पीएम मोदी के माफी देने के बाद केंद्र सरकार के आग्रह पर सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच पार्टी के आंदोलन वाली सभी एफआईआर रद्द की। राहुल गांधी बताएं कि क्या अब भी देश के संविधान को खतरा है? लेकिन आंदोलन की आड़ में गुंडई करने वालों को बक्शा नहीं जाएगा। ============== एक सितंबर को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉय मालय बागची तथा जस्टिस वी.मोहना की बेंच ने कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से जुड़ी सभी एफआईआर को रद्द कर दिया। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 में विशेष सख्ती का प्रयोग किया। सीजेआई सूर्यकांत का कहना रहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका संविधान के दायरे में रहकर समाधान न निकाला जा सके। सीजेआई ने केंद्र सरकार की भी सराहना की। असल में केंद्र सरकार के आग्रह पर ही सुप्रीम कोर्ट ने छात्र आंदोलन से जुड़ी 13 एफआईआर को रद्द किया है। सुप्रीम कोर्ट की इस पहल का कॉकरोच पार्टी के नेताओं ने भी स्वागत किया है। मालूम हो कि गत 20 जुलाई को दिल्ली में कॉकरोच पार्टी ने नीट पेपर लीक के विरोध में जो धरना प्रदर्शन और संसद मार्च किया, उसमें जबरदस्त हिंसा हुई। इसके बाद देश के कई राज्यों में छात्र आंदोलन हुए। दिल्ली के जंतर मंतर पर तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भद्दी गालियां दी गई। इतना ही नहीं उनकी दिवंगत माताजी के बारे में भी अपशब्द कहे। छात्रों के आंदोलन को लेकर ही राज्यों और दिल्ली में एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद पीएम मोदी ने आग्रह किया था कि किसी भी छात्र के विरुद्ध कार्यवाही नहीं की जाए। मोदी ने छात्रों को माफ करने की बात कही। क्या अब भी संविधान खतरे में: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी अपनी हर सभा में आरोप लगाते है कि देश का संविधान खतरे में है। सुप्रीम कोर्ट सहित सभी संवैधानिक संस्थाएं दबाव में काम कर रही है। राहुल गांधी जिस संविधान को खतरे में बता रहे है, उसी संविधान के अनुच्छेद 142 का उपयोग करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने छात्र आंदोलन से जड़ी एफआईआर रद्द की है। यदि संविधान खतरे में होता और सुप्रीम कोर्ट दबाव में काम करता तो क्या छात्र आंदोलन से जुड़ी एफआईआर रद्द हो सकती थी? देश के सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर प्रदर्शित किया गया है कि संविधान को कोई खतरा नहीं है और न ही कोई संवैधानिक संस्था दबाव में काम कर रही है। एक सितंबर के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राहुल गांधी को बताना चाहिए कि संविधान को खतरा कैसे है। लेकिन गुंडा तत्वों पर कार्यवाही होगी: एक सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने छात्र आंदोलन से जुड़ी सभी एफआईआर को रद्द कर दिया है, लेकिन 20 जुलाई को छात्र आंदोलन की आग में दिल्ली में जिन गुंडा तत्वों ने हिंसा की उनके विरुद्ध कार्यवाही जारी रहेगी। दिल्ली पुलिस ने 2873 ऐसे व्यक्तियों को नामजद किया है, जिनकी आपराधिक पृष्ठभूमि है। ऐसे गुंडा तत्व भी 20 जुलाई को छात्रों के आंदोलन में शामिल हो गए थे। S.P.MITTAL BLOGGER ( 02-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

You may also like...