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फाइटर पायलट जितेंद्र मिश्रा ही विधर्मियों से अयोध्या के राम मंदिर की रक्षा कर सकते हैं। गोविंद गिरि महाराज के महासचिव बनने से मंदिर में धर्म व अध्यात्म और मजबूत होगा। ============== 2 सितंबर को अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने अयोध्या के राम मंदिर के सीईओ के पद पर पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का चयन किया। जितेंद्र मिश्रा ने भारतीय वायु सेना में चालीस वर्ष से ज्यादा काम किया। जितेंद्र मिश्रा फाइटर प्लेन के कुशल पायलट है। चालीस वर्ष तक जितेंद्र मिश्रा ने दुश्मनों से देश की सीमाओं की रक्षा की और अब जितेंद्र मिश्रा देश के अंदर बैठे विधर्मियों से अयोध्या के राम मंदिर की रक्षा करेंगे। हाल ही में हम सबने देखा कि मंदिर चढ़ावा चोरी के प्रकरण में विधर्मियों ने न केवल राम मंदिर बल्कि पूरे सनातन धर्म को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। यदि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार नहीं होती तो हमलावर विधर्मी राम मंदिर में घुसकर अराजकता करते। चढ़ावा चोरी को लेकर विधर्मियों ने जो माहौल खड़ा किया उसमें राम मंदिर की सुरक्षा के लिए जितेंद्र मिश्रा जैसा फाइटर पायलट ही चाहिए। जितेंद्र मिश्रा को पता है कि दुश्मनों और विधर्मियों से कैसे निपटा जाता है। श्रीराम जन्म भूमि ट्रस्ट ने बहुत सोच विचार कर पूर्व एयर मार्शल मिश्रा को मंदिर प्रबंधन का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। कहा जा सकता है कि मिश्रा के रहते अयोध्या का राम मंदिर विधर्मियों से सुरक्षित रहेगा। सीईओ के पद पर चयन होने के बाद मिश्रा ने कहा भी कि अब वे अयोध्या में आने वाले राम भक्तों की सेवा करेंगे। उन्होंने इसे राम जी की कृपा ही माना। धर्म व अध्यात्म और मजबूत होगा: ट्रस्ट के महासचिव के पद पर राष्ट्रसंत गोविंद गिरि महाराज का चयन किया है। गोविंद गिरि महाराज अब तक कोषाध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे। चढ़ावा चोरी के प्रकरण में जब विधर्मियों ने सनातन धर्म पर हमला किया, तब उसका जवाब गोविंद गिरि महाराज ने ही दिया। गोविंद गिरि दृढता के साथ मंदिर प्रबंधन के लिए संघर्ष करते रहे उन्होंने विधर्मियो के सभी आरोपों का जवाब दिया। गोविंद गिरि स्वयं सनातन धर्म के ज्ञाता है। इसलिए राम मंदिर में अब धर्म व आध्यात्म और मजबूत होगा। कहा जा सकता है कि राम मंदिर में अब सुरक्षा और धर्म मिलकर विधर्मियों से लड़ेंगे। इसके साथ ही महेश भागचंद का को कोषाध्यक्ष तथा मदन मोहन पांडेय व निर्मला यादव को ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 03-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

राजनीति में मित्रता कोई मायने नहीं रखती। यह बात अजमेर में पूर्व मेयर धर्मेन्द्र गहलोत की विधायक देवनानी के विरुद्ध बयानबाजी और भाजपा नेता सुरेंद्र सिंह शेखावत के ओडियो से प्रदर्शित होती है। अजमेर की बेटी नीना अग्रवाल उदयपुर के चुनावी मैदान में। ============== मुझे अच्छी तरह ध्यान है, कुछ वर्ष पहले मैं, भाजपा के विधायक वासुदेव देवनानी और तब अजमेर के मेयर धर्मेन्द्र गहलोत एक ही वाहन में सवार होकर निकटवर्ती राजगढ़ स्थित मसाणिया भैरव धाम से लौट रहे थे, तभी देवनानी और गहलोत के बीच मित्रता की मजबूत की बात चली। तब दोनों एक स्वर से कहा, हम दोनों की दोस्ती को कोई नहीं तोड़ सकता। देवनानी ने कहा, भाजपा के एक वरिष्ठ नेता चाहते हैं कि हम दोनों की दोस्ती टूट जाए। लेकिन हम दोनों में इतनी अच्छी समझदारी है कि हम कभी भी अलग नहीं हो सकते। लेकिन आज वहीं धर्मेन्द्र गहलोत देवनानी को लेकर खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं। हालांकि देवनानी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है, लेकिन गहलोत आए दिन देवनानी के विरुद्ध जहर उगल रहे हैं। देवनानी को राजनीतिक मात देने के लिए गहलोत ने अपनी पत्नी हेमा गहलोत को अजमेर नगर निगम के वार्ड संख्या चार से निर्दलीय उम्मीदवार भी बना दिया है। गहलोत की इस लड़ाई में कांग्रेस भी शामिल हो गई है। कांग्रेस ने यहां से अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। यानी अब देवनानी को मात देने के लिए गहलोत और कांग्रेस मिलकर लड़ाई लड़ रहे हैं। वार्ड संख्या 4 का महत्व इसलिए है कि इसी वार्ड में भाजपा विधायक और विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी मतदाता है। हालांकि देवनानी ने वार्डों के परिसीमन के समय ही ऐसी रणनीति बना ली थी कि इस वार्ड से भाजपा के उम्मीदवार की ही जीत होगी। लेकिन धर्मेन्द्र गहलोत ने अब राजनीति में अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया है। देवनानी के विरुद्ध गहलोत जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। उससे जाहिर है कि राजनीति में मित्रता कोई मायने नहीं रखती है। अजमेर की भाजपा की राजनीति में धर्मेन्द्र गहलोत का इसलिए महत्व है कि वे दो बार अजमेर के मेयर रहे हैं। वर्ष 2015 में तो गहलोत देवनानी के प्रयासों के ही मेयर बन पाए थे। नगर निगम के चुनावों की सरगर्मियों के बीच ही अजमेर के पूर्व सभापति और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र सिंह शेखावत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में शेखावत वार्ड संख्या 59 की कांग्रेस उम्मीदवार श्रीमती बबीता के पति श्रवण से संवाद कर रहे हैं। इस संवाद में श्रवण लाल यह स्वीकार कर रहे हैं कि शेखावत से उनके पुराने रिश्ते हैं और वे आज भी शेखावत का मान सम्मान करते हैं। यदि उन्हें पता होता कि वार्ड संख्या 59 से शेखावत