- Next story पाकिस्तान की सीमा से सटे खाजूवाला से 50 करोड़ की हेरोइन और 11 विदेशी पिस्टल जब्त। ड्रोन का इस्तेमाल। इसलिए सीमावर्ती क्षेत्रों में 50 किलोमीटर की परिधि में अतिक्रमणों को हटाया जा रहा है। लेकिन कांग्रेस इसमें भी राजनीति कर रही है। ================= राजस्थान के सीमावर्ती बीकानेर रेंज में आईजी ओम प्रकाश और एसपी मृदुल कच्छावा के निर्देशन में नार्को आर्म्स, सिडीकेट के खिलाफ जो अभियान चलाया जा रहा है, उसी का परिणाम रहा कि 2 अगस्त को खाजूवाला क्षेत्र से पचास करोड़ रुपए की कीमत वाली 10 किलो अफगानी हेरोइन और 11 विदेशी पिस्टल जब्त की गई। आईजी ओम प्रकाश का मानना है कि यह नशा और हथियार पाकिस्तान से आए हैं ड्रोन ने गिराया है। चूंकि पुलिस लगातार निगरानी कर रही थी, इसलिए हेरोइन और हथियार के बारे में जानकारी मिल गई। उन्होंने बताया कि इस सामग्री के साथ डिलीवरी मैन पाली के जैतारण निवासी वीरेंद्र सिंह राजपुरोहित को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। राजपुरोहित ने बताया कि यह सामग्री पंजाब जेल में बंद लक्खी नाम के व्यक्ति ने पाकिस्तान से मंगवाई थी। रेंज आईजी ओम प्रकाश का मानना है कि नशा और विदेशी हथियार पूरे देश में सप्लाई किए जाने थे। पिछले दिनों केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राजस्थान में पाकिस्तान सीमा पर लगे श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर,बाड़मेर, हनुमानगढ़ और जोधपुर क्षेत्र की समीक्षा की थी। केंद्रीय एजेंसियों ने बताया कि अब पाकिस्तान राजस्थान वाली सीमा से ड्रोन तकनीक से हथियार और नशीले पदार्थ भिजवा रहा है। केंद्रीय मंत्री शाह के निर्देशों के बाद राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी को और प्रभावी बनाया गया। बीएसएफ और राजस्थान पुलिस के बीच तालमेल को और बेहतर किया जा रहा है। बाड़मेर, जैसलमेर जैसे क्षेत्रों में दोनों समुदायों के धार्मिक स्थलों को भी हटाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि नशीले पदार्थ और विदेशी हथियारों को छुपाने के लिए धार्मिक स्थलों का इस्तेमाल हो सकता है। कई बार ऐसे अतिक्रमण प्रभावी निगरानी में बाधक होते हैं। राजस्थान में सटी सीमा से पाकिस्तान नशीले पदार्थों और हथियारों को न भेज सके, इसलिए सीमा से पचास किलोमी की परिधि में आने वाले निर्माणों को भी हटाया जा हा है। सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए कानून बना है, उसमें सीमा से पचास किलोमीटर की परिधि में संदिग्ध निर्माण नहीं होने चाहिए। इसी कानून के तहत सुरक्षा एजेंसियों को 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी स्थानों की जांच करने का अधिकार भी है। बीकानेर के खाजूवाला में जब्त हेरोइन और विदेशी हथियार की घटना बताती है कि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। लेकिन कांग्रेस सीमा के इस संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति कर रही है। संबंधित जिला प्रशासनों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में जो अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया है उसका कांग्रेस की ओर से विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि मुसलमानों को निशाना बनाकर कार्यवाही की जा री है। अतिक्रमण हटाने के नाम पर पुरानी मस्जिदों को भी गिराया जा रहा है। वही प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान में मंदिर भी शामिल है। इसलिए भेदभाव का आरोप पूरी तरह गलत है। मौजूदा हालातों में सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी की सख्त जरूरत है। उल्लेखनीय है कि पहले जम्मू कश्मीर की सीमा से नशीले पदार्थ और हथियार भेजे जाते थे, लेकिन अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद पाकिस्तान के लिए कश्मीर की सीमा से नशा और हथियार भेजना मुश्किल हो गया है, इसलिए पाकिस्तान अब राजस्थान की सीमा का इस्तेमाल करने लगा है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 03-08-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
