- Next story तो क्या सोनिया गांधी, राहुल गांधी और खडग़े ने वंदेमारतम गीत को पूरा गाने पर नाराजगी जताई? कांग्रेस मुख्यालय पर हुए ध्वजारोहण समारोह में कांग्रेस के नेता असहज हुए। ================ 13 अगस्त को दिल्ली में कांग्रेस के मुख्यालय में भी 80 वां स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने ध्वजारोहण किया। ध्वजा रोहण के बाद जब राष्ट्रीय गीत वंदे मारतम गाया जा रहा था, तो बीच में ही कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया कांधी , मौजूद अध्यक्ष खरगे और लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी की नाराजगी देखने को मिली। असल में वंदेमारतम गीत को संवैधानिक दर्जा मिलने के बाद पूरा वंदेमातरम का गायन अनिवार्य हो गया है। किसी भी समारोह में उपस्थित लोग वंदे मातरम को बीच में नहीं रुकना चाहिए , जब कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम गीत गाया जा रहा था, तब दो पैराग्राफ के बाद सोनिया गांधी ने जानना चाहा कि पूरा वन्देमारतम गीत क्यों गाया जा रहा है? सोनिया की तरह खरगे ने भी नाराजगी दिखााई। इसी बीच राहुल गांधी ने जानना चाहा कि उनकी माताजी श्रीमती सोनिया गांधी किस पर नाराज है तो वीडियो में तीनों नेताओं की भूमिका बता रही कि वंदेमातरम को पूरा गाने पर असहज है। जबकि राहुल गांधी के पास खड़े कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अजय माकन बिना हिले डुले वंदे मातरम का गायन कर रहे है। तीन मिनट के वीडियो में सोनिया गांधी की नाराजगी पर कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि पूरा वंदे मातरम गायन अनिवार्य हो गया है, इसलिए बीच में गायन को बंद नहीं किया जा सकता। वायरल वीडियो में साफ पता चलता है कि भले ही सोनिया गांधी राहुल गांधी और खरगे गायन में खड़े रहे, लेकिन उन्होंने पूरे वंदे मातरम का उच्चारण नहीं किया। यहां यह उल्लेखनीय है कि पूरे वंदेमातरम पर मुस्लिम संगठनों ने ऐतराज जताया है। संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि दो पैराग्राफ के बाद वंदे मातरम गीत में हिंदू देवी देवताओं की स्तुति की गई है, इसलिए मुसलमान वंदे मातरम का गायन दर्जा देने का प्रस्ताव रखा गया, तब कांग्रेस समाजवादी पार्टी, डीएमके आदि विपक्षी दलों के सांसदों ने बहिष्कार किया था। यानी प्रस्ताव पर विपक्षी सांसदों ने अपनी सहमति नहीं दी। वंदेनमातरम गीत को संवैधानिक दर्जा मिलने के बाद कांग्रेस मुख्यालय में 15 अगस्त को पहला अवसर रहा, जब वरिष्ठ नेताओं के समक्ष पूरे वंदेमातरम का गायन हुआ। सोनिया गांधी और खडग़े की नाराजगी के सवाल पर कांग्रेस केवरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि सोनया गांधी पूरे वंदमारतम के गायन से नाराज नहीं थी। असल में राष्ट्ररीय अध्यक्ष खरगे के लिए कुर्सी लाने को कह गया था। जयराम रमेश की यह सफाई किसी के भी गले नहीं उतर रही है क्योंकि समारोह में खरगे के लिए कुर्सी लाई ही नहीं गई। वैसे भी तीन मिनट के वन्देमारतम को गाने के लिए कुर्सी पर बैठने की कोई आवश्यकता नहीं है। खरगे तो 82 वर्ष की उम्र में भी राज्यसभा में लगातार खड़े रहते हैं। S.P.MITTAL BLOGGER ( 15-08-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