की पत्नी श्रीमती मधु शेखावत भाजपा की उम्मीदवार होंगी तो वे अपनी पत्नी को चुनाव नहीं लड़वाते। श्रवण लाल लाचारी के साथ कह रहे हैं कि अब उनकी पत्नी को कांग्रेस का टिकट मिल गया है। इसलिए वे मजबूरी में चुनाव लड़ रहे हैं। श्रवण लाल और सुरेंद्र सिंह शेखावत के संवाद से साफ जाहिर है कि राजनीति में मित्रता कोई मायने नहीं रखती है। श्रवण लाल ने अब शेखावत के समर्थक जितेंद्र अरोड़ा के विरुद्ध पुलिस में भी रिपोर्ट दर्ज करवा दी है। इस रिपोर्ट में अरोड़ा पर डराने और धमकाने का आरोप लगाया है। मालूम हो कि शेखावत की पत्नी भी मेयर पद की प्रबल दावेदार है। अजमेर की बेटी नीना अग्रवाल उदयपुर के चुनावी मैदान में: अजमेर के प्रमुख कारोबारी रहे स्वर्गीय नारायण गर्ग की पुत्री नीना अग्रवाल उदयपुर नगर निगम के वार्ड संख्या 29 से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं। नीना अग्रवाल के भाई सिविल लाइन ओंकार नगर निवासी अमित गर्ग ने बताया कि उनकी बहन की पढ़ाई लिखाई अजमेर में ही हुई। बहन का परिवार कांग्रेस से जुड़ा हुआ है, इसलिए उदयपुर में वार्ड पार्षद का चुनाव नीना अग्रवाल लड़ रही है। नीना का विवाह ओम प्रकाश अग्रवाल के पुत्र शरद अग्रवाल से हुआ है। नीना अग्रवाल की उम्मीदवारी की और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 7297059529 पर अमित गर्ग से ली जा सकती है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 03-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

क्या भाजपा में महिलाएं सिर्फ धरना प्रदर्शन करने के लिए ही है? कहां गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारी शक्ति वंदन अभियान? अजमेर में नगर निगम के चुनाव में 20 वार्डों में भाजपा के पुरुष नेताओं के परिवार की महिला सदस्य को टिकट। शहर अध्यक्ष भाजपा की मंत्री राधिका सोनी ने वीडियो जारी कर महिला कार्यकर्ताओं का दर्द बयां किया। भाजपा के नेता अपने परिवार की महिला सदस्य को अजमेर का मेयर बनवाने के लिए लालायित। ============= भाजपा में महिला कार्यकर्ता क्या सिर्फ धरना प्रदर्शन और भीड़ जुटाने के लिए ही है? यह सवाल अजमेर शहर भाजपा की जिला मंत्री राधिका सोनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा है। राधिका सोनी ने 11 सितंबर को होने वाले नगर निगम के चुनाव में टिकट बंटवारे के बाद एक सितंबर को सोशल मीडिया पर एक दर्द भरा वीडियो जारी किया है। सोनी ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी शक्ति वंदन अभियान चला रहे हैं, वहीं भाजपा में चुनाव के दौरान महिलाओं का अपमान किया जा रहा है। पीएम मोदी के अभियान के तहत अजमेर की भाजपा महिला कार्यकर्ताओं ने भी धरना किया। पार्टी के आह्वान पर महिलाओं ने विभिन्न कार्यक्रमों में भी बढ़चढ़ कर भाग लिया, लेकिन अब जब नगर निगम के चुनाव में उम्मीदवारों का चयन हुआ तो भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं की पूरी तरह उपेक्षा की गई। पार्टी के बड़े नेताओं ने अपने अपने परिवार की महिला सदस्य को वार्ड पाष्ज्र्ञद चुनाव का टिकट दे दिया। ऐसी महिलाओं को उम्मीदवार बनाया गया है जो कभी भी अपने घर से बाहर नहीं निकली। ऐसी महिलाओं को कभी भी भाजपा महिला मोर्चे के कार्यक्रमों में भी नहीं देखा गया। किसी नेता ने अपनी पत्नी, किसी ने अपने भाई की पत्नी, किसी ने अपनी बेटी किसी ने अपनी पुत्रवधू को टिकट दिलवा दिया। यदि नेताओं के परिवार की महिला सदस्यों को ही उम्मीदवार बनाना है तो फिर भाजपा में महिला कार्यकर्ताओं की क्या आवश्यकता है। सोनी ने कहा कि उन्हें भाजपा के किसी भी नेता से कोई शिकायत नहीं कर रही है, लेकिन महिला कार्यकर्ताओं की पीड़ा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाना चाहती है। वीडियो से अलग हटकर सोनी ने कहा कि अजमेर में भाजपा ने जिन महिलाओं को उम्मीदवार बनाया है, उनकी पार्टी में सक्रियता की जांच कराई जाए। महिलाओं को उम्मीदवार बनाए जाने के बारे में और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 8852081295 पर राधिका सोनी से ली जा सकती है। इन नेताओं के परिवार की महिला सदस्यों को मिला टिकट: निगम के वार्ड संख्या 12 से अजमेर शहर भाजपा के जिलाध्यक्ष रमेश सोनी ने अपनी पत्नी रंजना सोनी को ही उम्मीदवार बनवा दिया। वार्ड संख्या 3 से भाजपा के वरिष्ठ नेता सीताराम शर्मा ने अपनी पुत्रवधू श्रीमती अनामिका शर्मा को उम्मीदवार बनवाया है। वार्ड संख्या 74 से श्रीमती सोनिया जैन को उम्मीदवार बनाया गया है। सोनिया भी संघ और भाजपा से जुड़े नेता के परिवार की सदस्य है। वार्ड संख्या 4 में तो भाजपा ने कमाल ही कर दिया। यहां मोनिका जैन को उम्मीदवार बनाया है। जैन ने पिछला चुनाव कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर लड़ा था। वार्ड संख्या 80 से भाजपा के पूर्व पार्षद चंद्रेश सांखला की पुत्री काश्यपी सांखला को उम्मीदवार बनाया गया है। वार्ड संख्या 59 से भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेंंद्र सिंह शेखावत की पत्नी मधु शेखावत को उम्मीदवार बनाया गया है। वार्ड संख्या 70 से भाजपा के नेता योगेश शर्मा के भाई की पत्नी शांति शर्मा को उम्मीदवार बनाया गया है। वार्ड संख्या 10 से भाजपा के नेता सुभाष जाटव के भाई की पत्नी हेमलता जाटव को उम्मीदवार बनाया गया है। वार्ड संख्या 5 से पूर्व सरपंच लाल सिंह की पत्नी मंजू देवी को उम्मीदवार बनाया गया है। वार्ड संख्या 6 से भाजपा नेता शक्ति सिंह कच्छावा की पत्नी मीनाक्षी को उम्मीदवार बनाया गया है। वार्ड संख्या 71 से भाजपा के नेता गजेंद्र शर्मा की पत्नी रितु रानी को उम्मीदवार बनाया गया है। वार्ड संख्या 16 से भाजपा