है। गृहमंत्रालय की उच्च स्तरीय कमेटी यह देखती है कि किस नेता की जान को कितना खतरा है। हालांकि अभी गांधी परिवार के सदस्योंकी सुरक्षा को लेकर गृहमंत्रालय में समीक्षा नहीं हुई है। लेकिन डॉ. मनमोहन सिंह से एसपीजी की सुरक्षा वापस लेने पर माना जा रहा है कि अब गांधी परिवार की सुरक्षा को लेकर भी समीक्षा हो सकती है। एसपीजी की सुरक्षा में भारी राशि खर्च होती है। नेता के संबंधित स्थान पर जाने से पहले सुरक्षा घेरा डाला जाता है तथा अनुमति पास वाला व्यक्ति ही ऐसे नेता से मिल सकता है। अनुमति पास जारी करने से लेकर सुरक्षा तक सरकारी खर्चे पर होती है।
एस.पी.मित्तल) (26-08-19)
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