- Previous story गहलोत और पायलट गुट की लड़ाई अब डोटासरा के पास पहुंची। महेंद्र सिंह रलावता ने राजनीति का पाला बदला। अजमेर में कांग्रेस की फूट चौराहे पर। ================ अजमेर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को एक पत्र लिखकर पूर्व शहर अध्यक्ष विजय जैन और गत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे हेमंत भाटी पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाया है। डॉ. जयपाल ने पत्र में कहा कि जैन और भाटी की गतिविधियों से कांग्रेस को नुकसान हो रहा है। जिसका असर नगर निगम के चुनाव पर पड़ेगा। इस पत्र पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत के समर्थक पूर्व विधायक डॉ. श्रीगोपाल बाहेती, अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी, नगर निगम में प्रतिपक्ष की पूर्व नेता द्रौपदी कोली के भी हस्ताक्षर हैं। कांग्रेस की राजनीति में पूर्व अध्यक्ष विजय जैन और हेमंत भाटी को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट का समर्थक माना जाता है। अजमेर में लंबे समय से गहलोत और पायलट के समर्थक आमने सामने है। डॉ. जयपाल द्वारा पत्र लिखे जाने से अब गहलोत और पायलट गुट की लड़ाई प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा के पास पहुंच गई है। डॉ. जयपाल का कहना है कि जैन ओर भाटी लगातार पार्टी का अनुशासन तोड़ रहे हैं, इसलिए प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखा गया है। वहीं जैन और भाटी का आरोप है कि डॉ. जयपाल आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़ के इशोर पर काम कर रहे है। राठौड़ की भूमिका शुरू से ही विभाजनकारी रही है।यही वजह है कि अजमेर में कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है। उन्होंने हाल ही में कार्यकर्ताओं की जो बैठक बुलाई उसमें कांग्रेस के निष्ठावान और जिम्मेदार कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यकर्ताओं की इस बैठक को अनुशासनहीनता नहीं माना जा सकता क्योंकि इस बैठक में नगर निगम के चुनाव में कांग्रेस को मजबूत करने की रणनीति बनी। अनुशानहीनता तो जयपाल और धर्मेन्द्र राठौड़ कर रहे हैं। निष्ठावान कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है। जैन ने कहा कि हम भी प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे। जैन और भाटी ने अजमेर कांग्रेस में असली विवाद की जड़ धर्मेन्द्र राठौड़ को बताया है। मालूम हो कि धर्मेन्द्र राठौड़ पूर्व सीएम अशोक गहलोत के कट्टर समर्थक हैं। रलावता ने पाला बदला: अजमेर कांग्रेस के ताजा विवाद में वरिष्ठ नेता महेंद्र सिंह रलावता की बदली हुई भूमिका सामने आई है। रलावता अभी तक सचिन पायलट के समर्थक रहे। पायलट की वजह से ही रलावता को दो बार अजमेर उत्तर क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार बने। यह बात अलग है कि रलावता को दोनों बार हार का सामना करना पड़ा। पायलट जब भी अजमेर आए तब स्वागत करने वालों में रलावता सबसे आगे रहे लेकिन अब ऐसा प्रतीत होता है कि रलावता ने पायलट का साथ छोड़ दिया है। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. जयपाल के पायलट समर्थक विजय जैन और हेमंत भाटी के खिलाफ जो पत्र लिखा है उस पर रलावता ने भी हस्ताक्षर किए है। इससे जाहिर होता है कि रलावता ने अब गहलोत गुट का दामन थाम लिया है। मालूम हो कि डॉ. जयपाल ने अपनी कार्यकारिणी में रलावता के छोटे भाई पूर्व पार्षद गजेंद्र सिंह रलावता को शामिल किया है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 10-08-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511
-
2 Sep, 2026
-
2 Sep, 2026
-
2 Sep, 2026
-
2 Sep, 2026
-
2 Sep, 2026
-
2 Sep, 2026
-
Extended Opportunity says:After Generating Millions Online, I've Created A Foolproof Money Making System,...
-
Extended Opportunity says:
-
http://bet-promokod.ru says:
More
Archives
-
2 Sep, 2026
-
2 Sep, 2026
-
2 Sep, 2026
-
2 Sep, 2026