के मंडल अध्यक्ष संदीप गोयल की पत्नी तरुण गोयल को उम्मीदवार बनाया गया है। वार्ड संख्या में 69 से निवर्तमान पार्षद केके त्रिपाठी की बेटी निहारिका त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया गया है। मेयर बनने के लिए लालायित: असल में अजमेर नगर निगम के मेयर का पद इस बार अनारक्षित महिला के लिए निर्धारित किया गया है। यानी संपूर्ण वर्ग की महिला मेयर बन सकती है। यही वजह है कि भाजपा का हर नेता अपने परिवार की महिला सदस्य को मेयर बनवाने के लिए लालायित है। टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा नेत्री राधिका सोनी ने जो वीडियो जारी किया है, उसे मेरे फेसबुक पेज www.facebook.com/SPMittalblog पर देखा जा सकता है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 02-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

पीएम मोदी के माफी देने के बाद केंद्र सरकार के आग्रह पर सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच पार्टी के आंदोलन वाली सभी एफआईआर रद्द की। राहुल गांधी बताएं कि क्या अब भी देश के संविधान को खतरा है? लेकिन आंदोलन की आड़ में गुंडई करने वालों को बक्शा नहीं जाएगा। ============== एक सितंबर को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉय मालय बागची तथा जस्टिस वी.मोहना की बेंच ने कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से जुड़ी सभी एफआईआर को रद्द कर दिया। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 में विशेष सख्ती का प्रयोग किया। सीजेआई सूर्यकांत का कहना रहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका संविधान के दायरे में रहकर समाधान न निकाला जा सके। सीजेआई ने केंद्र सरकार की भी सराहना की। असल में केंद्र सरकार के आग्रह पर ही सुप्रीम कोर्ट ने छात्र आंदोलन से जुड़ी 13 एफआईआर को रद्द किया है। सुप्रीम कोर्ट की इस पहल का कॉकरोच पार्टी के नेताओं ने भी स्वागत किया है। मालूम हो कि गत 20 जुलाई को दिल्ली में कॉकरोच पार्टी ने नीट पेपर लीक के विरोध में जो धरना प्रदर्शन और संसद मार्च किया, उसमें जबरदस्त हिंसा हुई। इसके बाद देश के कई राज्यों में छात्र आंदोलन हुए। दिल्ली के जंतर मंतर पर तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भद्दी गालियां दी गई। इतना ही नहीं उनकी दिवंगत माताजी के बारे में भी अपशब्द कहे। छात्रों के आंदोलन को लेकर ही राज्यों और दिल्ली में एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद पीएम मोदी ने आग्रह किया था कि किसी भी छात्र के विरुद्ध कार्यवाही नहीं की जाए। मोदी ने छात्रों को माफ करने की बात कही। क्या अब भी संविधान खतरे में: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी अपनी हर सभा में आरोप लगाते है कि देश का संविधान खतरे में है। सुप्रीम कोर्ट सहित सभी संवैधानिक संस्थाएं दबाव में काम कर रही है। राहुल गांधी जिस संविधान को खतरे में बता रहे है, उसी संविधान के अनुच्छेद 142 का उपयोग करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने छात्र आंदोलन से जड़ी एफआईआर रद्द की है। यदि संविधान खतरे में होता और सुप्रीम कोर्ट दबाव में काम करता तो क्या छात्र आंदोलन से जुड़ी एफआईआर रद्द हो सकती थी? देश के सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर प्रदर्शित किया गया है कि संविधान को कोई खतरा नहीं है और न ही कोई संवैधानिक संस्था दबाव में काम कर रही है। एक सितंबर के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राहुल गांधी को बताना चाहिए कि संविधान को खतरा कैसे है। लेकिन गुंडा तत्वों पर कार्यवाही होगी: एक सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने छात्र आंदोलन से जुड़ी सभी एफआईआर को रद्द कर दिया है, लेकिन 20 जुलाई को छात्र आंदोलन की आग में दिल्ली में जिन गुंडा तत्वों ने हिंसा की उनके विरुद्ध कार्यवाही जारी रहेगी। दिल्ली पुलिस ने 2873 ऐसे व्यक्तियों को नामजद किया है, जिनकी आपराधिक पृष्ठभूमि है। ऐसे गुंडा तत्व भी 20 जुलाई को छात्रों के आंदोलन में शामिल हो गए थे। S.P.MITTAL BLOGGER ( 02-09-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

मनुस्मृति की आड़ में जातियों के भेदभाव का जो जहर अंग्रेजों ने घोला, वो ही काम अब राहुल गांधी कर रहे हैं। दलितों के साथ भेदभाव करने का झूठ पुष्कर में पकड़ा गया। सनातन संस्कृति में तो वसुधैव कुटुम्बकम यानी संपूर्ण पृथ्वी ही परिवार है कि अवधारणा है। ============= कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे और मौजूदा समय में लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी इन दिनों देश भर में जातिवाद का जहर घोल रहे हैं। 29 अगस्त को दिल्ली में एक वीडियो ब्रीफिंग में राहुल गांधी ने दलितों के साथ भेदभाव के जो उदाहरण दिए उन में गत 8 अगस्त को उत्तराखंड की घटना का भी उल्लेख किया। राहुल गांधी का आरोप रहा कि जिस मंच से कांग्रेस के राट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने भाषण दिया, उस मंच को कुछ हिंदूवादियों ने शुद्धिकरण के नाम पर हवन यज्ञ किया। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि खडग़े दलित हैं। राहुल के इस भेदभाव के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। इसी ब्रीफिंग में उत्तर प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने आरोप लगाया कि रामनाथ कोविंद जब राष्ट्रपति थे, तब उन्होंने 14 मई 2018 को अजमेर के पुष्कर तीर्थ की यात्रा की थी। तब दलित होने के कारण कोविंद और उनके परिवार के सदस्यों को ब्रह्मा मंदिर में प्रवेश नहीं दिया गया। गौतम द्वारा बताई गई, इस घटना पर राहुल गांधी ने भी सहमति जताई, लेकिन पुष्कर के तीर्थ पुरोहितों और ब्रह्मा मंदिर के मुख्यपुजारी गोपाल कृष्ण वशिष्ठ ने गौतम के कथन को सफेद झूठ बताया है। पुरोहित संघ के अध्यक्ष पुष्कर नारायण आदाली और वशिष्ठ ने बताया कि 14 मई 2018 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पत्नी सविता कोविंद और पुत्री स्वाति कोविंद को सनातन धर्म की वैदिक परपंरा के अनुरूप पवित्र सरोवर के घाट पर पूजा अर्चना करवाई गई। सरोवर की पूजा अर्चना के बाद तीनों सदस्य ब्रह्मा मंदिर के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में आए, लेकिन सविता कोविंद के घुटने की तकलीफ के कारण मंदिर की सीढिय़ा चढऩे में परेशानी हुई। कुछ सीढिय़ा चढऩे के बाद सविता कोविंद किनारे बैठ गई। इसी स्थान पर राष्ट्रपति रामनाक कोविंद भी बैठे। चंूकि सविता कोविंद के लिए सीढिय़ा चढऩा मुश्किल हो रहा था, इसलिए मंदिर के पुजारियों ने सीढियों पर ही पूजा करवाई। राष्ट्रपति दम्पत्ति ने सीढियों पर खड़े हो कर ही ब्रह्मा जी के दर्शन किए, जबकि पुत्री स्वाति कोविंद ने मंदिर के अंदर जाकर दर्शन किए। स्वाति कोविंद ने ब्रह्मा जी की प्रतिमा की परिक्रमा भी लगाई। पुजारी वशिष्ठ और तीर्थ पुरोहित संघ के अध्यक्ष आदाली ने कहा कि पुष्कर आने वाले किसी भी यात्री के साथ जाति के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता। यहां सभी जातियों के श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति के अनुरूप पूजा अर्चना करवाई जाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने राहुल गांधी की उपस्थिति में पुष्कर तीर्थ को बदनाम करने वाला काम किया है। इन दोनों को अपने कृत्य के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की पत्नी की परेशानी के बाद ही मंदिर परिसर में लिफ्ट लगाई गई है। अब बुजुर्ग श्रद्धालु भी लिफ्ट से ब्रह्माजी के दर्शन कर रहे हैं। वसुधैव कुटुम्बकम्: असल में राहुल गांधी वो काम कर रहे है जो अंग्रेजों ने भारत में शासन करने के लिए किया था। अंग्रेजों ने हिंदू धर्म को विभाजित करने के लिए ही जातियों के भेदभाव का जहर घोला। इतिहास बताता है कि मनुस्मृति का अंग्रेजी अनुवाद 1783-84 में कोलकाता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस विलियम जॉनसन ने किया, लेकिन तब मनुस्मृति की मूल प्रति उपलब्ध नहीं हुई। विलियम जॉनसन ने अपने नजरिए से मनुस्मृति की व्याख्या की। असल में यह हिंदू समाज को बांटने का षडय़ंत्र था। जो काम अंग्रेजों ने किया वही काम अब राहुल गांधी कर रहे है। राहुल गांधी को यह भी समझना चाहिए जो आज जिस मनुस्मृति की आलोचना राहुल गांधी कर रहे है, उसी मनुस्मृति का संस्करण 1972 में भारती विद्या भवन द्वारा तब प्रकाशित किया गया, जब श्रीमती इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री थी। इसी प्रकार राजीव गांधी के प्रधानमंत्री रहते हुए 1985 में भारत सरकार के सहयोग से मनुस्मृति का नया संस्करण प्रकाशित हुआ। यदि मनुस्मृति ग्रंथ इतना खराब था तो फिर श्रीमती इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए क्यों प्रकाशित करवाया? राहुल गांधी अपने राजनीतिक स्वार्थों के खातिर भले ही हिंदू समाज को बांटने का काम करे, लेकिन भारत की सनातन संस्कृति की धारणा तो वसुधैव कुटुम्बकम् यानी संपूर्ण पृथ्वी ही परिवार की शिक्षा देती है। हमारे ग्रंथ शांति विज्ञान, चिकित्सा, दर्शन और मानवता के असली स्त्रोत है। जब हम पूरी पृथ्वी को अपना परिवार मानते हें, तब हिंदू समाज जाति के आधार पर किसी से भी भेदभाव नहीं कर सकता। आज राष्ट्रपति के पद पर आदिवासी समाज की महिला विराजमान है। वहीं प्रधानमंत्री के तौर पर पिछड़ी जाति के ही नरेंद्र मोदी है। भारत में कभी भी जाति के आधार पर भेदभाव नहीं हुआ। S.P.MITTAL BLOGGER ( 31-08-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

शहरी निकायों के वार्ड चुनाव में उम्मीदवारों की घोषणा करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही भाजपा-कांग्रेस। अब 3 सितंबर को निर्वाचन अधिकारी के समक्ष ही जमा होंगे सिंबल। नामांकन की अंतिम तिथि 31 अगस्त है। अजमेर में ज्ञान सारस्वत ने बताया कि वायदा भी मायने रखता है। भाजपाई ही निभा रहे हैं कांग्रेस की भूमिका। दारा का कार्टून। ================ राजस्थान के 309 शहरी निकायों के 10 हजार 245 वार्डों के पार्षद पद के चुनाव के लिए 9 और 11 सितंबर को मतदान होना है। नामांकन की अंतिम तिथि 31 अगस्त है। 30 अगस्त को रविवार का अवकाश होने के कारण नामांकन नहीं हो सके। सत्तारूढ़ भाजपा और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस में टिकट बंटवारे को लेकर जो जूतम पैजार हो रही है उसके कारण दोनों ही दल उम्मीदवारों की घोषणा करने की हिम्मत नहीं कर पा रहे है। आमतौर पर नामांकन के साथ ही पार्टी का सिंबल (चुनाव चिह्न) जमा करवाया जाता है। लेकिन अभी तक भी किसी भी दल ने अपने उम्मीदवारों को सिंबल नहीं दिया है। दोनों ही दलों की यह स्थिति बताती है कि संगठन का कोई वजूद नहीं है। यदि संगठन का वजूद होता तो नामांकन वाले दिन ही अधिकृत उम्मीदवार की घोषणा कर दी जाती। जानकारों की माने तो अब 3 सितंबर को सीधे निर्वाचन अधिकारी के समक्ष ही सामूहिक तौर पर अधिकृत प्रत्याशी का सिंबल जमा करवाया जाएगा। 3 सितंबर को ही नाम वापसी हो सकेगी। निर्वाचन विभाग के चुनाव की जो प्रक्रिया घोषित की है उसके अनुसार 27 से 31 अगस्त तक नामांकन होंगे और एक सितंबर को सभी नामांकन पत्रों की जांच होगी। जो नामांकन पत्र अधूरे होंगे उन्हें निर्वाचन अधिकारी निरस्त कर देंगे। 