- Previous story एमडीएस यूनिवर्सिटी का सफर 38 वर्ष पहले दयानंद कॉलेज के हॉस्टल से शुरू हुआ था। प्रो. रामवली उपाध्याय प्रथम कुलपति थे। वर्तमान कुलगुरु सुरेश अग्रवाल के नवाचारों की प्रदेशभर में गूंज। एक अगस्त को 39वें स्थापना दिवस समारोह में राज्यपाल बागड़े शामिल होंगे। ============== अजमेर स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (एमडीएसयू) एक अगस्त को अपना 39वां स्थापना दिवस धूमधाम से मना रहा है। इस विश्वविद्यालय के पास आज भले ही विशालतम संसाधन और संपत्तियां हो, लेकिन इसकी शुरुआत अजमेर के निजी क्षेत्र के दयानंद कॉलेज के हॉस्टल से हुई थी। तब सरकार के पास अजमेर में ऐसा कोई भवन नहीं था, जिसमें विश्वविद्यालय को संचालित किया जा सके। ऐसी स्थिति में सरकार को दयानंद कॉलेज के हॉस्टल को किराये पर लेना पड़ा। हास्टल के जिन कमरों में कभी विद्यार्थी रहते थे, उन्हीं कमरों में विश्वविद्यालय का संचालन किया गया। यह विश्वविद्यालय करीब कुछ वर्षों तक किराये के परिसर में ही चला। वर्ष 1990 में निकटवर्ती कायड़ ग्राम में विश्वविद्यालय को आवंटित भूमि पर दो तीन भवन निर्मित हुए और फिर इस विश्वविद्यालय को स्थानांतरित किया गया। आवंटित भूमि पर सबसे ज्यादा भवनों का निर्माण पीएल चतुर्वेदी के कुलपति रहते हुए हुआ। प्रो. चतुर्वेदी 12 जनवरी 1995 से 2 दिसंबर 1999 तक कुलपति रहे। यहां उल्लेखनीय है कि प्रो. पीएल चतुर्वेदी वर्तमान राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी के पिता थे। पहले इस विश्वविद्यालय का नाम अजमेर विश्वविद्यालय रखा गया, चूंकि अजमेर में स्वामी दयानंद का निर्वाण हुआ, इसलिए विश्वविद्यालय का नाम आगे चलकर महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय रखा गया। आज गर्व के साथ कहा जा सकता है कि प्रदेश के उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जब विश्वविद्यालय की शुरुआत हुई, तब प्रो. रामवली उपाध्याय प्रथम कुलपति बने। मौजूदा समय में प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल कुलगुरु के तौर पर कार्य कर रहे हैं। यह संयोग ही है कि प्रो. अग्रवाल का एक वर्ष का कार्यकाल हाल ही में पूरा हुआ है। प्रो. अग्रवाल ने अल्प अवधि में ही विश्वविद्यालय में जो नवाचार किए हैं, उसकी गूंज पूरे प्रदेश में है। कुलाधिपति और राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े भी प्रो. अग्रवाल की कार्यशैली की प्रशंसा कर चुके है। यदि सरकार ने प्रो. अग्रवाल के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया तो आने वाले दिनों प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों की प्रवेश प्रक्रिया एक समान ही होगी। प्रो. अग्रवाल ने बताया कि 39वें स्थापना दिवस का मुख्य समारोह एक अगस्त को विश्वविद्यालय परिसर स्थित बृहस्पति भवन में प्रात: साढ़े 11 बजे होगा। इस समारोह के मुख्य अतिथि कुलाधिपति और राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े होंगे। जबकि विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और कैबिनेट मंत्री सुरेश सिंह रावत विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे। इस समारोह में विश्वविद्यालय के अब तक के सफर की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। प्रो. अग्रवाल ने बताया कि स्थापना दिवस के समारोह की शुरुआत 31 जुलाई से ही हो रही है। इस दिन 108 दीपों से दीप यज्ञ और स्काई नॉर्टन के आयोजन होंगे। 3 अगस्त को आत्ममंथन दिवस, 4 अगस्त को विभागीय उपलब्धियों की प्रदर्शनी, पांच अगस्त को सांस्कृतिक एवं गुरु वंदन का कार्यक्रम, 6 अगस्त को विश्वविद्यालय की भावी कार्य योजना और विकास पर मंथन होगा। 7 अगस्त को समापन समारोह आयोजित होगा। S.P.MITTAL BLOGGER ( 31-07-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
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