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नामांकन वापस लेने के बाद निर्वाचन अधिकारी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की घोषणा करेंगे। निज राजनीतिक दलों के सिंबल प्राप्त हो जाएंगे, वहां पार्टी के उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया जाएगा। जबकि शेष निर्दलीय उम्मीदवारों को 4 सितंबर को चुनाव चिन्ह आवंटित होंगे। 9 व 11 सितंबर को मतदान के बाद 14 सितंबर को परिणाम घोषित किया जाएगा। चुनावी वादे के मायने: अजमेर नगर निगम के तीन बार पार्षद रहे ज्ञान सारस्वत ने प्रदर्शित किया है कि राजनीति में वादा भी मायने रखता है। सारस्वत ने घोषणा की है कि वादे के मुताबिक वे इस बार वार्ड पार्षद का चुनाव नहीं लड़ेंगे। सारस्वत ने बताया कि गत बार उन्होंने अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। तब उन्होंने मतदाताओं से वादा किया था कि नगर निगम का चुनाव नहीं लड़ेंगे भले ही वे विधानसभा चुनाव हार गए, लेकिन अपने वादे पर कायम है। चूंकि उन्होंने वादा किया इसलिए वे अथवा उनके परिवार का कोई भी सदस्य चुनाव नहीं लड़ेगा। मालूम हो कि सारस्वत ने विधानसभा के मौजूदा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के खिलाफ चुनाव लड़ा था और 26 हजार वोट प्राप्त किए थे। अब सारस्वत ने चुनाव न लड़ने की घोषणा की है। तब यह देखना होगा कि सारस्वत निगम चुनाव में राजनीतिक भूमिका किस प्रकार निभाते हैं। विधानसभा का चुनाव बागी उम्मीदवार के रूप में लड़ने के कारण सारस्वत को भाजपा से निष्कासित कर दिया था। सारस्वत अभी तक भाजपा से निष्कासित है। हो सकता है कि सारस्वत के प्रभाव को देखते हुए पुन: भाजपा में शामिल कर लिया जाए। भाजपाई कांग्रेस की भूमिका में: अजमेर नगर निगम के पूर्व मेयर धर्मेन्द्र गहलोत इन दिनों विपक्ष के नेता की भूमिका में है। गहलोत के निशाने पर क्षेत्रीय विधायक वासुदेव देवनानी है। गहलोत ने अपनी पत्नी हेमा गहलोत का वार्ड 4 से नामांकन भी करवा दिया है। दारा का कार्टून: स्थानीय निकाय के चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों में टिकटों को लेकर जो जूतम पैजार हो रही है उस पर कार्टूनिस्ट जसवंत दारा ने सटीक कार्टून बनाया। इस कार्टून को मेरे फेसबुक पेज www.facebook.com/SPMittalblog पर देखा जा सकता है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 29-08-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

भारत में कोई मुसलमान न रहे, ऐसा सोचने वाला हिन्दू नहीं हो सकता। मोहन भागवत के इस कथन के बाद मुसलमानों में संघ के प्रति धारणा बदलनी चाहिए। हिंदुओं के साथ रहने से ही मुसलमान सुरक्षित हैं। ================ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों अमेरिका की यात्रा पर है। इस यात्रा के दौरान ही 29 अगस्त को भागवत ने न्यूयॉर्क में आयोजित एक समारोह में वन वर्ल्ड वन ह्यूमैनिटी विषय पर बोलते हुए कहा कि अगर कोई हिन्दू यह सोचता है कि भारत में कोई मुसलमान नहीं होना चाहिए तो वह हिंदू नहीं हो सकता। अगर आप खुद को हिन्दू कहना चाहते हैं तो आपको यह मानना होगा कि सभी रास्ते एक ही लक्ष्य की ओर ले जाते हैं। हर इंसान की गरिमा है। इंसानों के बीच कोई भेदभाव संभव नहीं है। भागवत का यह कथन दर्शाता है कि संघ भारत में रहने वाले भारतीय मुसलमानों का विरोधी नहीं करता है। भारत में आमतौर पर मुसलमान संघ को विरोधी मानते हैं, लेकिन अब जब भागवत ने स्पष्ट कह दिया है कि मुसलमानों की उपस्थिति को न मानने वाला हिन्दू नहीं हो सकता है तो फिर मुसलमानों को संघ के प्रति अपनी धारणा बदलनी चाहिए। भागवत का यह कथन बहुत मायने रखते हैं कि इंसान में भेदभाव नहीं किया जा सकता। असल में मोहन भागवत सनातन धर्म के प्रबल समर्थक हैं और दुनिया में सनातन धर्म ही एकमात्र धर्म है, जिसमें दूसरे धर्म का भी सम्मान किया जाता है। इसलिए भागवत ने इंसान में भेदभाव करने की बात को नकारा है। भागवत ने न्यूयॉर्क में जो बयान दिया उसे भारत के आम मुसलमानों को समझना चाहिए। भागवत पहले भी ऐसे बयान दे चुके हैं, लेकिन अमेरिका में दिया बयान बहुत मायने रखता है। कांग्रेस और वामपंथी विचारधारा के जो लोग विदेशों में यह बताते है कि भारत में मुसलमानों के साथ भेदभाव होता है, उस प्रोपेगेंडा को भी भागवत ने समाप्त करने का काम किया है। भारत में संघ को ही हिंदू समुदाय का प्रतिनिधि माना जाता है। ऐसे में यदि संघ प्रमुख ने हिंदू और मुसलमान के बीच भाईचारे वाला संदेश दिया है तो यह भारत की एकता को भी प्रदर्शित करता है। भारत में जो राजनेता मुसलमानों की राजनीति करते हैं, उन्हें भी अब भागवत के बयान का स्वागत करना चाहिए। मुसलमान की सुरक्षा: मुसलमान भले ही किसी मुस्लिम देश में सुरक्षित न हो, लेकिन भारत में आम मुसलमान सुरक्षित है। इसका मुख्य कारण यही है कि 25 करोड़ मुसलमान 115 करोड़ हिंदुओं के साथ रह रहे है। यानी हिंदुओं के साथ रहने के कारण ही मुसलमान सुरक्षित है। जिस दिन मुसलमान को मुसलमान के साथ रहना पड़ेगा। उस दिन भारत के हालात भी ईरान, बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, इराक जैसे हो जाएंगे। मुसलमानों के वोटों पर राजनीति करने वाले राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, लालू प्रसाद यादव जैसे नेता माने या नहीं, लेकिन भारत में मुसलमान पूरे सम्मान और समृद्धि के साथ रह रहा है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 30-08-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

88 वर्ष की उम्र में 81 कविताओं वाली 45वीं पुस्तक का प्रकाशन। विनोद सोमानी से देश के बुजुर्ग प्रेरणा ले-लोकबंधु कलेक्टर। 39 वर्ष की सेवा के बाद राजीव चतुर्वेदी शिक्षा बोर्ड से सेवानिवृत्त। ठाकुर किशन सिंह जी की पुण्य स्मृति में 30 अगस्त को सुंदरकांड पाठ। एक सितंबर को पुष्कर के ब्रह्मा सावित्री वेद विद्यालय में शिव जलधारा। ================ 29 अगस्त को अजमेर के जिला कलेक्टर लोकबंधु ने वयोवृद्ध साहित्यकार, कवि व लेखक डॉ. विनोद सोमानी ‘हंस के नवीन काव्य संग्रह मेरे एहसास का लोकार्पण किया। इस अवसर पर कलेक्टर ने कहा कि देश के बुजुर्गों को साहित्यकार सोमानी के हौंसले और जज्बे से प्रेरणा लेनी चाहिए। 88 वर्ष की उम्र में भी विनोद सोमानी लेखन का कार्य कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि यदि व्यक्ति में हौसला और जज्बा हो तो उम्र कोई मायने नहीं रखती है। कलेक्टर ने सोमानी के पुत्र और मित्तल अस्पताल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. श्याम सोमानी की भी प्रशंसा की। कलेक्टर ने कहा कि अपने पिता के हौसले को बनाए रखने के लिए श्याम सोनी पुस्तक प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कलेक्टर लोक बंधु ने संग्रह में शामिल 81 कविताओं पर रुझान व्यक्त करते हुए कहा कि मेरे अहसास काव्य संग्रह की प्रत्येक कविता पाठक को पढ़ते हुए स्वयं के अनुभव और अहसास से बरबस जोड़ देती है। कविता का रसास्वादन करते हुए लगता है कि जैसे स्वयं के जीवन के उतार-चढ़ाव, खट्टे-मीठे अनुभव, संघर्ष और हर्ष के क्षण, साहस व क्षोभ के विषय फिल्म की तरह दृश्य बन कर आंखों के सामने घूम रहे हों। साहित्यिक उपलब्धियां: डॉ विनोद सोमानी हंस राजस्थान के उन चुनिंदा साहित्यकारों में शामिल हैं जिन्हें वर्ष 2023-24 में राजस्थान साहित्य अकादमी का अमृत सम्मान प्राप्त हुआ है। अजयमेरु प्रेस क्लब अजमेर ने विशिष्ट साहित्यकार सम्मान वर्ष 2026 में प्रदान किया है। अब तक उनकी 43 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें कहानी, कविता संग्रह, उपन्यास, जीवनी, व्यंग्य संग्रह, राजस्थानी कृतिया, अनुवाद एवं चिंतनात्मक निबंध शामिल हैं। उनका लघु कविता संग्रह मेहर के मोती के बाद यह मेरे अहसास नया काव्य संग्रह प्रकाशित हुआ है। मेरे अहसास काव्य संग्रह को डॉ विनोद सोमानी हंस ने अपने मार्गदर्शक, स्नेह और प्रेरणा के पुंज श्रद्धेय मुन्नालाल मित्तल, स्वर्गीय डॉ शकुंतला मित्तल किरण, मित्तल परिवार के अनिल मित्तल, सुनील मित्तल, डॉ दिलीप मित्तल, मनोज मित्तल को समर्पित किया है। डॉ हंस के शब्दों में मित्तल परिवार ना सिर्फ उनके बल्कि उनके पुत्र डाॅ.श्याम सोमानी के भौतिक व जैविक जीवन वृतांत के अटूट आधार हैं। संपादकीय लेख : इस संग्रह का संपादकीय डॉ.हंस के पुत्र डॉ सीए श्याम सोमानी ने लिखा है। उन्होंने पिता की बढ़ती आयु के साथ स्वास्थ्य की चिंता को रेखांकित करते हुए उनकी सृजनात्मक कर्मठता को युवा साहित्यकारों के लिए प्रेरणास्पद बताया है। सोमानी ने लिखा कि पिताजी ने अपनी कविताओं में आम आदमी की पीड़ाओं और विषमताओं पर खुलकर कलम चलाई है। उनकी गजलें आस्था और आशा से भरी होती हैं। वे अपने लेखन में जीवन के हर विषय हर रंग को ईमानदारी से प्रकट करते हैं। इस नए काव्य संग्रह को भी पाठक पूर्व की तरह सराहेंगे। उन्होंने प्रकाशक साहित्यागार एवं उनकी टीम को सहयोग के लिए आभार जताया और शुभचिंतकों का धन्यवाद किया। मोबाइल नंबर 9314390005 पर श्याम सोमानी को शुभकामनाएं दी जा सकती है। राजीव चतुर्वेदी की सेवानिवृत्ति: 31 अगस्त को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सहायक निदेशक के पद से राजीव चतुर्वेदी की सेवानिवृत्ति हो रही है। चतुर्वेदी ने 39 वर्ष तक राजकीय सेवा में कार्य किया है। वे माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में सहायक निदेशक लेखा, सहायक निदेशक संस्थापक, जनसंपर्क अधिकारी के पदों पर कार्यरत रहे। साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के कारण चतुर्वेदी को कई सम्मान भी मिले। सेवानिवृत्ति पर चतुर्वेदी ने बोर्ड के सभी कार्मिकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ के साथ भले ही अल्प समय तक ही काम करने का अवसर मिला हो लेकिन उन्हें राठौड़ से बहुत कुछ सीखने को मिला है। मोबाइल नंबर 9460091086 पर राजीव चतुर्वेदी को शुभकामनाएं दी जा सकती है। सुंदरकांड पाठ: किशन सिंह राठौड़ की पुण्य स्मृति में 30 अगस्त को रात 8 बजे से पुष्कर रोड स्थित बाबा रामदेव मंदिर के पीछे गणपति नगर नौसर घाटी में पीएस राठौड़ के निवास स्थान पर सुंदर कांड पाठ होगा। यह पाठ पुष्कर के पंडित रवि शर्मा करेंगे। पीएस राठौड़ ने बताया कि सुंदर कांड पाठ के साथ भजनों की प्रस्तुति भी होगी। पाठ के बारे में और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 9413095156 पर पीएस राठौड़ से ली जा सकती है। शिव जलधारा: ट्रेवल्स और खाद्य तेलों के प्रमुख कारोबारी नवल किशोर खंडेलवाल की ओर से एक सितंबर को पुष्कर स्थित ब्रह्मा सावित्री वेद विद्यापीठ में विशेष शिव जलधारा का आयोजन किया गया है। खंडेलवाल ने बताया कि दोपहर एक बजे जलधारा एवं पूजन का कार्यक्रम होगा। शाम पांच बजे महाआरती के बाद प्रसादी का आयोजन किया गया है। इस धार्मिक आयोजन के बारे में और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 9829163825 पर नवल किशोर खंडेलवाल से ली जा सकती है। S.P.MITTAL BLOGGER ( 30-08-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

आबादी में तेजी से हुए बदलाव का अध्ययन करने वाली नावलेकर कमेटी जल्द राजस्थान आएगी। सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ साथ मेवात, जयपुर, अजमेर आदि का भी दौरा करेगी। ================ देश के कई राज्यों में आबादी तेजी से बढ़ी है। तेजी से आबादी बढ़ने की जांच के लिए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रकाश प्रभाकर नावलेकर की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी ऐसे प्रदेशों में जाकर आबादी में वृद्धि के कारणों की जांच कर रही है। नावलेकर की अध्यक्षता वाली कमेटी जल्द ही राजस्थान का भी दौरा तय करेगी। जानकारी के मुताबिक कमेटी के सदस्य पाकिस्तान की सीमा से लगे बाड़मेर, जैसलमेर जिलों का तो दौरा करेगी ही साथ ही अलवर, भरतपुर के मेवात क्षेत्र और अजमेर, जयपुर का भी दौरा करेगी। असल में केंद्र सरकार को जानकारी मिली कि इन क्षेत्रों में आबादी में अचानक बदलाव हुआ है। यानी जन्म के आधार पर जनसंख्या नहीं बढ़ी। जनसंख्या बढ़ने का कारण घुसपैठ रहा। अचानक आबादी बढ़ जाने से इन क्षेत्रों में अपराध भी बढऩे लगे हैं। नावलेकर कमेटी ने हाल ही में जम्मू कश्मीर का दौरा किया। कमेटी ने जो आंकड़े जुटाए उसके अनुसार कश्मीर घाटी में रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों ने घुसपैठ की। अधिकृत तौर पर 10 हजार रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठिए पाए गए। जबकि अवैध तौर पर रह रहे घुसपैठियों की संख्या बहुत ज्यादा है। ऐसी ही स्थिति राजस्थान में भी बताई जा रही है। हरियाणा की सीमा से लगे अलवर और भरतपुर के मेवा क्षेत्र में बड़ी संख्या में घुसपैठ बताए जा रहे है। अब तो मेवात क्षेत्र साइबर क्राइम का बड़ा केंद्र बन गया है। मेवात में ऐसे इलाके हैं, जहां पुलिस का जाना भी मुश्किल होता है। जयपुर में भी ऐसे कई क्षेत्र विकसित हो गए हैं जहां आबादी तेजी से बढ़ी है। जयपुर के ऐसे इलाकों में भी पुलिस को पर्याप्त सुरक्षा के साथ जाना पड़ता है। अजमेर में भी घुसपैठियों ने अपनी मजबूत जमीन तैयार कर ली है। यही वजह है कि कई अवसरों पर कुख्यात अपराधी अजमेर से गिरफ्तार हुए हैं। नावलेकर कमेटी के सामने सबसे बड़ी चिंता यह है कि घुसपैठियों ने भारत में जरूरी दस्तावेज बनवा लिए है। ऐसे दस्तावेज सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल के है। यानी पश्चिम बंगाल का निवासी होने वाले पहचान पत्र लेकर घुसपैठिए अजमेर तक में बसे हुए है। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन होने के बाद ऐसे पहचान पत्रों की विस्तृत जांच पड़ताल हो रही है। जानकारी के मुताबिक नावलेकर कमेटी जब आएगी, तब प्रशासन की ओर से व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा। ताकि जागरूक लोग भी कमेटी के समक्ष उपस्थित होकर जानकारी दे सकते हैं। S.P.MITTAL BLOGGER ( 29-08-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511

अनिल मित्तल को कांग्रेस में शामिल कर रघु शर्मा ने केकड़ी में अपनी जीत की नींव रखी। भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ और उत्साह को देखते हुए देवनानी भावुक हुए। शेखावत ने वार्ड पार्षद के पद के दावेदारों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। अजमेर के वार्ड 4 में हेमा गहलोत का मुकाबला मोनिका जैन से। ================= अजमेर जिले के उपखंड केकड़ी नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा के कद्दावर नेता अनिल मित्तल ने 25 अगस्त को कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। मित्तल के कांग्रेस में आने के साथ ही पूर्व कैबिनेट मंत्री रघु शर्मा ने केकड़ी में अपनी जीत की नींव रख ली। रघु गत बार 7 हजार मतों से विधानसभा चुनाव हारे थे, लेकिन अब 2 वर्ष बाद होने वाले चुनाव की तैयारी रघु ने अभी से ही कर ली है। 25 अगस्त को जब रघु शर्मा की उपस्थिति में अनिल मित्तल ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की तो रघु ने कहा,मित्तल का प्रभाव शहरी क्षेत्र में ही नहीं बल्कि केकड़ी के ग्रामीण क्षेत्रों में भी है। मित्तल सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े हैं। इसलिए संपूर्ण केकड़ी क्षेत्र में प्रभाव है। उन्होंने माना कि मित्तल के साथ राजनीतिक मतभेद रहे, लेकिन मित्तल ने कभी भी मुझ पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की। रघु ने कहा कि जब अनिल मित्तल जैसे नेता का भाजपा में सम्मान नहीं है, तो भाजपा के हालातों का अंदाजा लगाया जा सकता है। रघु ने कहा कि मित्तल के कांग्रेस में शामिल होने से केकड़ी क्षेत्र के चारों शहरी निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में कांग्रेस मजबूत होगी। मित्तल के शामिल होने के बाद केकड़ी नगर पालिका में कांग्रेस का बोर्ड बनकर रहेगा। अभी भी कांग्रेस का ही बोर्ड है। गत विधानसभा के चुनाव में भी केकड़ी शहर से कांग्रेस की ीत हुई थी। कांग्रेस में शामिल होने पर मित्तल ने रघु शर्मा का आभार जताया। उन्होंने कहा कि रघु शर्मा के विधायक रहते हुए ही गत कांग्रेस के शासन में केकड़ी को जिला बनाया गया था। केकड़ी में कलेक्टर और एसपी बैठने भी लगे थे। जिला बनने पर केकड़ी का विकास तेजी से हो रहा था। तत्कालीन जिला कलेक्टर श्वेता चौहान ने औद्योगिक क्षेत्र को स्वीकृत भी दे दी थी, लेकिन भाजपा के शासन में केकड़ी के जिले के दर्जे को समाप्त कर दिया गया। इससे केकड़ी में निराशा का माहौल है। मित्तल ने भाजपा के विधायक शत्रुघ्न गौतम का नाम लिए बगैर कहा कि मेरे लिए अब भाजपा में काम करना मुश्किल हो रहा था। अब मैं रघु शर्मा को पुनः विधायक बनवाने के लिए मेहनत करुंगा। रघु शर्मा के नेतृत्व में ही केकड़ी के साथ साथ सरवाड़, सावर और टांटोटी नगर पालिका में कांग्रेस के बोर्ड बनाए जाएंगे। रघु शर्मा जब विधायक बनेंगे तो केकड़ी को फिर से जिले का दर्जा मिल जाएगा। मित्तल के कांग्रेस में शामिल होने के समारोह में केकड़ी कांग्रेस के सभी बड़े नेता शामिल रहे। हेमंत जैन,समरवीर सिंह, शैलेंद्र सिंह शेखावत, श्यामलाल बैरवा, कमल साहू, सीमा चौधरी, कन्हैयालाल माली, हाजी साहब के साथ साथ रघु शर्मा के पुत्र सागर शर्मा ने भी मित्तल का माला पहनाकर स्वागत किया। समारोह में बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद रहे। देवनानी भावुक हुए: अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों के लिए 11 सितंबर को मतदान होना है। अजमेर उत्तर क्षेत्र के 38 वार्डों में भाजपा के दावेदारों का एक सम्मेलन 25 अगस्त को विजय लक्ष्मी पार्क में हुआ। इसमें क्षेत्रीय भाजपा विधायक और विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी भी उपस्थित रहे। देवनानी ने कहा कि इस समय में संवैधानिक पद पर हूं और मेरी अपनी सीमाएं हैं, लेकिन कार्यकर्ताओं की भीड़ और उत्साह को देखते हुए मैं स्वयं को रोक नहीं पा रहा। भरे हुए गले से देवनानी ने कहा कि मेरे कार्यकर्ताओं की वजह से ही मैं गत पांच बार से इस क्षेत्र से चुनाव जीत रहा हं। विपरीत परिस्थितियों में भी इन्हीं कार्यकर्ताओं ने मुझे जितवाया। मैं क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं का ऋणी हूं। देवनानी ने कहा कि एक वार्ड से अनेक दावेदार हैं, जिन्हें टिकट न मिले वे निराश न हो। आने वाले दिनों में अधिकांश कार्यकर्ताओं को निगम में मनोनीत पार्षद और अन्य सरकारी संस्थाओं में सदस्य के तौर पर नियुक्ति मिलेगी। मैं स्वयं एक एक कार्यकर्ता की मेहनत को देख रहा हूं। देवनानी ने कहा कि भाजपा की ओर से तीसरी आंख भी लगी हुई है, जो हर कार्यकर्ता की गतिविधि पर निगरानी कर रहे हैं। देवनानी ने माना कि इन दिनों भाजपा के कुछ नेता पार्टी विरोधी काम कर रहे हे। पूर्व मेयर धर्मेन्द्र गहलोत का नाम लिए बगैर देवनानी ने कहा, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति है। किसी भी भ्रष्टाचारी को बक्शा नहीं जाएगा। मालूम हो कि धर्मेन्द्र गहलोत के मेयर के कार्यकाल में 13 कमर्शियल नक्शों के भ्रष्टाचार के प्रकरण में राज्य सरकार ने गत 18 अगस्त को अभियोजन की स्वीकृति दी है। गहलोत ने सरकार के इस कदम के लिए देवनानी को जिम्मेदार ठहराते हुए भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। कहा जा रहा है कि अब राजनीतिक दृष्टि से देवनानी को मात देने के लिए धर्मेन्द्र गहलोत चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों को खड़ा करेंगे। गहलोत ने कहा भी है कि उनका भाजपा से कोई विवाद नहीं है, लेकिन वे देवनानी को सबक जरूर सिखाएंगे। अनुशासन का पाठ: 25 अगस्त को ही अजमेर दक्षिण क्षेत्र के भाजपा के दावेदारों का एक समारोह मनुहार गार्डन में हुआ। भाजपा विधायक अनिता भदेल ने कहा, हमें फिर से नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बनवाना है। वहीं दावेदारों को भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र सिंह शेखावत ने अनुशासन का पाठ पढ़ाया। शेखावत ने कहा कि दक्षिण क्षेत्र के 42 वार्डों में पार्षद पद का टिकट मांगने के लिए लंबी कतार है। पार्टी की ओर से एक ही व्यक्ति को टिकट मिलेगा। जिन्हें टिकट न मिले, वे पार्टी के अनुशासन में रहकर अधिकृत उम्मीदवार को जितवाने का काम करे। शेखावत ने कार्यकर्ताओं से हाथ खड़े करवा कर संकल्प कराया कि पार्टी जिसे उम्मीदवार बनाएगी, उसे जितवाएंगे। शेखावत ने पूछा कि कोई दावेदार बगावत तो नहीं करेगा। मालूम हो कि शेखावत ने पूर्व में मेयर पद का चुनाव कांग्रेस के समर्थन से लड़ा था। इस बार नगर निगम के मेयर का पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए है। शेखावत का प्रयास है कि उनकी पत्नी को मेय बनवाया जाए। हेमा का मुकाबला मोनिका से: अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में से सबसे दिलचस्प मुकाबला उत्तर क्षेत्र में आने वाले वार्ड संख्या 4 में होगा। इसी वार्ड के मतदाता क्षेत्रीय भाजपा विधायक और विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी भी है। यानी यह वार्ड देवनानी का है। प्रशासन द्वारा निकाली गई लॉटरी में यह वार्ड ओबीसी वर्ग की महिला के लिए आरक्षित हुआ है। यही वजह है कि भाजपा के बागी पूर्व मेयर धर्मेन्द्र गहलोत ने अपनी पत्नी हेमा गहलोत को इस वार्ड से चुनाव लड़ने की योजना बनाई है। इसके लिए गहलोत ने वार्ड में आने वाली महावीर कॉलोनी, रामनगर संत कंवरराम कॉलोनी आदि में जनसंपर्क भी शुरू कर दिया है। वही भाजपा ने इस वार्ड से सामाजिक कार्यकर्ता दीपक जैन की पत्नी मोनिका जैन को उम्मीदवार बनाने की रणनीति बना ली है। देवनानी की उपस्थिति में ही 25 अगस्त को दीपक जैन और उनकी पत्नी मोनिका को भाजपा की सदस्यता ग्रहण करवाई गई। जैन दम्पत्ति ने कहा कि देवनानी जो निर्देश देंगे उसका पालन किया जाएगा। मालूम हो कि मोनिका ने गत बार कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर इसी वार्ड से चुनाव लड़ा था। तब इस वार्ड से भाजपा के रमेश सोनी की जीत हुई थी। मोनिका ओबीसी वर्ग में इसलिए वे ओबीसी वर्ग की महिला के लिए आरक्षित इस वार्ड से चुनाव लड़ने के लिए पात्र है। महावीर कॉलोनी में अधिकांश परिवार जैन धर्म को मानने वाले है। दीपक जैन का जैन समुदाय में खास प्रभाव है। वही संत कंवरराम कॉलोनी में सभी परिवार सिंधी समुदाय के है, जो देवनानी को ही अपना नेता मानते हैं। S.P.MITTAL BLOGGER ( 26-08-2026) Website- www.spmittal.in Facebook Page- www.facebook.com/SPMittalblog Follow me on Twitter- https://twitter.com/spmittalblogger?s=11 Blog- spmittal.blogspot.com To Add in WhatsApp Group- 9166157932 To Contact- 9829071511